राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत मंगलवार सुबह नागपुर के रेशिमबाग में विजयादशमी उत्सव को संबोधित करेंगे। उनके भाषण में संघ के शताब्दी वर्ष, देश की मौजूदा स्थिति और आगामी वर्ष की कार्ययोजना पर चर्चा होने की संभावना है।
नागपुर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत मंगलवार सुबह 7:40 बजे विजयादशमी उत्सव के कार्यक्रम में संबोधन देंगे। नागपुर के रेशिमबाग स्थित संघ कार्यालय परिसर में होने वाले इस आयोजन में संघ के 100 वर्ष पूरे होने से जुड़े कार्यक्रमों और देश के मौजूदा हालात पर उनके विचारों पर नजर रहेगी। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों पर किया जाएगा।
19 अक्टूबर 2026: नागपुर में RSS प्रमुख मोहन भागवत के संबोधन की तैयारी
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विजयादशमी उत्सव में सरसंघचालक मोहन भागवत का मुख्य संबोधन होगा। नागपुर के रेशिमबाग स्थित संघ कार्यालय के मैदान में सुबह 7:40 बजे कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान भागवत संघ के शताब्दी वर्ष से जुड़ी गतिविधियों, देश की वर्तमान परिस्थितियों और आने वाले एक साल की कार्ययोजना पर अपने विचार रख सकते हैं।
शस्त्र पूजन और स्वयंसेवकों के प्रदर्शन से होगी शुरुआत
विजयादशमी उत्सव की शुरुआत पारंपरिक शस्त्र पूजन से होगी। इसके बाद संघ के स्वयंसेवक घोष और शारीरिक प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम में पहले मुख्य अतिथि का संबोधन होगा और उसके बाद मोहन भागवत अपना भाषण देंगे।
समारोह के शुरुआती चरण में भागवत मुख्य अतिथि के साथ संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करेंगे। इसके साथ ही संघ के दूसरे सरसंघचालक माधव सदाशिव गोलवलकर की समाधि पर भी श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद औपचारिक रूप से कार्यक्रम आगे बढ़ेगा।
संघ के प्रचार विभाग की ओर से कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर किए जाने की जानकारी दी गई है। इससे नागपुर में मौजूद न रह पाने वाले स्वयंसेवक और अन्य लोग भी संबोधन देख सकेंगे।
संघ के शताब्दी वर्ष और देश के हालात पर रहेगी नजर
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इस बार का संबोधन खास महत्व रखता है। भागवत अपने भाषण में शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों और संगठन की आगामी गतिविधियों के बारे में बात कर सकते हैं। उनके संबोधन में देश की मौजूदा स्थिति और अगले एक वर्ष के लिए संघ की प्राथमिकताओं को लेकर भी विचार सामने आने की उम्मीद है।
समाचार रिपोर्ट के अनुसार, विशेष रूप से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर चल रही बहस और राजनीतिक माहौल पर भागवत की प्रतिक्रिया को लेकर उत्सुकता है। हालांकि, इन मुद्दों पर वे क्या कहेंगे, यह उनके वास्तविक संबोधन के बाद ही स्पष्ट होगा।
विजयादशमी संबोधन से तय होती हैं आगे की प्राथमिकताएं
RSS में विजयादशमी उत्सव का वार्षिक संबोधन महत्वपूर्ण माना जाता है। इस अवसर पर सरसंघचालक संगठन की दिशा, प्राथमिकताओं और सामाजिक मुद्दों पर अपने विचार रखते हैं। इसके बाद इन विषयों पर संगठन के भीतर चर्चा होती है और आगामी गतिविधियों की योजना बनाई जाती है।
संघ से जुड़े विषयों पर समाज के विभिन्न वर्गों की राय जानने और प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श करने की प्रक्रिया भी संगठन की वार्षिक गतिविधियों का हिस्सा होती है। ऐसे में मोहन भागवत के इस साल के संबोधन से संघ की आगामी प्राथमिकताओं और कार्ययोजना के बारे में संकेत मिलने की संभावना है।









