नेशंस लीग में वेल्स की शानदार जीत, नॉर्वे को 2-1 से हराया; हालैंड नहीं कर सके गोल

नेशंस लीग में वेल्स ने 10 खिलाड़ियों वाली नॉर्वे टीम को 2-1 से हराया। ऑस्कर बोब न नॉर्वे को बढ़त दिलाई, लेकिन डैन जेम्स और नेको विलियम्स ने वेल्स की वापसी कराई

वेल्स ने नेशंस लीग में नॉर्वे को 2-1 से हराकर क्रेग बेलामी के कार्यकाल की सबसे बड़ी जीत दर्ज की। ऑस्कर बोब के गोल से पिछड़ने के बाद डैन जेम्स और नेको विलियम्स ने गोल कर वेल्स को शानदार वापसी दिलाई।

UEFA Nations League: वेल्स ने यूईएफए नेशंस लीग में नॉर्वे को 2-1 से हराकर क्रेग बेलामी के कार्यकाल की सबसे उल्लेखनीय जीत दर्ज की। कार्डिफ सिटी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में वेल्स की टीम शुरुआती झटके से उबरते हुए पीछे से वापसी करने में सफल रही। नॉर्वे ने ऑस्कर बोब के गोल से बढ़त बनाई थी, लेकिन डैन जेम्स ने पहले हाफ में बराबरी कर दी। दूसरे हाफ की शुरुआत में टोर्ब्योर्न हेगेम के रेड कार्ड के बाद नॉर्वे 10 खिलाड़ियों तक सीमित हो गया और नेको विलियम्स ने फ्री-किक से वेल्स को बढ़त दिला दी।

यह जीत वेल्स के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि टीम इससे पहले लगातार छह अंतरराष्ट्रीय मैचों में जीत दर्ज नहीं कर सकी थी। बेलामी के 2024 में कोच बनने के बाद यह किसी उच्च रैंकिंग वाली टीम के खिलाफ वेल्स की पहली जीत है। साथ ही, नेशंस लीग ए में नौ प्रयासों के बाद यह उसकी पहली जीत भी रही।

शुरुआती बढ़त से नॉर्वे ने बढ़ाया दबाव

मुकाबले में नॉर्वे ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और मैच के पहले बड़े हमले को गोल में बदल दिया। मार्टिन ओडेगार्ड ने ऑस्कर बोब के साथ शानदार तालमेल बनाया। ओडेगार्ड ने आगे बढ़ते हुए बोब को गेंद लौटाई और बोब ने वेल्स की रक्षापंक्ति के पीछे जगह बनाकर गोलकीपर डैनी वार्ड को छकाते हुए गेंद गोल में पहुंचा दी।

बोब के इस गोल से नॉर्वे को शुरुआती बढ़त मिली। उस समय ऐसा लग रहा था कि कमजोर आत्मविश्वास से जूझ रही वेल्स की टीम मुश्किल में पड़ सकती है। हालांकि, बेलामी की टीम ने दबाव में बिखरने के बजाय खेल की गति को अपने पक्ष में करना शुरू किया।

डैन जेम्स ने वेल्स को बराबरी दिलाई

वेल्स ने धीरे-धीरे गेंद पर नियंत्रण बढ़ाया और बाएं फ्लैंक से लगातार हमले किए। सोरबा थॉमस नॉर्वे की रक्षापंक्ति के लिए लगातार परेशानी पैदा कर रहे थे।

हाफ टाइम से करीब सात मिनट पहले वेल्स को बराबरी का मौका मिला। लियाम कलन ने फ्रेडरिक ऑर्नेस का पास बीच में ही रोक लिया। इसके बाद लुईस कोमास ने गेंद थॉमस तक पहुंचाई। थॉमस ने बॉक्स के अंदर मौजूद डैन जेम्स के लिए गेंद तैयार की और जेम्स ने उसे गोल में पहुंचाकर स्कोर 1-1 कर दिया।

यह जेम्स का वेल्स के लिए 11वां अंतरराष्ट्रीय गोल था। इस गोल ने घरेलू टीम का आत्मविश्वास बढ़ाया और पहले हाफ के अंत तक मुकाबला बराबरी पर पहुंच गया।

दूसरे हाफ की शुरुआत में नॉर्वे को बड़ा झटका

दूसरे हाफ के शुरू होते ही नॉर्वे को बड़ा झटका लगा। बेन डेविस की आगे भेजी गई गेंद को नॉर्वे की रक्षापंक्ति सही तरीके से संभाल नहीं सकी। टोर्ब्योर्न हेगेम ने डैन जेम्स को रोकने की कोशिश में उनके साथ हाथ फंसाया और वेल्स के खिलाड़ी को जमीन पर गिरा दिया।

रेफरी ने हेगेम को सीधे रेड कार्ड दिखाया। इस फैसले के बाद नॉर्वे को मुकाबले के बाकी हिस्से में 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा।

वेल्स ने इस स्थिति का फायदा उठाने में ज्यादा समय नहीं लगाया।

नेको विलियम्स की फ्री-किक ने बदला मैच

रेड कार्ड के बाद मिले फ्री-किक पर नेको विलियम्स ने शानदार तकनीक दिखाई। उन्होंने गेंद को ऐसी दिशा और ऊंचाई दी कि नॉर्वे के गोलकीपर ओर्जान न्यूलैंड गेंद की दिशा का सही अनुमान नहीं लगा सके।

गेंद न्यूलैंड के दाईं ओर से घूमती हुई पोस्ट के अंदर चली गई और वेल्स ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली।

न्यूलैंड इस प्रयास को रोकने के लिए थोड़ा बाईं ओर बढ़े थे, लेकिन विलियम्स की सटीक फ्री-किक ने उन्हें पछाड़ दिया। इसके बाद नॉर्वे ने बराबरी की कोशिश की, लेकिन वेल्स की रक्षापंक्ति ने लंबे समय तक उसे गोल का स्पष्ट मौका नहीं दिया।

वेल्स के पास बढ़त मजबूत करने के मौके

वेल्स को तीसरा गोल करने के भी कुछ मौके मिले। स्थानापन्न खिलाड़ियों जोश शीहान और मार्क हैरिस ने नॉर्वे के गोल पर दबाव बनाया, लेकिन दोनों प्रयासों को न्यूलैंड ने रोक दिया।

दूसरी ओर, नॉर्वे ने मुकाबले के अंतिम चरण में दबाव बढ़ाना शुरू किया। वेल्स ने इस दौरान अपेक्षाकृत गहरी रक्षात्मक स्थिति अपनाई और नॉर्वे को बॉक्स के अंदर स्पष्ट मौके बनाने से रोकने की कोशिश की।

मैच खत्म होने से करीब नौ मिनट पहले नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड को गोल करने का मौका मिला। मार्कस पेडर्सन के क्रॉस पर हालैंड ने ऊंची छलांग लगाकर हेडर किया, लेकिन गेंद सीधे डैनी वार्ड के पास चली गई।

इसके बाद जोर्गेन स्ट्रैंड लार्सेन का एक शॉट भी गोल के ऊपर से निकल गया। अंतिम सीटी बजने तक वेल्स ने अपनी 2-1 की बढ़त बरकरार रखी।

हालैंड के लिए निराशाजनक रात

नॉर्वे के कप्तान और स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड इस मुकाबले में अपनी टीम को बराबरी नहीं दिला सके। नेशंस लीग के शुरुआती दो मुकाबलों में वह तीन गोल कर चुके थे और अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 57 मैचों में 65 गोल दर्ज कर चुके थे।

कार्डिफ में हालांकि उन्हें गोल करने के बहुत कम मौके मिले। वेल्स की रक्षापंक्ति ने उन्हें लगातार सीमित रखा और उनके लिए बॉक्स में जगह बनाना मुश्किल किया।

हालैंड को मैच में एक स्पष्ट अवसर मिला, लेकिन उनका हेडर सीधे वार्ड के पास चला गया। इस तरह वह अपना गोल रिकॉर्ड आगे नहीं बढ़ा सके।

बेलामी के लिए राहत की जीत

क्रेग बेलामी के लिए यह जीत ऐसे समय आई है, जब टीम के प्रदर्शन को लेकर दबाव बढ़ रहा था। उनके कार्यकाल की शुरुआत में वेल्स ने लगातार नौ मैचों में हार का सामना नहीं किया था, लेकिन उसके बाद 13 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में टीम को आठ हार झेलनी पड़ी।

नॉर्वे से मुकाबले से पहले वेल्स लगातार छह अंतरराष्ट्रीय मैच जीतने में नाकाम रहा था। इसके अलावा नॉर्वे विश्व रैंकिंग में वेल्स से 20 स्थान ऊपर, 18वें स्थान पर था।

वेल्स को इस मुकाबले में कई महत्वपूर्ण खिलाड़ियों की अनुपस्थिति का भी सामना करना पड़ा। इसके बावजूद टीम ने शुरुआती गोल खाने के बाद वापसी की और मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ तीन अंक हासिल किए।

नॉर्वे के खिलाफ जीत से वेल्स को मिला आत्मविश्वास

इस जीत ने वेल्स को नेशंस लीग अभियान में महत्वपूर्ण मनोबल दिया है। हालांकि टीम अभी भी लीग ए ग्रुप 4 में सबसे नीचे है और अभियान का आधा चरण पूरा होने के बाद उसकी स्थिति में तुरंत बड़ा बदलाव नहीं आया है।

फिर भी नॉर्वे के खिलाफ प्रदर्शन से वेल्स को आगे के मुकाबलों के लिए आत्मविश्वास मिल सकता है। टीम ने शुरुआती गोल के बाद धैर्य बनाए रखा और नॉर्वे के खिलाड़ी के बाहर होने के बाद मिले अवसर का फायदा उठाया।

बेलामी की टीम के लिए अगली चुनौती घरेलू मैदान पर डेनमार्क के खिलाफ मुकाबला होगी। यह मैच रविवार को खेला जाना है।

नॉर्वे के लिए हार का मतलब

नॉर्वे के लिए वेल्स के खिलाफ हार निराशाजनक रही, खासकर इसलिए क्योंकि टीम ने मैच की अच्छी शुरुआत की थी। बोब के गोल से शुरुआती बढ़त हासिल करने के बाद नॉर्वे ने दूसरे हाफ की शुरुआत में एक खिलाड़ी गंवा दिया।

हेगेम के रेड कार्ड ने मैच का संतुलन बदल दिया। 10 खिलाड़ियों के साथ नॉर्वे ने अंतिम चरण में दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन वेल्स की रक्षापंक्ति को तोड़ने में सफल नहीं हो सका।

हालैंड जैसे प्रमुख स्ट्राइकर के मौजूद होने के बावजूद नॉर्वे बराबरी का गोल नहीं कर सका और कार्डिफ से खाली हाथ लौटना पड़ा।

वेल्स के लिए यह जीत केवल तीन अंक हासिल करने से अधिक महत्वपूर्ण रही। टीम ने शुरुआती झटके के बाद जिस तरह वापसी की, उससे बेलामी के नेतृत्व में लंबे समय से चल रहे दबाव को कुछ राहत मिल सकती है। अब टीम की नजर डेनमार्क के खिलाफ अगले मुकाबले पर होगी।

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