नोवाक जोकोविच ने जीता करियर का 102वां खिताब, चोटिल डी मिनौर के रिटायर होने से मिली जीत

सर्बिया के स्टार नोवाक जोकोविच ने चीन ओपन का 102वां करियर खिताब जीता। एलेक्स डी मिनौर चोट के कारण हटे। वहीं कार्लोस अल्काराज ने जापान ओपन का खिताब बचाया।

नोवाक जोकोविच ने एलेक्स डी मिनौर के चोट के कारण हटने के बाद चीन ओपन का खिताब जीतकर करियर का 102वां एकल खिताब हासिल किया। वहीं कार्लोस अल्काराज ने जिरी लेहेका को हराकर जापान ओपन का सफलतापूर्वक बचाव किया।

चाइना ओपन: सर्बिया के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच ने चीन ओपन का खिताब जीतकर अपने शानदार करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है। 39 वर्षीय जोकोविच ने फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के एलेक्स डी मिनौर के चोट के कारण मुकाबले से हटने के बाद खिताब अपने नाम किया। यह जोकोविच के करियर का 102वां एकल खिताब है और लगातार 21वां साल है, जब उन्होंने कम से कम एक एकल खिताब जीता है।

चोट के कारण फाइनल से हटे एलेक्स डी मिनौर

चीन ओपन के फाइनल में जोकोविच और उनसे 12 साल छोटे एलेक्स डी मिनौर के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। जोकोविच ने पहला सेट 7-6 (7-3) से अपने नाम किया। इसके बाद दूसरे सेट में वह 0-1 से पीछे थे, तभी डी मिनौर ने बाएं जांघ में परेशानी के कारण मुकाबला जारी रखने में असमर्थता जताई। पहला सेट 68 मिनट तक चला।

इस दौरान दोनों खिलाड़ियों ने मेडिकल टाइमआउट भी लिया था। हालांकि, वापसी के बाद डी मिनौर केवल एक गेम ही खेल सके। इसके बाद उन्होंने जोकोविच से हाथ मिलाया और मुकाबले से हट गए। इस तरह जोकोविच को चीन ओपन का खिताब जीतने के लिए पूरा मुकाबला नहीं खेलना पड़ा, लेकिन इस जीत के साथ उन्होंने टूर्नामेंट में अपनी बादशाहत एक बार फिर साबित कर दी।

चीन ओपन में जोकोविच का शानदार रिकॉर्ड

जोकोविच की चीन ओपन में जीत का सिलसिला लगातार जारी है। इस जीत के साथ वह इस टूर्नामेंट में लगातार 34 मैच जीत चुके हैं। वह अब तक चीन ओपन का खिताब सात बार अपने नाम कर चुके हैं।

जोकोविच ने कहा कि बीजिंग में खिताब जीतना उनके लिए सामान्य टूर्नामेंट जीत से कहीं अधिक मायने रखता है। उन्होंने कहा कि वह हमेशा खिताब जीतने की कल्पना और उम्मीद रखते हैं, लेकिन बीजिंग उनके लिए खास है क्योंकि यहां वह अब तक कभी नहीं हारे हैं।

उनके मुताबिक, यह ट्रॉफी सिर्फ एक खिताब या एक टूर्नामेंट की जीत से कहीं अधिक महत्व रखती है।

सबसे ज्यादा एकल खिताब जीतने वालों में जोकोविच

102वां खिताब जीतने के बाद जोकोविच पुरुष टेनिस इतिहास में सबसे अधिक एकल खिताब जीतने वाले खिलाड़ियों की सूची में तीसरे स्थान पर हैं।

उनसे आगे केवल दो खिलाड़ी हैं। अमेरिका के जिमी कॉनर्स ने अपने करियर में 109 एकल खिताब जीते, जबकि स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर के नाम 103 एकल खिताब हैं। जोकोविच अब 102 खिताब के साथ फेडरर से केवल एक खिताब पीछे हैं।

यह उपलब्धि उनके लंबे और ऐतिहासिक करियर में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ती है।

एक साल से ज्यादा समय बाद जोकोविच ने जीता खिताब

चीन ओपन की यह जीत जोकोविच के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने एक साल से कुछ अधिक समय बाद कोई खिताब जीता है। उन्होंने अपने शरीर को बेहतर तरीके से संभालने के लिए पिछले कुछ समय में अपना कार्यक्रम सीमित रखा है।

इस साल जोकोविच केवल दूसरी बार किसी टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचे थे। इससे पहले वह जनवरी में ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में पहुंचे थे, जहां उन्हें स्पेन के कार्लोस अल्काराज से हार का सामना करना पड़ा था।

बीजिंग में खिताब तक पहुंचने के दौरान जोकोविच ने दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी अलेक्जेंडर ज्वेरेव को भी हराया। सेमीफाइनल में उनका सामना तीसरी वरीयता प्राप्त रूस के डेनियल मेदवेदेव से हुआ था। जोकोविच उस मुकाबले में एक सेट और एक ब्रेक की बढ़त पर थे, जब मेदवेदेव को डिफॉल्ट कर दिया गया।

शारीरिक समस्याओं के बावजूद शीर्ष स्तर पर कायम

जोकोविच की उच्चतम स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता पर शायद ही कभी सवाल उठता है। उन्होंने ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में पहुंचने के लिए दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी यानिक सिनर को हराया था और फाइनल में अल्काराज के खिलाफ भी एक सेट जीता था।

हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में उनकी सबसे बड़ी चुनौती उनका शरीर रहा है। अमेरिकी ओपन में पहले दौर की बेहद कठिन हार के बाद जोकोविच भावुक हो गए थे। उन्होंने उस दौरान एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझने की बात कही थी, जो खासकर बेहद गर्म और कठिन परिस्थितियों में उन्हें परेशान करती थी।

विंबलडन में भी उन्होंने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया, जहां उन्हें बाद में चैंपियन बने यानिक सिनर के खिलाफ हार मिली। वहीं फ्रेंच ओपन में उन्हें तीसरे दौर में उभरते हुए खिलाड़ी जोआओ फोंसेका ने चौंका दिया था। जोकोविच बोले- जब शरीर साथ देता है तो मैं अब भी सर्वश्रेष्ठ से मुकाबला कर सकता हूं

खिताब जीतने के बाद जोकोविच ने इस साल को अपने लिए उतार-चढ़ाव भरा बताया। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्हें शारीरिक और स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं का सामना करना पड़ा और उनका मुख्य लक्ष्य कोर्ट पर अच्छा महसूस करना था।

जोकोविच ने भरोसा जताया कि जब उनका शरीर ठीक महसूस करता है और उनके शॉट्स सही तरीके से लगते हैं, तब वह अब भी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के खिलाफ उच्चतम स्तर पर मुकाबला कर सकते हैं। यह बयान उनके मौजूदा करियर के उस दौर को दर्शाता है, जहां अनुभव और फिटनेस दोनों उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

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