धनबाद कोर्ट में RPF कर्मियों पर अधिवक्ता से मारपीट का आरोप, कथित सब-इंस्पेक्टर हिरासत में

धनबाद कोर्ट में अधिवक्ता ने कथित RPF कर्मियों पर मारपीट और अंगूठी छीनने का आरोप लगाया। एक कथित सब-इंस्पेक्टर पुलिस के हवाले किया गया।

झारखंड के धनबाद में सोमवार को रेलवे ओवरहेड तार चोरी के आरोपी के आत्मसमर्पण के दौरान विवाद हुआ। अधिवक्ता ने कथित RPF कर्मियों पर मारपीट और अंगूठी छीनने का आरोप लगाया। घटना के बाद एक कथित सब-इंस्पेक्टर को पुलिस के हवाले किया गया।

झारखंड: धनबाद कोर्ट परिसर में रेलवे के ओवरहेड तार चोरी के मामले में आरोपी को पकड़ने पहुंचे कथित रेलवे सुरक्षा बल (RPF) कर्मियों और अधिवक्ताओं के बीच विवाद हो गया। अधिवक्ता संतोष कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि सादे कपड़ों में आए लोगों ने उनके साथ मारपीट की, गला दबाया और चश्मा तोड़ने के साथ सोने की अंगूठी भी छीन ली। घटना के बाद एक कथित RPF सब-इंस्पेक्टर को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया।

आरोपी को अदालत ले जाने के दौरान हुआ विवाद

धनबाद में सोमवार को रेलवे के ओवरहेड तार चोरी के मामले में आत्मसमर्पण करने पहुंचे आरोपी को लेकर विवाद हो गया। घटना दोपहर के समय की बताई गई है। अधिवक्ता संतोष कुमार सिंह के अनुसार, महुदा रेल थाना कांड संख्या 4/26 के आरोपी कुणाल साव की ओर से रेलवे के न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में आत्मसमर्पण के लिए याचिका दाखिल की गई थी।

अधिवक्ता ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 12 बजे सादे कपड़ों में चार-पांच लोग उनके चेंबर में पहुंचे। उन्होंने खुद को RPF का सब-इंस्पेक्टर और जवान बताया। आरोप है कि इन लोगों ने आरोपी कुणाल साव को जबरन अपने साथ ले जाने की कोशिश की। वहां मौजूद अधिवक्ताओं ने इसका विरोध किया, जिसके बाद वे लोग वहां से चले गए।

अधिवक्ता से मारपीट और अंगूठी छीनने का आरोप

अधिवक्ता के मुताबिक, दोपहर करीब 1:30 बजे जब वह आरोपी कुणाल साव को लेकर न्यायालय की ओर जा रहे थे, तभी सादे कपड़ों में चार-पांच लोग दोबारा पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने आरोपी को घसीटकर ले जाने का प्रयास किया। इस दौरान विवाद बढ़ गया और कथित RPF कर्मियों ने अधिवक्ता संतोष कुमार सिंह के साथ मारपीट की।

संतोष कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि उनका गला दबाया गया, चश्मा तोड़ दिया गया और हाथ से सोने की अंगूठी छीन ली गई। इसके अलावा, एक जूनियर महिला अधिवक्ता के साथ भी अभद्रता किए जाने का आरोप लगाया गया है।

फिलहाल, ये आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं। घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

अधिवक्ताओं ने एक कथित सब-इंस्पेक्टर को पकड़ा

घटना की जानकारी मिलने पर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राधेश्याम गोस्वामी, महासचिव जितेंद्र कुमार और अन्य अधिवक्ता मौके पर पहुंचे। इस दौरान कथित मारपीट में शामिल एक व्यक्ति, जिसे RPF का सब-इंस्पेक्टर बताया गया, को पकड़ लिया गया और पुलिस के हवाले कर दिया गया।

घटना के बाद कोर्ट परिसर में तनाव की स्थिति बन गई। मामले को लेकर थाने में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही थी। समाचार लिखे जाने तक पुलिस की ओर से मामले में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई थी।

अब इस मामले में पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी। जांच के दौरान घटना की परिस्थितियों, संबंधित लोगों की भूमिका और अधिवक्ता की ओर से लगाए गए आरोपों की पड़ताल की जाएगी।

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