मिडिल ईस्ट में युद्ध तेज, जंग के 9वें दिन ईरान के ड्रोन-मिसाइल हमले, कई देशों में हाई अलर्ट

Iran, Israel और United States के बीच संघर्ष नौवें दिन भी जारी है। मिसाइल और ड्रोन हमलों से मिडिल ईस्ट में क्षेत्रीय तनाव बढ़ा, कई देशों में सुरक्षा अलर्ट।

Iran और Israel के बीच जारी संघर्ष नौवें दिन भी तेज बना हुआ है। मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच United States की सैन्य गतिविधियों से मिडिल ईस्ट में क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

Middle East Conflict: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष अब नौवें दिन में प्रवेश कर चुका है और हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। क्षेत्र में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने पूरे इलाके को अस्थिर कर दिया है। इस टकराव में अब खाड़ी देशों का नाम भी जुड़ने लगा है, जिससे युद्ध का दायरा और व्यापक होता दिखाई दे रहा है।

ईरान लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए अपने विरोधियों को निशाना बना रहा है। वहीं दूसरी ओर अमेरिका और इजरायल भी सैन्य कार्रवाई जारी रखे हुए हैं। लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाई के कारण मिडिल ईस्ट में सुरक्षा की स्थिति गंभीर बनी हुई है और कई देशों ने अपने एयरस्पेस और हवाई संचालन पर विशेष निगरानी बढ़ा दी है।

खामेनेई की मौत के बाद बढ़ा संघर्ष

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ गया है। इसके बाद से ईरान की ओर से खाड़ी देशों और इजरायल को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।

रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान झुकने के बजाय आक्रामक रुख अपनाते हुए मिसाइल हमलों के जरिए जवाब दे रहा है। कई खाड़ी देशों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

इस संघर्ष में अब कई देशों के शामिल होने की आशंका भी बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात इसी तरह बने रहे तो यह टकराव बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है।

अमेरिकी सेना का दावा: हजारों ठिकानों पर हमले

संघर्ष के बीच अमेरिकी सेना ने भी बड़ा दावा किया है। अमेरिकी सेना के अनुसार युद्ध के पहले सप्ताह के दौरान ईरान ने 3,000 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया। इन हमलों के बाद अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने भी अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। कई सैन्य ठिकानों पर अतिरिक्त सुरक्षा तैनात की गई है और संभावित हमलों को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई गई है।

इस बीच इजरायली सेना ने भी एक बड़ी कार्रवाई का दावा किया है। इजरायल का कहना है कि उसने बेरूत में हिजबुल्लाह के कमांडर जैद अली जुमा को मार गिराया है। यह घटना संघर्ष को और तीखा बना सकती है, क्योंकि हिजबुल्लाह ईरान समर्थित संगठन माना जाता है।

लेबनान भी संघर्ष में शामिल

इस संघर्ष का असर अब लेबनान तक पहुंच गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह ने सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद इजरायल पर हमले शुरू कर दिए हैं। इन हमलों के बाद लेबनान भी तेजी से बढ़ते इस संघर्ष में शामिल हो गया है। इससे मिडिल ईस्ट में स्थिति और अधिक जटिल हो गई है।

कुवैत ने रोकी तीन बैलिस्टिक मिसाइलें

खाड़ी देशों में भी हमलों की घटनाएं सामने आई हैं। कुवैत सरकार ने बताया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने तीन बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोककर नष्ट कर दिया है।

बताया गया कि इससे पहले दो ड्रोन हमले भी किए गए थे। इन हमलों के बाद कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास ईंधन टैंकों और सार्वजनिक सामाजिक सुरक्षा संस्थान के मुख्य भवन में आग लग गई। फिलहाल दमकलकर्मी आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं। कुवैत प्रशासन ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा है और पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है।

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच इंडिगो ने फिर शुरू किए ऑपरेशन

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारतीय एयरलाइन इंडिगो ने अपने उड़ान संचालन को फिर से शुरू कर दिया है। कंपनी ने बयान जारी करते हुए कहा कि क्षेत्र में स्थिति लगातार बदल रही है, लेकिन यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सेवाओं को धीरे-धीरे बहाल किया जा रहा है।

इंडिगो के अनुसार यूरोप के लिए उसके संचालन को फिर से शुरू किया गया है, जिससे यात्रियों को इस क्षेत्र के प्रमुख गंतव्यों से फिर से जोड़ा जा सकेगा।

एयरलाइन ने यह भी कहा कि वह मिडिल ईस्ट के आठ गंतव्यों के लिए अपनी उड़ानें जारी रखेगी। कंपनी ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी फ्लाइट से जुड़ी जानकारी के लिए आधिकारिक अपडेट पर नजर रखें।

दुबई एयरपोर्ट पर फिर शुरू हुई उड़ानें

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी कुछ समय के लिए उड़ान संचालन प्रभावित हुआ था। एयरपोर्ट के पास मिसाइल का मलबा गिरने के बाद सुरक्षा कारणों से विमानों की आवाजाही रोक दी गई थी।

हालांकि एयरपोर्ट प्रशासन ने 7 मार्च से आंशिक रूप से उड़ानों को फिर से शुरू कर दिया है। इसके बाद धीरे-धीरे सामान्य संचालन बहाल किया जा रहा है।

दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट दुनिया के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट्स में से एक है। इसलिए वहां उड़ानों का फिर से शुरू होना अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारतीय दूतावास की एडवाइजरी

संघर्ष के कारण कई फ्लाइट्स रद्द होने से बड़ी संख्या में यात्री प्रभावित हुए हैं। खासतौर पर कतर में कुछ भारतीय पर्यटक भी फंस गए हैं।

दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने ऐसे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है जिनकी फ्लाइट्स रद्द हो गई थीं। एडवाइजरी में कहा गया है कि कतर में मौजूद भारतीय नागरिक, जो टूरिस्ट या शॉर्ट-टर्म विजिटर के तौर पर वहां हैं और जिनके पास हया A1 वीजा है, वे अपनी जानकारी एक तय लिंक के जरिए साझा करें।

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