तेलंगाना में कांग्रेस सरकार और BJP के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ गया है। BJP अध्यक्ष नितिन नबीन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हमले के बावजूद प्रशासन निष्क्रिय रहा और BJP नेताओं की गिरफ्तारी की गई। उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा।
हैदराबाद: तेलंगाना में कांग्रेस सरकार और भारतीय जनता पार्टी के बीच राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने और कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लगे हमलों के मामलों में प्रशासन की निष्क्रियता का आरोप लगाया है। उन्होंने तेलंगाना BJP के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंदर राव से बातचीत कर राज्य में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम की जानकारी ली।
नितिन नबीन ने तेलंगाना BJP को कांग्रेस सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों के खिलाफ ‘सड़क से सदन तक’ आंदोलन जारी रखने का निर्देश दिया। यह बातचीत उस समय हुई जब राज्य BJP इकाई कांग्रेस सरकार के 1,000 दिनों के शासन को लेकर उसके प्रदर्शन और नीतियों पर सवाल उठा रही है।
BJP प्रदेश अध्यक्ष से नितिन नबीन ने ली जानकारी
BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मंगलवार को तेलंगाना BJP के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंदर राव को फोन किया। बातचीत के दौरान उन्होंने राज्य BJP कार्यालय पर कथित हमले, नलगोंडा में BJP जिला अध्यक्ष नागम वर्षित रेड्डी के घर पर हुए हमले और BJP नेताओं की गिरफ्तारी से संबंधित घटनाओं की जानकारी ली।
रामचंदर राव ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को सोमवार से राज्य में हुए घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार के 1,000 दिनों के शासन की कथित विफलताओं को लेकर BJP द्वारा आवाज उठाए जाने के बाद पार्टी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई।
प्रदेश BJP अध्यक्ष ने यह भी बताया कि उन्हें नजरबंद किया गया और नलगोंडा जिला अध्यक्ष वर्षित रेड्डी से मिलने जाने से रोका गया। इसके बाद उन्हें गांधीनगर पुलिस स्टेशन ले जाया गया।
‘सड़क से सदन तक’ संघर्ष जारी रखने का निर्देश
नितिन नबीन ने तेलंगाना BJP नेतृत्व को आश्वासन दिया कि राष्ट्रीय संगठन राज्य इकाई के साथ खड़ा है। उन्होंने पार्टी नेताओं से कांग्रेस सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन जारी रखने को कहा।
BJP अध्यक्ष ने ‘सड़क से सदन तक’ के अभियान को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। इसका उद्देश्य पार्टी के मुताबिक राज्य सरकार की नीतियों और शासन से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच उठाने के साथ-साथ विधानसभा में भी मजबूती से रखने का है।
नबीन ने यह भी कहा कि वह नलगोंडा BJP जिला अध्यक्ष नागम वर्षित रेड्डी से स्वयं बातचीत करेंगे। वर्षित रेड्डी के आवास पर कथित हमले के बाद यह मामला राज्य की सियासत में चर्चा का विषय बना हुआ है।
कांग्रेस पर हमले के आरोप, प्रशासन पर उठाए सवाल
बाद में नितिन नबीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस बातचीत की जानकारी साझा की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा BJP नेताओं को निशाना बनाए जाने के दौरान प्रशासन निष्क्रिय रहता है, लेकिन जब BJP नेता कथित पीड़ितों से मिलने पहुंचते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
नबीन ने इसी संदर्भ में राहुल गांधी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा संविधान को लेकर दिए जाने वाले बयानों और भाषणों को निशाना बनाते हुए उन्हें ‘पूरी तरह दिखावा’ बताया। BJP अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि तेलंगाना में कांग्रेस सरकार का रवैया लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
हालांकि, ये आरोप BJP अध्यक्ष की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं और कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट में उपलब्ध जानकारी के आधार पर शामिल नहीं है।
राहुल गांधी को लेकर क्यों बढ़ा राजनीतिक विवाद?
राहुल गांधी लंबे समय से संविधान, लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर BJP और केंद्र सरकार को घेरते रहे हैं। ऐसे में नितिन नबीन का उनके संविधान संबंधी बयानों को निशाना बनाना तेलंगाना के स्थानीय राजनीतिक विवाद को राष्ट्रीय राजनीति से जोड़ता है।
BJP का कहना है कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई और कथित राजनीतिक हिंसा लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। दूसरी ओर, कांग्रेस और BJP के बीच ऐसे आरोप-प्रत्यारोप देश के विभिन्न राज्यों में राजनीतिक संघर्ष का हिस्सा रहे हैं।
तेलंगाना में यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब BJP राज्य सरकार के खिलाफ अपने अभियान को तेज करने की कोशिश कर रही है। पार्टी कांग्रेस सरकार के कार्यकाल की समीक्षा करते हुए उसके वादों और शासन व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठा रही है।
नलगोंडा की घटना से बढ़ा तनाव
नलगोंडा BJP जिला अध्यक्ष नागम वर्षित रेड्डी के घर पर कथित हमला इस पूरे विवाद का अहम हिस्सा है। BJP का आरोप है कि कांग्रेस से जुड़े लोगों ने उनके आवास को निशाना बनाया। इसके बाद BJP नेताओं ने घटना की जानकारी लेने और कथित पीड़ित नेता से मिलने की कोशिश की।
इसी दौरान प्रदेश BJP अध्यक्ष एन. रामचंदर राव को कथित तौर पर रोककर हिरासत में लिए जाने का मुद्दा सामने आया। BJP नेतृत्व ने इसे विपक्ष की राजनीतिक गतिविधियों को रोकने की कोशिश बताया है।
नितिन नबीन ने इसी घटना को लेकर राज्य प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए और कहा कि पार्टी नेतृत्व इस मामले में राज्य इकाई को पूरा समर्थन देगा।
तेलंगाना में BJP का अभियान होगा तेज
BJP नेतृत्व के रुख से संकेत मिलता है कि पार्टी तेलंगाना में कांग्रेस सरकार के खिलाफ अपना राजनीतिक अभियान और तेज करने की तैयारी में है। ‘सड़क से सदन तक’ अभियान के जरिए BJP स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने के साथ-साथ विधानसभा और सार्वजनिक मंचों पर भी सरकार को घेरने की रणनीति अपना रही है।
पार्टी का फोकस कांग्रेस सरकार के 1,000 दिनों के कार्यकाल, कानून-व्यवस्था, राजनीतिक विरोधियों के साथ कथित व्यवहार और शासन से जुड़े मुद्दों पर रहेगा। नितिन नबीन ने राज्य नेतृत्व को संगठनात्मक स्तर पर सक्रिय रहने और सरकार की नीतियों के खिलाफ जनता के बीच जाने का संदेश दिया है।
राष्ट्रीय नेतृत्व की नजर तेलंगाना की राजनीति पर
तेलंगाना में BJP का राष्ट्रीय नेतृत्व राज्य इकाई की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है। नितिन नबीन की रामचंदर राव से बातचीत और नलगोंडा के BJP नेता से स्वयं संपर्क करने की घोषणा को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
राज्य में कांग्रेस और BJP के बीच बढ़ती राजनीतिक प्रतिस्पर्धा आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है। BJP जहां सरकार के खिलाफ अपने आरोपों को जनता के बीच ले जाने की तैयारी कर रही है, वहीं कांग्रेस को इन आरोपों का राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर जवाब देना होगा।
फिलहाल नितिन नबीन के बयान ने तेलंगाना की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। राहुल गांधी के संविधान संबंधी बयानों पर BJP अध्यक्ष की टिप्पणी और कांग्रेस सरकार पर लगाए गए प्रशासनिक पक्षपात के आरोप आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का प्रमुख मुद्दा बन सकते हैं।








