नितिन नबीन ने संभाला राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का दायित्व, विपक्ष ने उठाए सवाल

नितिन नबीन ने संभाला राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का दायित्व, विपक्ष ने उठाए सवाल

भाजपा ने नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया। कांग्रेस ने इसे सिर्फ औपचारिक पद बताया और कहा कि असली निर्णय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ही लेंगे। नबीन ने दिल्ली में औपचारिक कार्यभार संभाला।

New Delhi: भारतीय जनता पार्टी ने बिहार के वरिष्ठ नेता और पांच बार के विधायक नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस नियुक्ति के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। जहां भाजपा इसे संगठन को मजबूती देने वाला कदम बता रही है, वहीं कांग्रेस ने इस फैसले पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह नियुक्ति सिर्फ नाम की है और पार्टी की असली कमान पहले की तरह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथों में ही रहेगी।

कांग्रेस का आरोप

कांग्रेस पार्टी ने इस नियुक्ति को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि नितिन नबीन को असली अधिकार नहीं दिए गए हैं। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने बयान देते हुए कहा कि भाजपा में अध्यक्ष पद अब सिर्फ एक औपचारिक भूमिका बनकर रह गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि असली रिमोट कंट्रोल अमित शाह के हाथों में है और आगे भी वही पार्टी के प्रमुख फैसले लेते रहेंगे।

बिना चुनाव नियुक्ति पर सवाल

पवन खेड़ा ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा अध्यक्ष की यह नियुक्ति बिना किसी आंतरिक चुनाव के की गई है। उन्होंने कहा कि नितिन नबीन को ‘कार्यकारी अध्यक्ष’ का पदनाम दिया गया है, जो अपने आप में यह दर्शाता है कि उन्हें पूर्ण अधिकार नहीं मिलेंगे। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा में यह एक सांकेतिक शब्द है, जिसका मतलब है कि पार्टी का संचालन कोई और कर रहा है।

नड्डा के कार्यकाल का उदाहरण

कांग्रेस नेता ने जेपी नड्डा के कार्यकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि नड्डा जी पार्टी अध्यक्ष के तौर पर देशभर में घूमते रहे, लेकिन बड़े और अहम निर्णय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ही लेते थे। खेड़ा ने दावा किया कि अब भी वही स्थिति बनी रहेगी और नितिन नबीन सिर्फ नाम के अध्यक्ष बनकर रह जाएंगे।

भाजपा की प्रतिक्रिया

भाजपा की ओर से इस पर सीधी प्रतिक्रिया भले ही सामने न आई हो, लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह नियुक्ति संगठनात्मक संतुलन और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है। भाजपा इसे बिहार और पूर्वी भारत में संगठन की पकड़ मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मान रही है।

नितिन नबीन का दिल्ली प्रस्थान

नवनियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन सोमवार को दिल्ली के लिए रवाना हुए। दिल्ली पहुंचते ही उन्होंने भाजपा मुख्यालय में अपने नए दायित्वों का औपचारिक रूप से कार्यभार संभाला। यह उनके राजनीतिक करियर की अब तक की सबसे बड़ी जिम्मेदारी मानी जा रही है।

बिहार की जनता के प्रति आभार

दिल्ली रवाना होने से पहले नितिन नबीन ने समाचार एजेंसी से बातचीत में बिहार और अपने निर्वाचन क्षेत्र की जनता के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी उन्हें जनता के आशीर्वाद से ही मिली है। नबीन ने स्पष्ट किया कि उनके लिए यह सिर्फ पद नहीं बल्कि बड़ी जिम्मेदारी है।

नितिन नबीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन और विश्वास के कारण ही उन्हें यह अवसर मिला है। नबीन ने भरोसा दिलाया कि वे पार्टी की उम्मीदों पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे।

महावीर मंदिर में पूजा

दिल्ली जाने से पहले नितिन नबीन ने पटना के प्रसिद्ध महावीर मंदिर में दर्शन किए। उन्होंने वहां पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लिया। नबीन का कहना है कि नई जिम्मेदारी संभालने से पहले आध्यात्मिक बल लेना उनके लिए जरूरी था।

इसके साथ ही नितिन नबीन ने अपने पिता और वरिष्ठ भाजपा नेता रहे नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा की प्रतिमा पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उनके पिता ने उन्हें राजनीति में ईमानदारी और संगठन के प्रति समर्पण का पाठ पढ़ाया था।

कार्यकर्ताओं को लेकर बयान

इस मौके पर नितिन नबीन ने कहा कि भाजपा नेतृत्व हमेशा अपने कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने का अवसर देता रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी केवल काम करने का मौका ही नहीं देती, बल्कि आत्मविश्वास के साथ जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित भी करती है।

नितिन नबीन का राजनीतिक सफर बिहार की राजनीति से शुरू होकर अब राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा है। पांच बार विधायक चुने जा चुके नबीन संगठन और सरकार दोनों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। भाजपा के भीतर उन्हें एक जमीनी नेता के रूप में देखा जाता है।

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