भोपाल की पल्लवी मिश्रा ने बिना कोचिंग क्रैक किया UPSC, दूसरे प्रयास में AIR 73 हासिल कर बनीं IAS

भोपाल की पल्लवी मिश्रा ने बिना कोचिंग UPSC 2022 में दूसरे प्रयास में AIR 73 हासिल की। जानें क्लासिकल सिंगर और वकील से IAS बनने तक का उनका प्रेरणादायक सफर।

भोपाल की पल्लवी मिश्रा ने क्लासिकल सिंगिंग और कानून की पढ़ाई के बाद सिविल सेवा को करियर चुना। उन्होंने बिना कोचिंग सेल्फ-स्टडी से UPSC 2022 में दूसरे प्रयास में AIR 73 हासिल की। तैयारी में उनके भाई ने मार्गदर्शन किया।

UPSC Success Story: मध्य प्रदेश के भोपाल की पल्लवी मिश्रा की कहानी उन अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा है, जो बिना कोचिंग सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करना चाहते हैं। प्रोफेशनल क्लासिकल सिंगर और कानून की पढ़ाई कर चुकीं पल्लवी ने सेल्फ-स्टडी के जरिए UPSC 2022 में ऑल इंडिया रैंक 73 हासिल की। दूसरे प्रयास में मिली इस सफलता के पीछे नियमित अभ्यास, मॉक टेस्ट, आंसर राइटिंग और परिवार से मिले मार्गदर्शन की अहम भूमिका रही।

क्लासिकल सिंगिंग से शुरू हुआ सफर, फिर चुनी सिविल सेवा

मध्य प्रदेश के भोपाल की रहने वाली पल्लवी मिश्रा को बचपन से ही शास्त्रीय संगीत में रुचि थी। उनकी मां ने हारमोनियम और क्लासिकल म्यूजिक के प्रति उनकी दिलचस्पी बढ़ाई। धीरे-धीरे संगीत उनके जीवन का अहम हिस्सा बन गया। पल्लवी ने शास्त्रीय संगीत की ट्रेनिंग ली और इसमें मास्टर्स की डिग्री भी हासिल की। वह प्रोफेशनल क्लासिकल सिंगर के तौर पर अपनी पहचान बना चुकी थीं।

संगीत के साथ उन्होंने कानून की पढ़ाई भी पूरी की। उनकी योजना कॉर्पोरेट लॉयर के रूप में करियर बनाने की थी, लेकिन कोविड-19 के दौरान मिले समय ने उन्हें अपने भविष्य और जीवन के उद्देश्य पर दोबारा विचार करने का अवसर दिया। इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा में जाने का फैसला किया और UPSC की तैयारी शुरू कर दी।

बिना कोचिंग की तैयारी, भाई ने निभाई मेंटर की भूमिका

पल्लवी ने UPSC की तैयारी के लिए किसी कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। उन्होंने घर पर रहकर सेल्फ-स्टडी के जरिए परीक्षा की तैयारी की। इस दौरान उनके IPS अधिकारी भाई ने उन्हें मार्गदर्शन दिया। उन्होंने पढ़ाई की रणनीति बनाने, जरूरी किताबें चुनने और तैयारी के तरीके को बेहतर करने में मदद की।

पल्लवी ने अपनी तैयारी को प्रीलिम्स और मेन्स के अनुसार व्यवस्थित किया। प्रीलिम्स के लिए उन्होंने लगभग 10 से 12 हजार बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) हल किए। इससे उन्हें परीक्षा के पैटर्न को समझने और विषयों पर अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद मिली।

मेन्स की तैयारी के दौरान उन्होंने UPSC के सिलेबस पर फोकस किया। नियमित आंसर राइटिंग की प्रैक्टिस की, मॉक टेस्ट दिए और अपनी गलतियों का विश्लेषण किया। वह टॉपर्स की आंसर शीट्स भी देखती थीं, ताकि उत्तर लिखने के तरीके और प्रस्तुति में सुधार कर सकें।

पीठ में चोट और मानसिक दबाव के बीच जारी रखी तैयारी

UPSC की तैयारी के दौरान पल्लवी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उनके अनुसार, शारीरिक और मानसिक दबाव इस सफर की बड़ी मुश्किलों में शामिल थे। मेन्स परीक्षा से कुछ समय पहले उनकी पीठ में गंभीर चोट लग गई थी। इसके कारण लंबे समय तक बैठकर लिखना उनके लिए मुश्किल हो गया था।

इसके अलावा, अकेले रहकर पढ़ाई करना और परीक्षा के नतीजे को लेकर बनी अनिश्चितता भी चुनौतीपूर्ण थी। इन परिस्थितियों के बीच उन्होंने अपनी तैयारी को नियमित काम की तरह लिया। व्यायाम, संगीत और परिवार के साथ समय बिताना उनके लिए तनाव से निपटने के तरीके बने।

पल्लवी की तैयारी का तरीका बताता है कि लंबे समय तक लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखने के लिए पढ़ाई के साथ अपनी शारीरिक और मानसिक स्थिति का ख्याल रखना भी जरूरी है।

दूसरे प्रयास में AIR 73 हासिल कर बनीं IAS

पल्लवी को अपने पहले प्रयास में सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने इससे सीख लेकर दूसरे प्रयास की तैयारी को और बेहतर किया। वर्ष 2022 में UPSC सिविल सेवा परीक्षा के दूसरे प्रयास में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 73 हासिल की और IAS बनने का अपना लक्ष्य पूरा किया।

उनकी सफलता में सेल्फ-स्टडी, लगातार अभ्यास, आंसर राइटिंग और गलतियों से सीखने की रणनीति महत्वपूर्ण रही। भाई से मिले मार्गदर्शन ने भी उनकी तैयारी को दिशा दी।

पल्लवी की कहानी यह दिखाती है कि UPSC की तैयारी में कोचिंग के अलावा स्व-अध्ययन, सही रणनीति और अनुशासन भी अहम भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, हर अभ्यर्थी की जरूरत और तैयारी का तरीका अलग होता है। उनकी यात्रा से सबसे महत्वपूर्ण सीख यही मिलती है कि असफलता को अंतिम पड़ाव मानने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।

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