राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा (NTSE) को दोबारा शुरू किए जाने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। NCERT पूर्व चयनित छात्रों का करियर डेटा जुटा रही है, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि छात्रवृत्ति योजना को नए स्वरूप में फिर शुरू किया जा सकता है।
New Delhi: राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। NCERT ने 2010-11 से 2020-21 तक एनटीएसई उत्तीर्ण छात्रों का करियर और उपलब्धियों से जुड़ा डेटा एकत्र करना शुरू किया है। शिक्षा विशेषज्ञ इसे परीक्षा के पुनर्गठन और दोबारा शुरू होने की संभावनाओं से जोड़कर देख रहे हैं। कोविड-19 महामारी के बाद से यह प्रतिष्ठित छात्रवृत्ति परीक्षा आयोजित नहीं की गई है।
दरअसल, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) और क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, अजमेर के निर्देश पर वर्ष 2010-11 से 2020-21 तक NTSE लेवल-2 पास कर चुके विद्यार्थियों की जानकारी एकत्र की जा रही है। इसमें छात्रों की वर्तमान प्रोफेशनल स्थिति, उपलब्धियां और करियर ग्रोथ से जुड़े पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा।
स्कूलों को जारी हुए निर्देश
राज्य स्तर पर हरियाणा के राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने जिला शिक्षा अधिकारियों के जरिए स्कूलों को निर्देश भेजे हैं। सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों को गूगल लिंक साझा कर पूर्व छात्रों तक यह जानकारी पहुंचाने को कहा गया है, ताकि वे अपनी प्रोफाइल और करियर डिटेल्स उपलब्ध करा सकें।
इस प्रक्रिया को केवल औपचारिक डेटा कलेक्शन नहीं माना जा रहा। शिक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसे अध्ययन आमतौर पर किसी योजना की प्रभावशीलता आंकने और उसे नए ढांचे में लागू करने से पहले किए जाते हैं।
क्यों खास मानी जाती रही NTSE परीक्षा
NTSE लंबे समय तक देश की सबसे प्रतिष्ठित स्कॉलरशिप परीक्षाओं में शामिल रही है। इस परीक्षा के जरिए मेधावी छात्रों की पहचान की जाती थी और उन्हें छात्रवृत्ति देकर आगे की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया जाता था। कई सफल वैज्ञानिक, शोधकर्ता और प्रशासनिक अधिकारी भी इस परीक्षा से जुड़े रहे हैं।
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि पूर्व छात्रों का प्रदर्शन और करियर डेटा सकारात्मक मिलता है, तो सरकार NTSE को नए मॉडल के साथ फिर से शुरू करने पर विचार कर सकती है।
कोविड के बाद से बंद है परीक्षा
राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा की शुरुआत 1963 में नेशनल साइंस टैलेंट सर्च स्कीम के रूप में हुई थी। बाद में इसे सभी विषयों के छात्रों के लिए विस्तारित किया गया और इसका नाम NTSE रखा गया।
करीब छह दशक तक लगातार आयोजित होने वाली यह परीक्षा कोविड-19 महामारी के बाद से आयोजित नहीं हुई है। 2021 के बाद इसका आयोजन बंद है, हालांकि NCERT की ओर से इसे स्थायी रूप से समाप्त करने की कोई आधिकारिक घोषणा अब तक नहीं की गई है। ऐसे में अब पूर्व छात्रों का डेटा संग्रह इसकी संभावित वापसी से जोड़कर देखा जा रहा है।









