नोवाक जोकोविच ने विंबलडन 2026 में रूस के रोमान सफीउलिन को हराकर इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ उन्होंने रोजर फेडरर का रिकॉर्ड तोड़ा, 106वीं जीत दर्ज की और रिकॉर्ड 17वीं बार क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई।
विंबलडन 2026: सर्बिया के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच ने विंबलडन 2026 में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली। चौथे दौर के मुकाबले में उन्होंने रूस के क्वालिफायर रोमान सफीउलिन को 7-6 (8-6), 6-3, 3-6, 6-3 से हराकर विंबलडन में अपने करियर की 106वीं जीत दर्ज की।
इस जीत के साथ जोकोविच विंबलडन के इतिहास में सबसे ज्यादा मैच जीतने वाले पुरुष खिलाड़ी बन गए। उन्होंने स्विट्जरलैंड के महान खिलाड़ी रोजर फेडरर की 105 जीत का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। अब पूरे विंबलडन इतिहास में उनसे आगे केवल महिला टेनिस की दिग्गज मार्टिना नवरातिलोवा हैं, जिनके नाम 120 मैच जीतने का रिकॉर्ड दर्ज है।
फेडरर का रिकॉर्ड टूटा, इतिहास में दर्ज हुआ नया अध्याय
विंबलडन के सेंटर कोर्ट पर मिली यह जीत केवल एक और नॉकआउट सफलता नहीं थी, बल्कि यह टेनिस इतिहास का एक महत्वपूर्ण पल भी बन गई।
रोजर फेडरर लंबे समय तक विंबलडन में सबसे अधिक मैच जीतने वाले पुरुष खिलाड़ी रहे। हालांकि जोकोविच ने लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर अब यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। यह उपलब्धि उनकी लंबी निरंतरता, फिटनेस और बड़े टूर्नामेंटों में दबाव झेलने की क्षमता को दर्शाती है।
रिकॉर्ड 17वीं बार क्वार्टरफाइनल में जगह
रोमान सफीउलिन के खिलाफ जीत के साथ जोकोविच ने रिकॉर्ड 17वीं बार विंबलडन के क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया। अब उनका अगला मुकाबला कनाडा के फेलिक्स ऑगर-अलियासिमे से होगा। यदि जोकोविच इस मुकाबले में जीत दर्ज करते हैं, तो वह सेमीफाइनल की ओर एक और मजबूत कदम बढ़ाएंगे और अपने आठवें विंबलडन खिताब के और करीब पहुंच जाएंगे।
सफीउलिन ने दी कड़ी चुनौती
विश्व रैंकिंग में 132वें स्थान पर मौजूद रोमान सफीउलिन ने मुकाबले में उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया। छह महीने पहले गंभीर चोट से उबरने वाले रूसी खिलाड़ी ने अनुभवी जोकोविच को पूरे मैच में कड़ी चुनौती दी। पहले सेट में सफीउलिन ने 5-3 की बढ़त बना ली थी और सेट जीतने के करीब पहुंच गए थे। हालांकि जोकोविच ने अपने अनुभव का शानदार प्रदर्शन करते हुए वापसी की और टाई-ब्रेकर में पहला सेट अपने नाम कर लिया। तीसरे सेट में सफीउलिन ने फिर शानदार खेल दिखाया। उन्होंने जोकोविच की सर्विस ब्रेक की और 6-3 से सेट जीतकर मुकाबले को और रोमांचक बना दिया। हालांकि चौथे सेट में जोकोविच ने अपनी लय वापस हासिल करते हुए मैच समाप्त कर दिया।

मैच के दौरान जोकोविच का गुस्सा भी चर्चा में रहा
मुकाबले के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब जोकोविच अपना संयम खो बैठे। मैच की शुरुआत में उन्हें आंखों में परेशानी महसूस हुई और तीसरे सेट में सर्विस गंवाने के बाद उन्होंने गुस्से में गेंद को दूसरी ओर मार दिया। इस हरकत पर चेयर अंपायर ने उन्हें आधिकारिक चेतावनी दी, जबकि दर्शकों ने भी हूटिंग की। हालांकि अनुभवी खिलाड़ी ने विवाद को आगे नहीं बढ़ने दिया और अपना पूरा ध्यान मुकाबले पर केंद्रित कर जीत हासिल की।
मैच के बाद मांगी माफी
जीत के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में जोकोविच ने अपने व्यवहार पर खेद जताया। उन्होंने कहा कि कभी-कभी कोर्ट पर भावनाओं को नियंत्रित करना आसान नहीं होता। उन्होंने स्वीकार किया कि वह कई बार गुस्से और निराशा का प्रदर्शन कर देते हैं और इसके लिए उन्होंने दर्शकों तथा खेल भावना के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए माफी मांगी। जोकोविच ने कहा कि किसी भी खिलाड़ी के लिए पूरे मैच के दौरान मानसिक रूप से वर्तमान में बने रहना सबसे कठिन चुनौती होती है और जो ऐसा कर पाता है, वही अंततः सफल होता है।
आठवें विंबलडन खिताब और 25वें ग्रैंड स्लैम पर नजर
जोकोविच इस बार विंबलडन का खिताब जीतकर रोजर फेडरर के आठ विंबलडन पुरुष एकल खिताबों के रिकॉर्ड की बराबरी करना चाहेंगे। इसके अलावा उनके सामने एक और बड़ा लक्ष्य है। यदि वह इस वर्ष का विंबलडन जीतते हैं, तो यह उनके करियर का 25वां ग्रैंड स्लैम एकल खिताब होगा, जो पुरुष और महिला दोनों वर्गों के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड बन सकता है।
हालांकि इस टूर्नामेंट में उनका सफर आसान नहीं रहा है। अब तक खेले गए चार मुकाबलों में से तीन में उन्हें जीत के लिए चार सेट तक संघर्ष करना पड़ा है, जिससे यह स्पष्ट है कि इस बार प्रतियोगिता पहले की तुलना में कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण है।
अनुभव बना जीत की सबसे बड़ी ताकत
39 वर्ष की उम्र में भी जोकोविच जिस स्तर की फिटनेस और मानसिक मजबूती दिखा रहे हैं, वह उन्हें दुनिया के सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल करती है। सफीउलिन जैसे युवा और ऊर्जावान खिलाड़ी के खिलाफ तीन घंटे से अधिक चले मुकाबले में उन्होंने धैर्य, रणनीति और अनुभव के दम पर जीत हासिल की। यही विशेषताएं उन्हें लगातार बड़े टूर्नामेंटों में सफल बनाती रही हैं।
अब क्वार्टरफाइनल पर टिकी निगाहें
विंबलडन 2026 में जोकोविच की अगली परीक्षा कनाडा के फेलिक्स ऑगर-अलियासिमे के खिलाफ होगी। यदि वह इस मुकाबले में भी जीत दर्ज करते हैं, तो आठवें विंबलडन खिताब और रिकॉर्ड 25वें ग्रैंड स्लैम की उनकी उम्मीदें और मजबूत हो जाएंगी।
फिलहाल 106वीं विंबलडन जीत के साथ नोवाक जोकोविच ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उम्र उनके प्रदर्शन में बाधा नहीं बनी है। फेडरर का रिकॉर्ड तोड़ने के बाद अब उनकी नजर नए इतिहास रचने और टेनिस के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में एक और खिताब अपने नाम करने पर है।










