Students' Federation of India कार्यकर्ताओं ने Sikar में NEET परीक्षा विवाद को लेकर प्रदर्शन किया। छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला फूंककर NTA को भंग करने और नई एजेंसी से परीक्षा करवाने की मांग की।
सीकर: राजस्थान के प्रमुख शिक्षा केंद्र सीकर में बुधवार को NEET परीक्षा को लेकर छात्रों और छात्र संगठनों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। NEET-UG परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं और पेपर रद्द होने की खबरों के बीच छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं और छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का प्रतीकात्मक पुतला फूंका और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग उठाई।
ढाका भवन से कल्याण सर्किल तक निकाली विरोध रैली
छात्रों ने सीकर शहर में ढाका भवन से कल्याण सर्किल तक विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने “पेपर लीक बंद करो”, “NTA भंग करो” और “छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” जैसे नारे लगाए।
रैली के बाद कल्याण सर्किल पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र, कोचिंग स्टूडेंट्स और छात्र संगठन के कार्यकर्ता शामिल हुए।
“ईमानदार छात्रों की मेहनत बर्बाद हुई”
SFI के जिला सचिव राकेश मुवाल ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि NEET परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं ने लाखों छात्रों का भरोसा तोड़ दिया है।
उन्होंने कहा कि सीकर जैसे शहर में देशभर से छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर आते हैं और कई-कई घंटों तक कठिन मेहनत करते हैं। लेकिन परीक्षा प्रणाली की खामियों और पेपर लीक जैसी घटनाओं ने उनकी मेहनत और भविष्य दोनों को प्रभावित किया है।

राकेश मुवाल ने आरोप लगाया कि परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी NTA छात्रों का विश्वास बनाए रखने में असफल रही है।
NTA को भंग करने और नई एजेंसी बनाने की मांग
प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने मांग की कि वर्तमान नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को भंग कर एक नई और अधिक पारदर्शी राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी बनाई जाए।
छात्र संगठनों का कहना है कि लगातार पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच करवाई जाए और पेपर लीक से जुड़े दोषियों, अधिकारियों तथा कथित माफिया नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शन में शामिल छात्र नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की। उनका कहना था कि NEET और JEE जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रही समस्याएं शिक्षा व्यवस्था की गंभीर कमजोरी को दर्शाती हैं।
हालांकि केंद्र सरकार और NTA की ओर से अभी तक इन मांगों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कोटा के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा कोचिंग हब है सीकर
सीकर वर्तमान में भारत के प्रमुख कोचिंग केंद्रों में शामिल है। कोटा के बाद इसे देश का दूसरा सबसे बड़ा कोचिंग हब माना जाता है। यहां हर साल लगभग 2.5 लाख छात्र NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने आते हैं।
NEET परीक्षा विवाद के बाद शहर के कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरी और हॉस्टलों में निराशा का माहौल देखा जा रहा है। कई छात्रों ने कहा कि वे वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन सिस्टम की खामियों के कारण उनका एक पूरा साल प्रभावित हो जाता है।
शिक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर उठ रहे सवाल
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। हाल के वर्षों में कई परीक्षा लीक और अनियमितता के मामले सामने आए हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ी है।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल सुरक्षा, परीक्षा निगरानी और जवाबदेही को मजबूत किए बिना इस तरह की घटनाओं को रोकना मुश्किल होगा।










