निक किर्गियोस पर कोकीन टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद अस्थायी निलंबन

टेनिस स्टार निक किर्गियोस को कोकीन के मेटाबोलाइट के लिए पॉजिटिव पाए जाने के बाद अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है। मामले में ट्रिब्यूनल का फैसला बाकी है।

ऑस्ट्रेलियाई टेनिस स्टार निक किर्गियोस को कोकीन के मेटाबोलाइट के लिए पॉजिटिव पाए जाने के बाद अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है। मामले में ट्रिब्यूनल का फैसला बाकी है।

टेनिस: ऑस्ट्रेलिया के टेनिस खिलाड़ी निक किर्गियोस को कोकीन के लिए पॉजिटिव पाए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय टेनिस से अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। इंटरनेशनल टेनिस इंटीग्रिटी एजेंसी (ITIA) के अनुसार, किर्गियोस का सैंपल 22 जून को मल्लोर्का ओपन के दौरान लिया गया था, जिसमें कोकीन के मेटाबोलाइट बेंजोइलइक्गोनिन की मौजूदगी मिली। 31 वर्षीय किर्गियोस पर 4 अगस्त से अस्थायी निलंबन लागू है। फिलहाल यह मामला अंतिम फैसला आने तक जारी रहेगा। खिलाड़ी के पास निलंबन के खिलाफ अपील करने का अधिकार है, लेकिन ITIA के मुताबिक उन्होंने अभी तक इसके खिलाफ अपील नहीं की है।

मल्लोर्का ओपन के दौरान लिया गया था सैंपल

किर्गियोस का डोपिंग सैंपल 22 जून को मल्लोर्का ओपन में लिया गया था। जांच में उसमें बेंजोइलइक्गोनिन मिला, जो कोकीन के सेवन के बाद शरीर में बनने वाला प्रमुख मेटाबोलाइट है।

यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सैंपल उस प्रतियोगिता के दौरान लिया गया था, जिसमें किर्गियोस ने हिस्सा लिया था। उन्होंने मल्लोर्का ओपन में पुरुष एकल मुकाबला खेला था और पहले दौर में एडम वॉल्टन के खिलाफ हार गए थे।

डोपिंग नियमों के तहत प्रतियोगिता के दौरान प्रतिबंधित पदार्थ पाए जाने पर खिलाड़ी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, अंतिम सजा का फैसला संबंधित न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।

किर्गियोस ने गलती स्वीकार की

डोपिंग मामले के सामने आने के बाद निक किर्गियोस ने सोशल मीडिया पर लंबा बयान जारी किया। उन्होंने इस घटना को बड़ी गलती बताया और इसकी पूरी जिम्मेदारी लेने की बात कही। किर्गियोस ने अपने प्रशंसकों, परिवार, प्रायोजकों और अपने करीबियों से माफी मांगी। उन्होंने खास तौर पर उन बच्चों का जिक्र किया जो उन्हें फॉलो करते हैं और कहा कि वह जानते हैं कि उनके इस कदम का गलत उदाहरण पड़ सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों में चोटों ने उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से काफी प्रभावित किया है। उनके मुताबिक, उनका शरीर वह सब करने में सक्षम नहीं रहा जिसकी उनसे उनका मन उम्मीद करता था। किर्गियोस ने कहा कि करियर के अंतिम दौर के करीब पहुंचने की स्थिति को स्वीकार करना उनके लिए उनकी कल्पना से कहीं ज्यादा मुश्किल रहा है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इनमें से कोई भी परिस्थिति उनके किए गए काम को सही नहीं ठहराती।

28 दिनों के लिए सोशल मीडिया से दूरी

किर्गियोस ने कहा कि वह अगले 28 दिनों तक सोशल मीडिया और सार्वजनिक जीवन से दूरी बनाएंगे। उनका कहना है कि वह इस समय खुद पर ध्यान देना चाहते हैं और अपनी स्थिति को बेहतर करने की कोशिश करेंगे।

यह बयान ऐसे समय आया है जब किर्गियोस लंबे समय से चोटों और सीमित प्रतिस्पर्धी टेनिस से जूझ रहे हैं। घुटने और कलाई की समस्याओं ने उनके करियर को काफी प्रभावित किया है और वह इस सीजन अब तक केवल चार एकल मुकाबले खेल पाए हैं।

उनकी मौजूदा स्थिति को देखते हुए अस्थायी निलंबन उनके पेशेवर करियर के लिए एक और बड़ा झटका है।

कितनी हो सकती है सजा?

डोपिंग नियमों के तहत किर्गियोस पर अधिकतम चार साल तक का प्रतिबंध लग सकता है। हालांकि कोकीन जैसे पदार्थ के मामले में नियम परिस्थितियों के आधार पर अलग-अलग सजा का प्रावधान करते हैं।

अगर कोई खिलाड़ी यह साबित कर देता है कि प्रतिबंधित पदार्थ प्रतियोगिता से बाहर लिया गया था, तो संभावित अधिकतम निलंबन कम होकर तीन महीने तक हो सकता है।

हालांकि किर्गियोस के मामले में अंतिम सजा कई तथ्यों पर निर्भर करेगी। सैंपल प्रतियोगिता के दौरान लिया गया था और आगे की प्रक्रिया में यह तय किया जाएगा कि नियमों के अनुसार इस मामले को किस तरह देखा जाता है।

फिलहाल उनके खिलाफ अस्थायी निलंबन लागू है और अंतिम निर्णय ट्रिब्यूनल की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सामने आएगा।

निलंबन के दौरान क्या नहीं कर सकेंगे किर्गियोस?

अस्थायी निलंबन के चलते किर्गियोस किसी भी ग्रैंड स्लैम प्रतियोगिता में खेल, कोचिंग या उपस्थिति से जुड़े आधिकारिक कार्य नहीं कर सकते। इसके अलावा पुरुष और महिला टेनिस टूर से स्वीकृत अन्य प्रतियोगिताओं में भी उन पर प्रतिबंध लागू रहेगा।

इसका मतलब है कि जब तक मामला लंबित है और निलंबन समाप्त या बदला नहीं जाता, तब तक उनके लिए आधिकारिक पेशेवर टेनिस गतिविधियों में भाग लेना संभव नहीं होगा।

चोटों ने पहले ही प्रभावित किया है करियर

किर्गियोस पिछले कुछ वर्षों से लगातार चोटों से जूझते रहे हैं। घुटने और कलाई की परेशानियों के कारण उनकी कोर्ट पर मौजूदगी सीमित रही है।

इस सीजन उन्होंने केवल चार एकल मुकाबले खेले हैं। उनका आखिरी मुकाबला विंबलडन में पुरुष युगल वर्ग का था, जहां उन्होंने अलेक्जेंडर बुब्लिक के साथ जोड़ी बनाई थी। यह जोड़ी पहले दौर में हार गई थी।

लगातार चोटों और सीमित मैच अभ्यास के कारण किर्गियोस का करियर पहले ही अनिश्चित दौर से गुजर रहा था। अब डोपिंग मामला उनके भविष्य को लेकर एक नई चुनौती बन गया है।

टेनिस करियर में बड़ी उपलब्धियां

किर्गियोस का करियर विवादों के साथ-साथ कई बड़ी उपलब्धियों से भी भरा रहा है। उन्होंने एटीपी टूर पर सात एकल खिताब जीते हैं।

उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में 2022 विंबलडन फाइनल में पहुंचना शामिल है। फाइनल में उन्हें नोवाक जोकोविच के खिलाफ चार सेटों में हार का सामना करना पड़ा था।

किर्गियोस ने 2022 में अपने हमवतन थानासी कोकिनाकिस के साथ ऑस्ट्रेलियन ओपन पुरुष युगल खिताब भी जीता था। अपने सर्वश्रेष्ठ दौर में वह दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों को हराने की क्षमता रखने वाले बेहद प्रतिभाशाली टेनिस खिलाड़ियों में गिने जाते थे।

कोर्ट पर व्यवहार को लेकर भी रहे विवादों में

निक किर्गियोस लंबे समय से अपने आक्रामक और विवादास्पद व्यवहार के कारण चर्चा में रहे हैं। कोर्ट पर रैकेट तोड़ने, अंपायर से बहस करने और आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल के कारण उन पर कई बार भारी जुर्माना लगाया गया।

उनके व्यवहार को लेकर टेनिस जगत में अक्सर बहस होती रही है। इसके बावजूद उनकी प्रतिभा और बड़े खिलाड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन करने की क्षमता ने उन्हें खेल के सबसे चर्चित खिलाड़ियों में बनाए रखा।

2023 में उन्होंने दो साल पहले अपनी पूर्व प्रेमिका के साथ मारपीट के आरोप को स्वीकार किया था। हालांकि इस मामले में उन्हें आपराधिक दोषसिद्धि का सामना नहीं करना पड़ा।

डोपिंग मामलों पर पहले भी टिप्पणी कर चुके हैं

दिलचस्प बात यह है कि किर्गियोस पहले भी टेनिस में डोपिंग से जुड़े मामलों पर मुखर रहे हैं। उन्होंने शीर्ष खिलाड़ियों जैनिक सिनर और इगा स्वियातेक से जुड़े चर्चित डोपिंग मामलों को लेकर टेनिस अधिकारियों की प्रक्रिया की आलोचना की थी।

अब खुद डोपिंग मामले में अस्थायी निलंबन झेल रहे किर्गियोस के लिए यह स्थिति काफी अलग और चुनौतीपूर्ण है। उन्हें अब अपने मामले में नियामकीय प्रक्रिया का सामना करना होगा।

मानसिक स्वास्थ्य पर भी खुलकर बोल चुके हैं

निक किर्गियोस ने अपने मानसिक स्वास्थ्य संघर्षों को लेकर भी अतीत में सार्वजनिक रूप से बात की है। उन्होंने बताया था कि 2019 में विंबलडन में हार के बाद लंदन के एक मनोरोग अस्पताल में उन्हें समय बिताना पड़ा था।

उन्होंने उस दौर में आत्महत्या के विचार आने की बात भी सार्वजनिक रूप से साझा की थी। उनके इन बयानों ने पेशेवर खेलों में खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चर्चा को बढ़ावा दिया था।

मौजूदा डोपिंग मामले में भी उन्होंने चोटों और करियर के अंतिम चरण को लेकर मानसिक दबाव का जिक्र किया है। हालांकि उन्होंने साफ कहा है कि ये परिस्थितियां उनके फैसले का बहाना नहीं हैं।

अब ट्रिब्यूनल के फैसले पर नजर

किर्गियोस के मामले में अब आगे की कानूनी और अनुशासनात्मक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। ITIA ने बताया है कि खिलाड़ी को अस्थायी निलंबन के खिलाफ अपील का अधिकार था, लेकिन फिलहाल उन्होंने अपील नहीं की है।

अंतिम निर्णय के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किर्गियोस पर कितने समय का प्रतिबंध लगाया जाता है और वह कब तक पेशेवर टेनिस में वापसी कर पाएंगे।

उनके प्रशंसकों के लिए यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 31 वर्षीय खिलाड़ी पहले ही चोटों के कारण अपने करियर के चुनौतीपूर्ण दौर में हैं।

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