पीडुगुरल्ला मेडिकल कॉलेज: OPD सेवाएं 20 मई से शुरू, MBBS प्रवेश 2026-27 की तैयारी तेज

आंध्र प्रदेश के पिडुगुरल्ला मेडिकल कॉलेज में 20 मई से OPD सेवाएं शुरू होंगी। सरकार ने निर्माण कार्य तेज करने और स्टाफ भर्ती जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

पिडुगुरल्ला मेडिकल कॉलेज में 20 मई से OPD सेवाएं शुरू होंगी। स्वास्थ्य मंत्री ने निर्माण कार्य तेज करने और स्टाफ भर्ती जल्द पूरी करने के निर्देश दिए। सरकार का लक्ष्य 2026–27 शैक्षणिक सत्र में MBBS प्रवेश शुरू करना है।

विजयवाड़ा: आंध्र प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और मेडिकल शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पीडुगुरल्ला टीचिंग हॉस्पिटल में आउटपेशेंट डिपार्टमेंट (OPD) सेवाएं 20 मई से शुरू करने की घोषणा की गई है। यह कदम न केवल स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करेगा, बल्कि राज्य में नए मेडिकल कॉलेज को समय पर शुरू करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यह जानकारी राज्य के स्वास्थ्य मंत्री Y. Satya Kumar Yadav ने सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद दी। बैठक में स्वास्थ्य सचिव Saurabh Gaur भी मौजूद थे, जहां मेडिकल कॉलेज और अस्पताल निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

OPD सेवाओं की शुरुआत से स्थानीय लोगों को राहत

सरकार के अनुसार 20 मई से OPD सेवाएं शुरू होने के बाद पीडुगुरल्ला और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से मिल सकेंगी। इससे लोगों को बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता कम होगी और स्थानीय स्तर पर इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी।

निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश

स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मेडिकल कॉलेज और अस्पताल से जुड़े सभी निर्माण कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में देरी स्वीकार नहीं की जाएगी, क्योंकि लक्ष्य 2026-27 शैक्षणिक सत्र में एमबीबीएस प्रवेश शुरू करना है।

फैकल्टी भर्ती प्रक्रिया में तेजी

मेडिकल कॉलेज को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए शिक्षकों की नियुक्ति पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और ट्यूटर पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी नियुक्तियां इसी महीने के अंत तक पूरी कर ली जाएं, और जरूरत पड़ने पर संविदा आधार पर अस्थायी भर्ती भी की जाए।

मेडिकल उपकरण और आधारभूत ढांचे का विकास

अस्पताल में आवश्यक चिकित्सा उपकरण और फर्नीचर की खरीद प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है। सरकार का कहना है कि सभी उपकरण समय पर स्थापित किए जाएंगे ताकि OPD सेवाएं शुरू होते ही मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

स्थानीय लोगों के लिए जागरूकता और परिवहन सुविधा

सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि OPD सेवाओं की शुरुआत को लेकर स्थानीय लोगों में जागरूकता अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों से आने वाले मरीजों के लिए अस्थायी परिवहन सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि अस्पताल तक पहुंच आसान हो सके।

500 करोड़ रुपये की परियोजना और वित्तीय संरचना

यह मेडिकल कॉलेज परियोजना कुल 500 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही है। इसमें 300 करोड़ रुपये केंद्र सरकार की योजना के तहत दिए जा रहे हैं, जिनमें से 195 करोड़ रुपये सीधे केंद्र से प्राप्त होंगे। शेष राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी। यह संयुक्त निवेश परियोजना को राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण बनाता है।

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के मानकों के अनुसार विकास

इस पूरे प्रोजेक्ट को National Medical Commission (NMC) के मानकों के अनुसार विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य है कि यहां से उच्च गुणवत्ता वाले डॉक्टर तैयार किए जाएं और क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा सके।

MBBS प्रवेश की तैयारी तेज

राज्य सरकार का लक्ष्य है कि 2026-27 शैक्षणिक सत्र से इस मेडिकल कॉलेज में MBBS प्रवेश शुरू किया जाए। इसके लिए निर्माण, भर्ती और उपकरण स्थापना जैसे सभी कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

राज्य सरकार की प्राथमिकता और भविष्य की योजना

मुख्यमंत्री N. Chandrababu Naidu के निर्देशों के तहत इस परियोजना को तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि हर जिले में आधुनिक मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध हों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की पहुंच बढ़े।

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