भारत में नीति निर्माण के प्रमुख थिंक टैंक NITI Aayog के हालिया पुनर्गठन के बाद नई टीम ने कामकाज संभालना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में नवनियुक्त उपाध्यक्ष Ashok Lahiri ने पदभार ग्रहण करने के एक दिन बाद ही प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात की।
नई दिल्ली: नीति आयोग के नए उपाध्यक्ष डॉ. अशोक लाहिड़ी ने पद संभालने के एक दिन बाद शनिवार को नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह उनकी नई जिम्मेदारी के तहत पहली आधिकारिक बैठक मानी जा रही है, जो इस बात का संकेत देती है कि सरकार नीति आयोग के कामकाज को लेकर सक्रियता से आगे बढ़ रही है।
प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद डॉ. लाहिड़ी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसकी जानकारी साझा की और इस अहम बैठक का उल्लेख किया। यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है जब हाल ही में केंद्र सरकार ने नीति आयोग का पुनर्गठन किया है और नई टीम को जिम्मेदारियां सौंपी हैं।
पीएम मोदी से पहली आधिकारिक मुलाकात
अशोक लाहिड़ी की यह मुलाकात उनकी नई जिम्मेदारी के तहत पहली आधिकारिक बैठक थी। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अर्थशास्त्र और सार्वजनिक नीति में उनका अनुभव देश के विकास एजेंडा को मजबूत करेगा। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में विश्वास जताया कि लाहिड़ी के नेतृत्व में नीति आयोग भारत को “विकसित राष्ट्र” बनाने की दिशा में नीतिगत पहल को नई गति देगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी स्थिति को और सुदृढ़ करने की कोशिश कर रहा है।
![]()
कौन हैं अशोक लाहिड़ी?
अशोक लाहिड़ी भारत के प्रतिष्ठित अर्थशास्त्रियों में गिने जाते हैं। वे इससे पहले भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार रह चुके हैं और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों जैसे World Bank तथा International Monetary Fund के साथ भी काम कर चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने Delhi School of Economics और एशियन डेवलपमेंट बैंक जैसे संस्थानों में भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। वर्तमान में वे पश्चिम बंगाल के बालुरघाट से विधायक भी हैं, जिससे उनके पास आर्थिक और राजनीतिक दोनों क्षेत्रों का अनुभव है।
अशोक लाहिड़ी ने इस पद पर Suman Bery का स्थान लिया है, जो मई 2022 से नीति आयोग के उपाध्यक्ष थे। नए नेतृत्व से उम्मीद की जा रही है कि आयोग की नीतियों और कार्यक्रमों में नई ऊर्जा और दृष्टिकोण देखने को मिलेगा।
गोबर्धन दास की नियुक्ति से बढ़ा शैक्षणिक प्रतिनिधित्व
इस पुनर्गठन की एक और अहम कड़ी के रूप में प्रसिद्ध वैज्ञानिक और शिक्षाविद Gobardhan Das को भी नीति आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया है।गोबर्धन दास इससे पहले IISER Bhopal के निदेशक रह चुके हैं और Jawaharlal Nehru University में भी शिक्षण कार्य कर चुके हैं। उनकी नियुक्ति से नीति आयोग में वैज्ञानिक और शैक्षणिक दृष्टिकोण को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा कि नीति आयोग देश में “सहकारी संघवाद” को बढ़ावा देने और सुधारों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आयोग का उद्देश्य नीतियों के जरिए आम नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। नई टीम से अपेक्षा की जा रही है कि वह राज्यों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में मदद करेगी।









