मुजफ्फरपुर में PNG पाइपलाइन फटने से गैस रिसाव, कई बच्चे बेहोश; स्कूल खाली कराया गया, अस्पतालों में अफरा-तफरी

मुजफ्फरपुर में खुदाई के दौरान PNG पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से गैस रिसाव हुआ। एहतियातन स्कूल में छुट्टी कर दी गई और कई बच्चों को तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाया गया
मुजफ्फरपुर में PNG पाइपलाइन फटने से गैस रिसाव, कई बच्चे बेहोश; स्कूल खाली कराया गया, अस्पतालों में अफरा-तफरी
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मुजफ्फरपुर: Muzaffarpur में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब खुदाई के दौरान एक PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे गैस का तेज रिसाव शुरू हो गया। गैस फैलने के बाद आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया। एहतियात के तौर पर पास के स्कूल में तत्काल छुट्टी घोषित कर दी गई और बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया।

गैस रिसाव के दौरान कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली। कुछ बच्चों को सांस लेने में तकलीफ, चक्कर आने और बेचैनी की शिकायत के बाद अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पतालों में अचानक बड़ी संख्या में बच्चों के पहुंचने से कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। चिकित्सकों ने सभी बच्चों का प्राथमिक उपचार शुरू किया और उनकी स्थिति पर निगरानी रखी।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, जिला प्रशासन, दमकल विभाग और गैस कंपनी की आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंच गईं। सबसे पहले प्रभावित क्षेत्र को घेरकर लोगों की आवाजाही रोकी गई और गैस रिसाव रोकने के लिए पाइपलाइन की आपूर्ति बंद करने की कार्रवाई शुरू की गई। अधिकारियों ने आसपास के लोगों से घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, भूमिगत खुदाई कार्य के दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से यह हादसा हुआ। हालांकि दुर्घटना की वास्तविक वजह की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। संबंधित एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि खुदाई से पहले आवश्यक सुरक्षा मानकों और पाइपलाइन की लोकेशन संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन किया गया था या नहीं।

प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र के लोगों से अपील की कि गैस रिसाव वाले इलाके में माचिस, लाइटर, सिगरेट या किसी भी प्रकार की आग का इस्तेमाल न करें और किसी भी विद्युत उपकरण को अनावश्यक रूप से चालू या बंद करने से बचें। सुरक्षा कारणों से कुछ समय तक क्षेत्र में लोगों की आवाजाही सीमित रखी गई।

विशेषज्ञों का कहना है कि PNG प्राकृतिक गैस होने के कारण रिसाव की स्थिति में तत्काल क्षेत्र को खाली कराना, गैस आपूर्ति बंद करना और आपातकालीन सेवाओं को सूचित करना सबसे महत्वपूर्ण कदम होता है। समय पर कार्रवाई से बड़ी दुर्घटना की आशंका काफी हद तक कम की जा सकती है।

घटना के बाद जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा उपायों की समीक्षा भी की जाएगी।

फिलहाल गैस रिसाव पर नियंत्रण पाने का प्रयास किया जा रहा है और प्रभावित बच्चों का इलाज जारी है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने तथा केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। हादसे के कारणों का अंतिम खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही होगा।

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