YouTube और Instagram से बच्चों को अश्लील कंटेंट से बचाने के लिए ऑन करें ये 5 सेटिंग्स

YouTube और Instagram से बच्चों को अश्लील कंटेंट से बचाने के लिए ऑन करें ये 5 सेटिंग्स

बच्चों के फोन पर अश्लील या जोखिम भरे कंटेंट से बचने के लिए माता-पिता AI-बेस्ड पैरेंटल कंट्रोल और मोबाइल सेटिंग्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। ChatGPT, Google Gemini, YouTube, Instagram और AI मॉनिटरिंग एप्स इसके लिए मददगार हैं।

फोन मॉनिटरिंग एप्स से करें एक्टिविटी ट्रैक

आज के डिजिटल दौर में बच्चे छोटे-छोटे भी स्मार्टफोन और टैबलेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। पढ़ाई, गेमिंग, सोशल मीडिया या वीडियो देखने के लिए उनका समय स्क्रीन पर ज्यादा हो गया है। ऐसे में माता-पिता के लिए यह बेहद जरूरी हो गया है कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और यह सुनिश्चित करें कि वे अश्लील, हानिकारक या फेक कंटेंट का शिकार न हों। 

इसके लिए फोन मॉनिटरिंग एप्स बहुत मददगार साबित हो सकते हैं। उदाहरण के तौर पर Watcher एप माता-पिता को यह सुविधा देता है कि वे बच्चे के नोटिफिकेशन, एप इस्तेमाल की अवधि और लाइव लोकेशन को ट्रैक कर सकें। इसके अलावा, यह एप यह भी दिखाता है कि कौन सा एप कितनी देर इस्तेमाल हुआ और किस तरह की एक्टिविटी हुई, जिससे माता-पिता समय रहते सही कदम उठा सकते हैं।

ChatGPT और Google Gemini में पेरेंटल कंट्रोल

ChatGPT में बच्चों को फैमिली अकाउंट से जोड़कर उनके चैट्स और एक्टिविटी को मॉनिटर किया जा सकता है। सेटिंग्स में जाकर ‘एड फैमिली मेंबर’ पर क्लिक करें और बच्चे के अकाउंट ईमेल से कनेक्ट करें। इसके बाद माता-पिता चैट लिमिट सेट कर सकते हैं।

Google Gemini में Family Link का इस्तेमाल करें। बच्चे के Gmail अकाउंट को Family Link से जोड़कर Gemini एक्सेस को लिमिट किया जा सकता है। यह सेटिंग बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है और संवेदनशील कंटेंट रोकती है।

YouTube और Instagram में कंट्रोल

YouTube बच्चों के बीच सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला प्लेटफॉर्म है। Google Family Link से बच्चों के अकाउंट पर सर्च, रिकमेंडेशन और एक्सेस को लिमिट किया जा सकता है।

Instagram और Meta AI में सुपरविजन मोड ऑन करें। सेटिंग्स में ‘Supervision for Teens’ ऑप्शन चुनकर बच्चे के अकाउंट पर टाइम लिमिट, कीवर्ड ब्लॉक और AI चैट कंट्रोल सेट किया जा सकता है।

AI-बेस्ड पैरेंटल कंट्रोल एप्स

हर प्लेटफॉर्म के बिल्ट-इन कंट्रोल पर्याप्त नहीं होते। इस वजह से AI-बेस्ड एप्स मददगार साबित होते हैं।

  • Net Nanny वेबसाइट्स, सोशल मीडिया और चैट को फ़िल्टर करने में मदद करता है।
  • Canopy: फोटो और टेक्स्ट में आपत्तिजनक कंटेंट ब्लॉक करता है।
  • Qustodio: स्क्रीन टाइम, एप इस्तेमाल और ब्राउजिंग हिस्ट्री ट्रैक करता है।

ये एप्स बैकग्राउंड में चलकर संवेदनशील कंटेंट हाइड करते हैं और माता-पिता को रिपोर्ट भेजते हैं।

बच्चों को सुरक्षित डिजिटल स्पेस देने के लिए पेरेंटल कंट्रोल्स और AI मॉनिटरिंग आज के समय में बेहद जरूरी हो गए हैं। माता-पिता इन टूल्स का इस्तेमाल कर बच्चों की ऑनलाइन एक्टिविटी पर नजर रख सकते हैं और उन्हें जोखिम भरे कंटेंट से बचा सकते हैं।

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