नीट पेपर लीक मामले में जांच और कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। Central Bureau of Investigation से लेकर स्थानीय पुलिस तक आरोपियों की गिरफ्तारी में जुटी हुई है।
नई दिल्ली: भारत की मेडिकल प्रवेश परीक्षा National Testing Agency (NTA) द्वारा आयोजित NEET-UG परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। इसी बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नई दिल्ली स्थित आवास पर गुरुवार देर शाम एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें NEET (UG) परीक्षा की दोबारा परीक्षा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
सूत्रों के अनुसार, यह बैठक हाल ही में सामने आए परीक्षा लीक विवाद और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर उठ रहे सवालों के मद्देनज़र बुलाई गई थी। बैठक में शिक्षा मंत्रालय और परीक्षा से जुड़े कई शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में शामिल हुए कई वरिष्ठ अधिकारी
उच्च स्तरीय बैठक में उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी, स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार, NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह, Central Board of Secondary Education (CBSE) के अध्यक्ष सहित केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) और नवोदय विद्यालय समिति (NVS) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों ने परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कई अहम बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया। बैठक में परीक्षा केंद्रों की निगरानी, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, डिजिटल ट्रैकिंग और परीक्षा संचालन में तकनीकी सुधार जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
दोबारा परीक्षा को लेकर तैयार हो रही रणनीति

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में NEET-UG की संभावित दोबारा परीक्षा के आयोजन को लेकर भी चर्चा की गई। हालांकि सरकार की ओर से आधिकारिक रूप से दोबारा परीक्षा की तारीख या प्रक्रिया की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन छात्रों और अभिभावकों की बढ़ती चिंताओं को देखते हुए केंद्र सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
शिक्षा मंत्रालय यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि भविष्य में किसी भी तरह की परीक्षा अनियमितता दोबारा न हो। इसके लिए परीक्षा संचालन एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने और सुरक्षा प्रोटोकॉल को और मजबूत करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
पेपर लीक मामले में जांच तेज
NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच अब तेज हो चुकी है। Central Bureau of Investigation (CBI) और विभिन्न राज्यों की पुलिस एजेंसियां कथित आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं। दिल्ली की एक विशेष अदालत ने गुरुवार को मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों को सात दिन की CBI हिरासत में भेज दिया। अदालत ने टिप्पणी की कि प्रारंभिक जांच से यह संकेत मिलता है कि परीक्षा के गोपनीय प्रश्नपत्रों को लीक करने और आर्थिक लाभ के लिए प्रसारित करने में एक “संगठित गिरोह” की भूमिका हो सकती है।
CBI ने जिन आरोपियों को हिरासत में लिया है, उनमें यश यादव, मांगीलाल खटीक, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल और शुभम मधुकर खैरनार शामिल हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के जरिए परीक्षा लीक नेटवर्क, फंडिंग और अन्य संभावित शामिल लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने CBI की याचिका स्वीकार करते हुए एजेंसी को सात दिनों की हिरासत की अनुमति दी। अदालत ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच आवश्यक है।








