पेपर लीक पर केंद्र सरकार का बड़ा कदम, फास्ट ट्रैक कोर्ट और सख्त सजा का प्रस्ताव

Paper Leak Law को लेकर केंद्र सरकार सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट और दोषियों को कड़ी सजा देने का प्रस्ताव सामने आया

केंद्र सरकार पेपर लीक और सरकारी परीक्षाओं में नकल पर लगाम लगाने वाले कानून में बदलाव की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित संशोधन के तहत पेपर लीक से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रावधान किया जा सकता है।

नई दिल्ली: भारत में प्रतियोगी और सरकारी परीक्षाओं में पेपर लीक तथा नकल की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार परीक्षा कानून को और सख्त बनाने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित बदलावों में पेपर लीक से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जैसे प्रावधान शामिल किए जा सकते हैं।

यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब देश में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG से जुड़े कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर व्यापक बहस और विरोध प्रदर्शन हुए हैं। सरकार का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है।

किस कानून में बदलाव की तैयारी?

केंद्र सरकार ने सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों को रोकने के लिए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 लागू किया था। यह कानून UPSC, SSC, रेलवे और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) सहित केंद्र सरकार की ओर से आयोजित कई सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और संगठित धोखाधड़ी जैसी गतिविधियों पर कार्रवाई का प्रावधान करता है।

मौजूदा कानून के तहत गंभीर अपराधों में दोषी पाए जाने पर अधिकतम 10 वर्ष तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। अब सरकार इसमें संभावित संशोधन पर विचार कर रही है। हालांकि, प्रस्तावित बदलावों का अंतिम स्वरूप केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी और संसद में विधेयक पेश होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

फास्ट ट्रैक कोर्ट पर भी हो सकता है फैसला

प्रस्तावित बदलावों में पेपर लीक और परीक्षा में संगठित अनियमितताओं से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था किए जाने की संभावना है। सरकार का मानना है कि ऐसे मामलों में लंबे समय तक चलने वाली कानूनी प्रक्रिया से छात्रों और परीक्षा प्रणाली पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। 

इसलिए मामलों की तेजी से जांच और सुनवाई के लिए विशेष व्यवस्था बनाने पर विचार किया जा रहा है। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो पेपर लीक से जुड़े मामलों में जांच और न्यायिक प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने की कोशिश की जा सकती है।

पेपर लीक पर केंद्र सरकार का बड़ा कदम, फास्ट ट्रैक कोर्ट और सख्त सजा का प्रस्ताव

कैबिनेट में प्रस्तावित विधेयक पर चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक वीडियो संदेश में कहा था कि केंद्रीय मंत्रिमंडल परीक्षा में अनुचित साधनों और नकल को रोकने वाले कानून को और मजबूत बनाने के प्रस्ताव पर चर्चा करेगा। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कानूनी ढांचे को मजबूत करना चाहती है। 

प्रस्तावित विधेयक पर चर्चा के बाद इसे अंतिम रूप दिए जाने की बात कही गई है। सरकार की योजना है कि कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद संशोधन विधेयक को संसद के मौजूदा सत्र में पेश किया जाए। हालांकि, विधेयक को कानून बनने के लिए संसदीय प्रक्रिया से गुजरना होगा।

NEET विवाद के बीच सरकार की कार्रवाई

पेपर लीक कानून में संभावित बदलाव की चर्चा NEET-UG परीक्षा विवाद के बीच हो रही है। मेडिकल प्रवेश परीक्षा को लेकर छात्रों और अभिभावकों ने परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और परिणाम से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए थे। प्रधानमंत्री के अनुसार, सरकार का प्राथमिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना रहा कि परीक्षा विवाद के कारण छात्रों का शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो। 

इसी दिशा में दोबारा परीक्षा आयोजित करने और परिणाम जारी करने जैसे कदम उठाए गए। सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति के गठन समेत कई कदम उठाने की बात भी कही है।

NTA में सुधार पर भी जोर

NEET विवाद के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठे। परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए सुधारों पर चर्चा तेज हुई है। अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय और शिक्षा मंत्रालय के बीच परीक्षा व्यवस्था, दोबारा परीक्षा तथा NTA में सुधार से जुड़े मुद्दों पर लगातार बातचीत हुई। परीक्षा प्रणाली की समीक्षा के लिए गठित विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों को भी इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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