नागपुर में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने किया मतदान, लोकतंत्र में वोट की अहमियत पर दिया संदेश

नागपुर में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने किया मतदान, लोकतंत्र में वोट की अहमियत पर दिया संदेश

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर महानगरपालिका चुनाव में मतदान किया। वोट डालने के बाद उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती नागरिकों की भागीदारी से तय होती है और मतदान केवल अधिकार नहीं बल्कि जिम्मेदारी भी है।

Nagpur: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने नागपुर महानगरपालिका चुनाव में मतदान कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी निभाई। गुरुवार सुबह वे नागपुर के महल इलाके में स्थित मतदान केंद्र पहुंचे और शुरुआती मतदाताओं में शामिल हुए। मतदान के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में लोकतंत्र की भूमिका, नागरिक जिम्मेदारी और वोट की ताकत पर विस्तार से बात की।

सुबह मतदान कर दिया नागरिक जिम्मेदारी का संदेश

मोहन भागवत सुबह करीब साढ़े सात बजे मतदान केंद्र पहुंचे। शांत और अनुशासित तरीके से उन्होंने अपना वोट डाला। मतदान के बाद उन्होंने कहा कि चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद होते हैं और हर नागरिक को इसमें भाग लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वोट डालना केवल अधिकार नहीं बल्कि जिम्मेदारी है, जिससे समाज और देश की दिशा तय होती है।

चुनाव लोकतंत्र का अनिवार्य हिस्सा

मतदान के बाद बातचीत में मोहन भागवत ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र का एक अनिवार्य हिस्सा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब नागरिक सक्रिय रूप से उसमें भाग लेते हैं। मतदान के जरिए जनता अपनी राय रखती है और यह तय करती है कि उसका प्रतिनिधित्व कौन करेगा। उन्होंने कहा कि इसी सोच के तहत उन्होंने दिन की शुरुआत मतदान से की।

योग्य उम्मीदवार को वोट देने की अपील

RSS प्रमुख ने मतदाताओं से अपील की कि वे सोच-समझकर और जनहित को ध्यान में रखते हुए वोट दें। उन्होंने कहा कि किसी भी चुनाव में योग्य उम्मीदवार का चयन बेहद जरूरी होता है। मतदाताओं को यह देखना चाहिए कि कौन उम्मीदवार समाज और शहर के विकास के लिए बेहतर काम कर सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में सही निर्णय लेने की जिम्मेदारी जनता की होती है।

NOTA पर मोहन भागवत का साफ संदेश

मोहन भागवत ने ‘NOTA’ यानी None of the Above विकल्प को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि NOTA का मतलब होता है सभी उम्मीदवारों को अस्वीकार करना। उनके अनुसार ऐसा करने से अप्रत्यक्ष रूप से ऐसे व्यक्ति को फायदा पहुंच सकता है जिसे लोग वास्तव में पसंद नहीं करते। उन्होंने कहा कि किसी को अस्वीकार करने से बेहतर है कि योग्य उम्मीदवार को चुना जाए।

असहमति के अधिकार पर भी रखी बात

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि NOTA लोगों को असहमति जताने का अधिकार देता है। लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सकारात्मक भागीदारी ज्यादा जरूरी है। अगर मतदाता किसी उम्मीदवार से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं, तब भी उन्हें तुलना करके बेहतर विकल्प को चुनना चाहिए। वोट न देकर या NOTA दबाकर जिम्मेदारी से बचना लोकतंत्र को कमजोर करता है।

लोकतंत्र में जनादेश की भूमिका

RSS के पूर्व सर कार्यवाह और केंद्रीय समिति के सदस्य भैयाजी जोशी भी नागपुर महानगरपालिका चुनाव में शुरुआती मतदाताओं में शामिल रहे। उन्होंने भी मतदान के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकारें जनादेश से बनती हैं और यह जनादेश चुनाव के जरिए सामने आता है। मतदाता जब वोट डालते हैं, तभी लोकतंत्र सही मायने में जीवंत रहता है।

चुनी हुई सरकार से होती हैं अपेक्षाएं

भैयाजी जोशी ने कहा कि जब जनता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करती है, तो चुनी हुई सरकार से अपेक्षा की जाती है कि वह जनता की उम्मीदों पर खरी उतरे। लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके बाद सरकार की जिम्मेदारी और जवाबदेही भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे मतदान जरूर करें।

नागपुर महानगरपालिका चुनाव की अहमियत

नागपुर महानगरपालिका चुनाव को महाराष्ट्र की राजनीति में अहम माना जा रहा है। शहर के विकास, बुनियादी सुविधाओं और स्थानीय प्रशासन से जुड़े फैसले इन्हीं चुनावों के जरिए तय होते हैं। ऐसे में प्रमुख सामाजिक और वैचारिक संगठनों के नेताओं का मतदान करना आम लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है।

पिछले चुनाव में BJP का दबदबा

अगर पिछले नागपुर महानगरपालिका चुनाव की बात करें तो उसमें भारतीय जनता पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया था। कुल 151 सीटों में से BJP ने 108 सीटों पर जीत दर्ज की थी। कांग्रेस को 28 सीटें मिली थीं। बहुजन समाज पार्टी ने 10 सीटें जीती थीं। शिवसेना को उस समय 2 सीटें मिली थीं जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को 1 सीट से संतोष करना पड़ा था।

इस बार भी कड़ा मुकाबला

इस बार के चुनाव में भी मुकाबला कड़ा माना जा रहा है। राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है। मतदाताओं में भी उत्साह देखा जा रहा है। मोहन भागवत और भैयाजी जोशी जैसे प्रमुख लोगों का शुरुआती मतदान यह संदेश देता है कि लोकतंत्र में हर वोट की अहमियत है, चाहे वह आम नागरिक का हो या किसी बड़े पद पर बैठे व्यक्ति का।

महाराष्ट्र में कई नगर निकायों में मतदान

नागपुर के साथ-साथ महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में भी नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान जारी है। कुल 29 नगर निकायों में वोट डाले जा रहे हैं। प्रशासन की ओर से शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मतदाताओं से अपील की गई है कि वे निर्भय होकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करें।

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