मलयालम अभिनेत्री से जुड़े शोषण मामले में आए अदालत के फैसले पर एक्ट्रेस मंजू वारियर ने नाराज़गी जताई है। उन्होंने इस फैसले को “अधूरा” करार देते हुए कहा कि भले ही इस मामले में दोषियों को सजा मिल गई हो, लेकिन वारदात का कथित मास्टरमाइंड अब भी खुलेआम आज़ाद घूम रहा है।
Manju Warrier: साल 2017 के मलयालम अभिनेत्री शोषण मामले ने भारतीय फिल्म इंडस्ट्री और समाज में हलचल मचा दी थी। इस मामले में दोषियों को हाल ही में अदालत ने सजा सुनाई है, लेकिन कई लोगों के अनुसार न्याय अभी अधूरा है। इस मामले पर मलयालम एक्ट्रेस मंजू वारियर ने अपनी राय रखी और पीड़िता के पक्ष में आवाज उठाई।
अदालत ने सुनाई सजा
हाल ही में एर्नाकुलम प्रिंसिपल सेशंस कोर्ट ने इस मामले में सभी छह दोषियों को 20 साल की कड़ी कैद की सजा सुनाई। इस दौरान आरोपियों पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यदि जुर्माना नहीं भरा गया तो एक साल अतिरिक्त जेल की सजा भी लागू होगी। पहले आरोपी पल्सर सुनी को आईटी एक्ट के तहत पांच साल की अतिरिक्त सजा भी सुनाई गई है।
सत्र अदालत ने इस मामले में मलयालम अभिनेता और आठवें आरोपी दिलीप को बरी कर दिया। उन पर आरोप था कि उन्होंने इस वारदात की साजिश रची थी और इसे अंजाम देने में शामिल थे।
मंजू वारियर ने रखा अपना दृष्टिकोण
अदालत के फैसले के बाद इंस्टाग्राम पर मंजू वारियर ने लिखा कि वे माननीय कोर्ट का सम्मान करती हैं, लेकिन न्याय अभी अधूरा है। उन्होंने कहा,
'सिर्फ अपराध करने वालों को सजा मिली है, लेकिन जो इस भयानक योजना के मास्टरमाइंड थे, वह अभी भी आजाद हैं। न्याय तभी पूरा होगा जब इसके पीछे हर किसी को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। यह सिर्फ पीड़िता के लिए नहीं, बल्कि हर लड़की, हर महिला और हर इंसान के लिए जरूरी है।'
मंजू ने अपने बयान में यह भी कहा कि यह मामला महिलाओं के सुरक्षित जीवन, वर्कप्लेस और सड़क पर बिना डर के चलने के अधिकार की याद दिलाता है।

मामला क्या था?
यह वारदात उस अभिनेत्री से जुड़ी थी, जो मलयालम, तमिल और तेलुगु फिल्मों में काम करती थी। आरोप है कि 17 फरवरी 2017 की रात, कुछ लोगों ने उनकी कार में घुसकर उन्हें किडनैप किया और यौन उत्पीड़न किया। इसके बाद उनका वीडियो भी बनाया गया। जस्टिस हनी एम वर्गीस ने आरोपियों को दुष्कर्म के इरादे से किडनैपिंग, आपराधिक साजिश और सामूहिक दुष्कर्म का दोषी पाया।
- सभी दोषियों को 20 साल की सजा और 50,000 रुपये का जुर्माना।
- जुर्माना न देने पर अतिरिक्त एक साल जेल।
- पल्सर सुनी को आईटी एक्ट के तहत 5 साल अतिरिक्त सजा।
- आरोपी दिलीप को बरी कर दिया गया।
मंजू वारियर का मुख्य आरोप यह है कि जिस व्यक्ति ने इस पूरी योजना को अंजाम दिया, वह आज भी समाज में आजाद घूम रहा है। उनका कहना है कि केवल सजा मिलने से न्याय अधूरा रहता है। न्याय तभी पूरा माना जाएगा जब सभी जिम्मेदारों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।












