MPESB आबकारी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में 12 कैंडिडेट्स ने डिजिटल नकल करने की कोशिश की, लेकिन सिस्टम अलर्ट ने उन्हें पकड़ लिया। रतलाम पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और सभी का एग्जाम निरस्त कर दिया। यह मामला डिजिटल मॉनिटरिंग और भर्ती परीक्षा सुरक्षा की अहमियत को उजागर करता है।
MPESB Digital Cheating Alert: मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की आबकारी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में 12 कैंडिडेट्स द्वारा डिजिटल नकल का मामला सामने आया है। रतलाम में आयोजित परीक्षा 9 से 21 सितंबर 2025 के बीच हुई थी और इसमें लगभग 1,10,032 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। सिस्टम अलर्ट ने 12 उम्मीदवारों द्वारा मात्र 15 मिनट में 100 सवाल हल करने की गतिविधि को फ्लैग किया। इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर सभी का एग्जाम निरस्त कर दिया और जांच जारी है, ताकि भर्ती प्रक्रिया में ईमानदारी सुनिश्चित की जा सके।
कैसे पकड़ी गई नकल
MPESB आबकारी कांस्टेबल भर्ती एग्जाम 9 से 21 सितंबर 2025 के बीच आयोजित हुआ। लगभग 1,10,032 अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा में आवेदन किया था। डिजिटल नकल का मामला सिस्टम अलर्ट के जरिए सामने आया। प्रिंसिपल सिस्टम एनालिस्ट ने जांच में पाया कि 12 कैंडिडेट्स ने केवल 15 मिनट में पूरे 100 सवाल हल कर दिए।
संदिग्ध पेपरों को फ्लैग किया गया और विस्तृत जांच में यह पुष्टि हुई कि ये अभ्यर्थी अनुचित साधनों का उपयोग कर रहे थे। यह घटना डिजिटल मॉनिटरिंग की प्रभावशीलता को दिखाती है और आने वाली भर्ती परीक्षाओं में सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पर जोर देती है।

एफआईआर और कानूनी कार्रवाई
रतलाम के औद्योगिक थाना क्षेत्र में 12 कैंडिडेट्स और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम विवेक लाल ने पुष्टि की कि इन सभी कैंडिडेट्स का एग्जाम निरस्त कर दिया गया है।
जांच जारी है और पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। इस मामले से यह स्पष्ट होता है कि परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।










