MS Dhoni की ‘ओपन डोर पॉलिसी’ का खुलासा, अजिंक्य रहाणे ने सुनाया ड्रेसिंग रूम का दिलचस्प किस्सा

अजिंक्य रहाणे ने एमएस धोनी की कप्तानी और ड्रेसिंग रूम कल्चर से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि धोनी खिलाड़ियों के लिए हमेशा उपलब्ध रहते

भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में शुमार महेंद्र सिंह धोनी सिर्फ अपनी शानदार कप्तानी और रणनीतिक सोच के लिए ही नहीं, बल्कि टीम के खिलाड़ियों के प्रति अपने सहयोगी और मार्गदर्शक रवैये के लिए भी जाने जाते हैं।

स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कुछ खिलाड़ियों का प्रभाव सिर्फ उनके प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उनकी नेतृत्व शैली और व्यक्तित्व भी उन्हें खास बनाते हैं। पूर्व भारतीय कप्तान Mahendra Singh Dhoni ऐसे ही खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्हें दुनिया के सबसे सफल और सम्मानित क्रिकेट नेताओं में गिना जाता है। उनकी कप्तानी में भारत ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं, लेकिन मैदान से बाहर भी धोनी अपने साथियों के बीच उतने ही लोकप्रिय रहे।

हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने वाले Ajinkya Rahane ने धोनी से जुड़ा एक दिलचस्प अनुभव साझा किया है, जिसने एक बार फिर यह दिखाया कि टीम के खिलाड़ियों के साथ उनका रिश्ता कितना खास था।

ड्रेसिंग रूम में भरोसे और अपनापन बनाने वाले कप्तान

धोनी को हमेशा एक शांत, संतुलित और खिलाड़ियों पर भरोसा करने वाले कप्तान के रूप में देखा गया है। उनके नेतृत्व की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि उन्होंने युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के बीच ऐसा माहौल बनाया, जहां हर खिलाड़ी खुद को सहज महसूस कर सके। भारत, चेन्नई सुपर किंग्स और अन्य टीमों के कई खिलाड़ियों ने समय-समय पर बताया है कि धोनी न केवल रणनीतिक रूप से मजबूत कप्तान थे, बल्कि वे खिलाड़ियों की व्यक्तिगत और मानसिक जरूरतों का भी पूरा ध्यान रखते थे। यही कारण है कि उनके नेतृत्व में कई युवा खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल की।

होटल के कमरे की ‘ओपन डोर पॉलिसी’

अजिंक्य रहाणे ने एक इंटरव्यू में बताया कि विदेशी दौरों और टूर्नामेंटों के दौरान धोनी का होटल का कमरा टीम के खिलाड़ियों के लिए लगभग हमेशा खुला रहता था। रहाणे के अनुसार, खिलाड़ी अक्सर वहां इकट्ठा होते थे, बातचीत करते थे, वीडियो गेम खेलते थे, क्रिकेट पर चर्चा करते थे और मैचों के दबाव से दूर कुछ समय आराम से बिताते थे। कई बार तो एक साथ 10 से 15 खिलाड़ी या पूरी टीम ही धोनी के कमरे में मौजूद होती थी।

यह माहौल खिलाड़ियों के बीच आपसी विश्वास और टीम भावना को मजबूत करने में मदद करता था। आधुनिक खेलों में जहां मानसिक दबाव लगातार बढ़ रहा है, वहां इस तरह का अनौपचारिक माहौल खिलाड़ियों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।

एक सख्त नियम जिसका सभी सम्मान करते थे

हालांकि धोनी का कमरा खिलाड़ियों के लिए खुला रहता था, लेकिन उससे जुड़ा एक नियम भी था, जिसका हर खिलाड़ी सम्मान करता था। रहाणे ने बताया कि जब भी धोनी के कमरे का दरवाजा बंद होता था, तो इसका मतलब होता था कि वे निजी समय चाहते हैं। उस स्थिति में कोई भी खिलाड़ी बिना अनुमति के अंदर नहीं जाता था।

यह नियम सरल था, लेकिन इससे टीम में व्यक्तिगत सीमाओं और निजी स्पेस के सम्मान की संस्कृति विकसित हुई। रहाणे के मुताबिक, सभी खिलाड़ी इस बात को समझते थे और उसका पालन करते थे।

क्यों खास है यह किस्सा?

खेल मनोविज्ञान के विशेषज्ञ मानते हैं कि सफल टीमों में केवल तकनीकी कौशल ही नहीं, बल्कि मजबूत मानवीय संबंध भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। धोनी की यह शैली दर्शाती है कि वे टीम के भीतर औपचारिक और अनौपचारिक दोनों तरह के संवाद को महत्व देते थे। उनका कमरा केवल एक होटल रूम नहीं था, बल्कि ऐसा स्थान बन गया था जहां खिलाड़ी बिना किसी दबाव के खुलकर बातचीत कर सकते थे। यही कारण है कि कई क्रिकेटर आज भी धोनी के साथ बिताए गए समय को अपने करियर के सबसे यादगार अनुभवों में गिनते हैं।

रहाणे और धोनी का क्रिकेट संबंध

अजिंक्य रहाणे ने 2011 से 2023 के बीच भारत के लिए तीनों प्रारूपों में क्रिकेट खेला। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण मैचों में टीम के लिए अहम योगदान दिया। रहाणे ने भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले और लंबे समय तक टीम के भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल रहे।रहाणे को धोनी की कप्तानी में खेलने का अवसर भी मिला, जिससे उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल दौर का हिस्सा बनने का मौका मिला। बाद में दोनों ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी एक साथ खेला।

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