ओडिसा-भिलाई वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश, चार चोरी की मोटरसाइकिल बरामद

ओडिसा-भिलाई वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश, चार चोरी की मोटरसाइकिल बरामद

भिलाई में पुलिस ने अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चार चोरी की बाइक बरामद की हैं। ओडिसा–भिलाई के बीच सक्रिय इस गिरोह से जुड़े चार चोरी के मामलों का खुलासा हुआ है।

Chhattisgarh: भिलाई नगर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वाहन चोरी करने वाले दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि ये आरोपी ओडिसा और भिलाई के बीच चोरी की बाइक का आदान-प्रदान करते थे। 

उसकी बाइक वह शासकीय अस्पताल के पास सड़क किनारे खड़ी कर गया था। बाजार से लौटते समय उसने देखा कि बाइक वहां नहीं है। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

बाइक चोरी की शिकायत से शुरू हुई जांच

मामले की शुरुआत 13 दिसंबर 2025 को हुई थी। पीड़ित अजय सिंह ने भिलाई नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह अपनी बाइक से रूआबांधा साप्ताहिक शनिचरी बाजार सब्जी खरीदने गया था।

उसने अपनी बाइक शासकीय अस्पताल के पास सड़क किनारे पार्क की थी। बाजार से लौटने पर वह बाइक वहां नहीं मिली। अज्ञात चोरों द्वारा चोरी की रिपोर्ट मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

चोरी की बाइक बेचते वक्त आरोपी पकड़ा गया

जांच के दौरान पुलिस को एक अहम सूचना मिली। बताया गया कि बनवाली कोलथिया नाम का व्यक्ति चोरी की बाइक बेचने के लिए ग्राहक तलाश कर रहा है। पुलिस ने सूचना के आधार पर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह अपने साथियों प्रदीप बाग उर्फ राजू और दिलीप के साथ मिलकर वाहन चोरी करता था। इसके बाद पुलिस ने प्रदीप बाग उर्फ राजू को भी गिरफ्तार कर लिया।

झाड़ियों और खंडहर में छिपाकर रखते थे बाइक

आरोपियों ने पुलिस को बताया कि चोरी की गई मोटरसाइकिलों को वे अस्थायी तौर पर छुपा कर रखते थे। इनमें से कुछ बाइकें भिलाई सिविक सेंटर के पास झाड़ियों में छिपाई जाती थीं, जबकि अन्य को सेक्टर-06 में स्थित एलआईसी कार्यालय के पास एक खंडहर में रखा जाता था। यह तरीका उन्होंने इसलिए अपनाया ताकि चोरी की मोटरसाइकिल तुरंत न पकड़ाई जाए और बाद में इन्हें बेचने या ओडिसा में भेजने में आसानी हो। 

पुलिस की जांच और आरोपियों की निशानदेही के आधार पर कुल चार चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की गईं। इनकी अनुमानित कीमत लगभग तीन लाख रुपये बताई जा रही है, जो गिरोह की गैरकानूनी गतिविधियों का स्पष्ट संकेत है।

पहले भी जेल जा चुके हैं आरोपी

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार दोनों आरोपी आदतन अपराधी हैं और इससे पहले भी जेल जा चुके हैं। उनकी गिरफ्तारी से भिलाई नगर थाना क्षेत्र का एक, नेवई थाना क्षेत्र का एक और ओडिसा के दो वाहन चोरी के मामले सुलझाए गए हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों से आगे पूछताछ कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई जारी है।

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