मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ का नाम बदलेगा, मेकर्स ने दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल किया शपथ-पत्र

मनोज बाजपेयी की आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ का नाम बदला जाएगा। मेकर्स ने दिल्ली हाई कोर्ट में शपथ-पत्र दाखिल कर यह जानकारी दी। जानें पूरा मामला और वजह।

बॉलीवुड अभिनेता मनोज बाजपेयी की अपकमिंग फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ का नाम विवादों के बीच बदलने का फैसला लिया गया है। फिल्म के मेकर्स ने दिल्ली हाई कोर्ट में शपथ-पत्र दाखिल कर इस बात की पुष्टि की है। 

एंटरटेनमेंट न्यूज़: नीरज पांडे की अपकमिंग फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के नाम को लेकर पिछले कई दिनों से विवाद चल रहा है। फिल्म के टाइटल को लेकर सोशल मीडिया पर मेकर्स की जमकर आलोचना हुई और इसे कथित तौर पर ब्राह्मण समुदाय का अपमान बताया गया। इस बवाल के तुरंत बाद फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज़ (FWICE) ने फिल्म पर बैन लगाने की मांग भी की थी। अब इस फिल्म के टाइटल बदलने की बात सामने आई है।

विवाद की शुरुआत

नीरज पांडे निर्देशित यह फिल्म शुरू से ही विवादों में रही। फिल्म का टाइटल ‘घूसखोर पंडत’ कथित तौर पर ब्राह्मण समुदाय को अपमानजनक प्रतीत होने के कारण सोशल मीडिया पर आलोचना का केंद्र बन गया। कई यूजर्स ने कहा कि फिल्म का नाम और टीजर एक विशेष समुदाय को निशाना बना रहा है, जिससे सामाजिक और सांप्रदायिक भावनाओं को ठेस पहुँच सकती है।

उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में इस फिल्म के खिलाफ राजनीतिक विरोध प्रदर्शन भी शुरू हो गए। कई जगहों पर फिल्म निर्माता और मनोज बाजपेयी के पुतले जलाए गए।

दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका

दिल्ली हाई कोर्ट में फिल्म के टाइटल और प्रमोशन को लेकर एक रिट याचिका दायर की गई। याचिका में कहा गया कि फिल्म का टाइटल मानहानिकारक और संवेदनशील है और इससे समाज में अशांति फैलने का खतरा है। इसके जवाब में फिल्म के मेकर्स ने शपथ-पत्र दाखिल कर कहा कि उन्होंने फिल्म का नाम बदलने का निर्णय ले लिया है। शपथ-पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि यह कदम एफआईआर, सोशल मीडिया पर बढ़ते दबाव और समाज के विरोध के मद्देनजर उठाया गया है।

फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने फिल्म के टाइटल को लेकर कड़ी आपत्ति जताई थी। संगठन ने कहा था कि इस तरह के टाइटल से सामाजिक सद्भाव और एकता पर खतरा हो सकता है। संगठन ने ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और मेकर्स को लिखा, “एफडब्ल्यूआईसीई और उससे जुड़े सभी संगठन इस फिल्म के टाइटल का कड़ा विरोध करते हैं। यह विशेष समुदाय और उनकी पारंपरिक आजीविका को अपमानजनक तरीके से निशाना बनाता दिख रहा है। यदि निर्देशक उचित कदम नहीं उठाते, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिल्म की कहानी और भूमिका

‘घूसखोर पंडत’ में मनोज बाजपेयी भ्रष्ट पुलिस अधिकारी के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म का टीजर जब रिलीज़ हुआ, तब सोशल मीडिया पर इसे लेकर भारी रोष देखने को मिला। कई लोगों ने कहा कि फिल्म में एक खास समुदाय को गलत तरीके से दिखाया गया है, जिससे विवाद बढ़ गया। फिल्म के मेकर्स ने अब नाम बदलने का फैसला किया है, जिससे विवाद शांत होने की उम्मीद जताई जा रही है।

फिल्म के प्रोडक्शन टीम ने शपथ-पत्र में स्पष्ट किया कि उन्होंने यह कदम समाज में सद्भाव बनाए रखने और भावनाओं को ठेस पहुंचने से रोकने के लिए उठाया है। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म का उद्देश्य किसी भी समुदाय का अपमान करना नहीं है।

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