MP: CM मोहन यादव ने किया IFS मीट-2026 का आगाज, वनकर्मियों को किया सम्मानित

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने IFS Meet-2026 का शुभारंभ किया और उत्कृष्ट कार्य करने वाले वनकर्मियों को सम्मानित किया। जानिए कार्यक्रम की प्रमुख

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को भोपाल के आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी में वानिकी सम्मेलन और आईएफएस मीट-2026 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने वन विभाग के थीम सॉन्ग और वीडियो प्रसारण का भी विमोचन किया। 

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को भोपाल स्थित आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी में वानिकी सम्मेलन एवं आई.एफ.एस. मीट-2026 का उद्घाटन किया, जहां उन्होंने वन विभाग के आई.एफ.एस. थीम सॉन्ग और उसके वीडियो का विमोचन भी किया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय वन सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी और प्रदेश के पूर्व पीसीसीएफ श्रद्धेय डॉ. पी.बी. गंगोपाध्याय को प्रदेश के वनों की सुरक्षा और संरक्षण में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड-2026 से सम्मानित किया, जिसे उनकी पत्नी श्रीमती गौरी गंगोपाध्याय ने ग्रहण किया।

डॉ. पी.बी. गंगोपाध्याय को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व पीसीसीएफ और भारतीय वन सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी डॉ. पी.बी. गंगोपाध्याय को उनके योगदान के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड-2026 से सम्मानित किया। यह अवार्ड श्रद्धेय गंगोपाध्याय की पत्नी श्रीमती गौरी गंगोपाध्याय ने ग्रहण किया। डॉ. गंगोपाध्याय का योगदान विशेष रूप से प्रदेश में वनों की सुरक्षा, वन्य जीवों के संरक्षण और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में रहा।

सीएम मोहन यादव ने प्रदेश के वन विभाग की कुनो राष्ट्रीय उद्यान में चीते का पुनर्स्थापन, चंबल में घड़ियाल और नर्मदा में मगरमच्छ छोड़ने जैसी पहलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वन्य जीवों और स्थानीय ग्रामीणों के बीच निर्भयता और सह-अस्तित्व का माहौल वन विभाग की कुशलता से ही संभव हुआ।मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार असम से वन्यजीवों को लाने और प्रदेश के जल संसाधनों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। वन विभाग की गतिविधियाँ नभ, थल और जल—तीनों क्षेत्रों में विस्तारित हैं।

वरिष्ठ अधिकारियों से सीखने का अवसर

डॉ. यादव ने कहा कि आईएफएस मीट, आईएएस और आईपीएम मीट की तरह, विभागीय अधिकारियों को अपने वरिष्ठ अधिकारियों से सीखने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारतीय संस्कृति में वनों का विशेष महत्व है। सनातन संस्कृति के चार आश्रमों में गृहस्थ के बाद वानप्रस्थ आश्रम में वनों का संरक्षण और महत्व समझाया गया है।

मुख्यमंत्री ने वन अधिकारियों की ग्रामीण परिवारों के लिए भूमिका को भी उजागर किया। उन्होंने कहा कि वनकर्मी केवल जंगलों की रक्षा ही नहीं करते, बल्कि ग्रामीणों के लिए मार्गदर्शक और सहयोगी भी हैं। वन विभाग सुनिश्चित करता है कि वनग्रामों को आवश्यक सुविधाएँ, सुरक्षा और कल्याण मिलें। प्रदेश सरकार ने वन्य जीव संरक्षण के लिए राष्ट्रीय अभ्यारण्य के कोर एरिया और बफर जोन के बीच तार फेंसिंग की पहल भी शुरू की है, जिससे वन्य जीव और मानव निवासियों दोनों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

Leave a comment