पीएम मोदी के बयान पर जेलेंस्की ने जताई असहमति, कहा रवैया विरोधाभासी

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पीएम मोदी के रूस में ड्रोन हमले पर चिंता जताने वाले बयान को विरोधाभासी बताया और अंतरराष्ट्रीय मानदंडों पर सवाल उठाए।

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पीएम मोदी के रूस में ड्रोन हमले पर चिंता जताने वाले बयान पर असहमति जताई। उन्होंने भारत समेत कुछ देशों के रवैये को विरोधाभासी और नागरिक सुरक्षा पर अनसेंसिटिव बताया।

World News: रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध अब लगभग चार साल से जारी है। इसी बीच, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बयान पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने असहमति जताई है। 30 दिसंबर को पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास पर कथित ड्रोन हमलों की खबरों को लेकर चिंता व्यक्त की थी। इसके जवाब में जेलेंस्की ने कहा कि भारत समेत कुछ देशों का रवैया विरोधाभासी है और इस पर उन्हें निराशा हुई है।

भारत के बयान पर नाराजगी

जेलेंस्की ने कीव से ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि यह भ्रमित करने वाला और बुरा है कि भारत, यूएई और कुछ अन्य देशों ने पुतिन के आवास पर कथित ड्रोन हमलों की निंदा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये हमले कभी हुए ही नहीं। जेलेंस्की ने यह भी कहा कि रूस ने लंबे समय से यूक्रेन के बच्चों और नागरिकों पर हमले किए हैं, लेकिन भारत और यूएई जैसी प्रमुख शक्तियों ने इस पर कभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने सवाल किया कि आखिर इतने समय तक नागरिकों पर हमले हो रहे थे और इस पर कोई आवाज़ क्यों नहीं उठाई गई। जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें यह प्रतिक्रिया भारत से सुनने को नहीं मिली। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यूक्रेन रूस के द्वारा लगाए गए झूठे आरोपों के खिलाफ अपनी स्थिति स्पष्ट करता है।

पीएम मोदी ने जताई थी चिंता

प्रधानमंत्री मोदी ने 29 दिसंबर को रूस द्वारा जारी किए गए दावे पर प्रतिक्रिया दी थी। रूस ने दावा किया था कि यूक्रेन ने 91 ड्रोन के जरिए नोवगोरोड क्षेत्र में राष्ट्रपति पुतिन के आवास पर हमला करने की कोशिश की। इस पर पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया कि राष्ट्रपति पुतिन के आवास पर हमले की खबरें उन्हें चिंतित करती हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि राजनयिक प्रयास दुश्मनी खत्म करने और शांति स्थापित करने का सबसे अच्छा तरीका हैं। उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि वे ऐसे कदम न उठाएं जो शांति प्रयासों को कमजोर कर सकते हैं। पीएम मोदी का यह बयान वैश्विक स्तर पर तनाव कम करने और युद्धविराम की संभावनाओं को बढ़ाने का प्रयास माना गया।

यूक्रेनी विदेश मंत्री की प्रतिक्रिया

यूक्रेन के विदेश मंत्री सिबिहा ने भी भारत, यूएई और पाकिस्तान के बयानों को लेकर निराशा जताई है। उन्होंने कहा कि लगभग एक दिन बीत चुका है और रूस ने अब तक पुतिन के आवास पर कथित हमले का कोई विश्वसनीय सबूत नहीं दिया है। सिबिहा ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई हमला हुआ ही नहीं और इसलिए आरोप असत्य हैं।

विदेश मंत्री सिबिहा ने यह भी कहा कि झूठे आरोपों से शांति प्रक्रिया पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले तथ्य जांचने की जरूरत है।

रूस-यूक्रेन युद्ध की पृष्ठभूमि

रूस-यूक्रेन संघर्ष 2019-2020 के आसपास से तीव्र रूप से जारी है। इस युद्ध में लाखों लोग विस्थापित हुए हैं और हजारों नागरिकों की जानें गई हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार संघर्ष को समाप्त करने के लिए प्रयासरत है, लेकिन दोनों देशों के बीच सैन्य और राजनीतिक तनाव बना हुआ है।

इस बीच, कई देशों ने युद्ध की तीव्रता पर चिंता व्यक्त की है और शांति स्थापित करने की अपील की है। पीएम मोदी का बयान इसी कड़ी का हिस्सा माना गया, जिसका उद्देश्य रूस और यूक्रेन दोनों को सावधानी और संयम बरतने के लिए प्रेरित करना था।

यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की का आरोप है कि भारत और कुछ अन्य देशों का रवैया द्वैध है। रूस द्वारा लगाए गए झूठे आरोपों की निंदा करने के बजाय, यूक्रेन के वास्तविक नागरिकों और बच्चों पर हो रहे हमलों की तरफ ध्यान नहीं दिया गया।

Leave a comment