ओडिशा में शिक्षक भर्ती की मांग तेज, सैकड़ों अभ्यर्थियों ने शुरू की भूख हड़ताल

ओडिशा; भुवनेश्वर में खाली शिक्षक पदों पर भर्ती की मांग को लेकर सैकड़ों अभ्यर्थियों का आंदोलन तेज हो गया है। लोअर पीएमजी में धरने के बाद भूख हड़ताल शुरू की गई।

ओडिशा में सरकारी स्कूलों के खाली शिक्षक पदों पर भर्ती की मांग को लेकर सैकड़ों अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। लोअर पीएमजी में छह दिन से प्रदर्शन के बाद अभ्यर्थियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी और जल्द भर्ती अधिसूचना जारी करने की मांग की।

भुवनेश्वर: ओडिशा में सरकारी स्कूलों में लंबे समय से खाली पड़े शिक्षक पदों को भरने की मांग को लेकर शिक्षक अभ्यर्थियों का आंदोलन तेज हो गया है। शनिवार को प्रदर्शन का छठा दिन रहा। राजधानी भुवनेश्वर के लोअर पीएमजी में सैकड़ों अभ्यर्थियों ने धरना दिया और सरकार से जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। सरकार के साथ हुई बातचीत से कोई ठोस समाधान नहीं निकलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने भूख हड़ताल शुरू करने का फैसला किया है।

17 अगस्त से जारी है शिक्षक अभ्यर्थियों का प्रदर्शन

शिक्षक अभ्यर्थी ऑल ओडिशा टीचर्स एस्पिरेंट्स एसोसिएशन के बैनर तले 17 अगस्त से लोअर पीएमजी में धरना दे रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मुख्य मांग सरकारी स्कूलों में खाली पड़े शिक्षक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करना है। उनका कहना है कि वे शिक्षक बनने के लिए जरूरी शैक्षणिक योग्यता और प्रशिक्षण पूरा कर चुके हैं, लेकिन सरकारी नियुक्तियों के इंतजार में लंबे समय से बैठे हैं।

अभ्यर्थियों ने सरकारी प्राथमिक विद्यालयों और हाईस्कूलों में रिक्त शिक्षक पदों को भरने के साथ-साथ स्पेशल एजुकेटर और ओडिशा आदर्श विद्यालयों में खाली पदों पर भी भर्ती शुरू करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि शिक्षकों के पद खाली रहने का असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी पड़ता है। ऐसे में सरकार को रिक्तियों की स्थिति स्पष्ट करते हुए भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करनी चाहिए।

पोस्टर और बैनर के साथ प्रदर्शन

शनिवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पोस्टर और बैनर लेकर प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों के पोस्टरों पर नियुक्ति से जुड़े नारे लिखे थे। उनका संदेश था कि उन्हें आश्वासन नहीं, बल्कि रोजगार के लिए स्पष्ट भर्ती प्रक्रिया चाहिए।

अभ्यर्थियों का कहना है कि वे सरकार से किसी विशेष रियायत की मांग नहीं कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि खाली पदों के लिए आधिकारिक भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए और योग्य उम्मीदवारों को परीक्षा तथा चयन प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिले।

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह मुद्दा रोजगार और भविष्य से जुड़ा हुआ है। उनका कहना है कि कई अभ्यर्थियों ने शिक्षक बनने के उद्देश्य से वर्षों तक पढ़ाई और प्रशिक्षण किया है।

मंत्री के साथ हुई बातचीत से नहीं निकला समाधान

शुक्रवार को प्रदर्शनकारी शिक्षक अभ्यर्थियों के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने ओडिशा के स्कूल एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गंड से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के सामने खाली शिक्षक पदों को भरने और भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग रखी।

अभ्यर्थियों के मुताबिक, बातचीत के दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि करीब 26 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया पहले से चल रही है और फिलहाल इससे अधिक नियुक्तियों की घोषणा नहीं की जाएगी। हालांकि, प्रदर्शनकारी इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुए।

अभ्यर्थियों का आरोप है कि उन्हें यह भी बताया गया कि समय आने पर उन्हें नौकरी दी जाएगी और सरकार को तत्काल भर्ती के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे किसी अनिश्चित आश्वासन के बजाय रिक्त पदों की वास्तविक संख्या और भर्ती की समयसीमा को लेकर स्पष्ट जानकारी चाहते हैं।

बातचीत के बाद आंदोलन और तेज

सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के बाद भी जब अभ्यर्थियों को कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला, तो उन्होंने आंदोलन को और तेज करने का फैसला किया। शनिवार से भूख हड़ताल शुरू की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

अभ्यर्थियों ने यह भी कहा कि वे लोअर पीएमजी में अनिश्चितकाल तक धरना जारी रखने के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि सरकार को उनकी मांग को केवल विरोध-प्रदर्शन के रूप में नहीं देखना चाहिए, बल्कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की जरूरत और योग्य युवाओं के रोजगार से जुड़े विषय के तौर पर विचार करना चाहिए।

कैंडल मार्च में उठाई नियुक्ति की मांग

शनिवार को आंदोलन के दौरान शिक्षक अभ्यर्थियों ने कैंडल मार्च भी निकाला। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में मोमबत्तियां और तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सामने रखा। मार्च के दौरान राष्ट्रीय गान भी गाया गया।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण है और वे सरकार का ध्यान खाली शिक्षक पदों की ओर आकर्षित करना चाहते हैं। कैंडल मार्च के जरिए अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया शुरू करने और नियुक्ति को लेकर स्पष्ट फैसला लेने की मांग दोहराई।

सरकार से रिक्त पदों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग

ऑल ओडिशा टीचर्स एस्पिरेंट्स एसोसिएशन ने सरकार से सरकारी स्कूलों में खाली पड़े शिक्षक पदों की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। संगठन चाहता है कि सरकार रिक्तियों की संख्या और अलग-अलग श्रेणियों में उपलब्ध पदों के बारे में स्पष्ट जानकारी दे तथा जल्द भर्ती अधिसूचना जारी करे।

अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी का सीधा असर शिक्षा व्यवस्था पर पड़ सकता है। उनके मुताबिक, यदि पद खाली हैं और योग्य उम्मीदवार उपलब्ध हैं, तो भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में सरकार को कदम उठाना चाहिए।

अभ्यर्थियों का आंदोलन अब निर्णायक दौर में

ओडिशा में शिक्षक भर्ती को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब निर्णायक दौर में पहुंचता दिखाई दे रहा है। एक तरफ अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर धरना और भूख हड़ताल कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार पहले से चल रही नियुक्ति प्रक्रिया का हवाला दे रही है।

अभ्यर्थियों का कहना है कि मौजूदा भर्ती से अलग अन्य खाली पदों पर भी नियुक्ति की जरूरत है। वे चाहते हैं कि सरकार सभी रिक्तियों का आकलन करे और जरूरत के अनुसार नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करे।

फिलहाल लोअर पीएमजी में शिक्षक अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी है। भूख हड़ताल और कैंडल मार्च के बाद आंदोलनकारियों ने साफ कर दिया है कि वे अपनी मांगों से पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। अब नजर इस बात पर है कि राज्य सरकार प्रदर्शनकारियों के साथ आगे बातचीत करती है या शिक्षक भर्ती को लेकर कोई नया निर्णय घोषित करती है।

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