प्रधानमंत्री Narendra Modi की इजरायल यात्रा से पहले प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने इसे ऐतिहासिक बताया। दोनों नेता रक्षा, AI, टेक्नोलॉजी और आतंकवाद विरोधी सहयोग पर चर्चा करेंगे।
PM Modi Israel Visit: भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi की आगामी इजरायल यात्रा को लेकर वहां के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने खास संदेश जारी किया है। नेतन्याहू ने पीएम मोदी को अपना “प्रिय मित्र” बताते हुए इस दौरे को ऐतिहासिक करार दिया।
उन्होंने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि भारत और इजरायल के रिश्ते केवल दो देशों के बीच नहीं, बल्कि दो वैश्विक नेताओं के बीच भरोसे और रणनीतिक साझेदारी का उदाहरण हैं। कैबिनेट बैठक की शुरुआत में ही उन्होंने इस यात्रा का जिक्र किया और इसे दोनों देशों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।
यात्रा को बताया ऐतिहासिक
नेतन्याहू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाई देगी। उन्होंने इस दौरे को केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि साझा विजन और मजबूत दोस्ती का प्रतीक बताया।
यह दौरा फरवरी 2025 के बाद पीएम मोदी की दूसरी प्रमुख इजरायल यात्रा माना जा रहा है। इससे पहले 2017 में पीएम मोदी की इजरायल यात्रा ने द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा दी थी। उस यात्रा को भारत-इजरायल संबंधों में टर्निंग प्वाइंट माना जाता है।
नेतन्याहू ने वीडियो संदेश में कहा कि दोनों देश नवाचार, सुरक्षा और रणनीतिक सोच में एक-दूसरे के मजबूत साझेदार हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह रिश्ता समय के साथ और मजबूत हुआ है।
Knesset में संबोधन और Yad Vashem का दौरा
इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी इजरायल की संसद Knesset को संबोधित करेंगे। यह संबोधन कूटनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है क्योंकि इससे दोनों देशों के राजनीतिक संबंधों की गहराई का संकेत मिलता है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी होलोकॉस्ट स्मारक Yad Vashem का भी दौरा करेंगे। यह दौरा ऐतिहासिक और मानवीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। जेरूसलम में आयोजित एक इनोवेशन इवेंट में भी पीएम मोदी हिस्सा लेंगे, जहां टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप सहयोग पर चर्चा होगी।

AI और रक्षा सहयोग पर होगी चर्चा
दोनों नेताओं के बीच उच्च-स्तरीय वार्ता में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और रक्षा सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
भारत और इजरायल पहले से ही रक्षा क्षेत्र में मजबूत साझेदार हैं। ड्रोन टेक्नोलॉजी, मिसाइल सिस्टम और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। अब AI और एडवांस टेक्नोलॉजी में भी दोनों देश मिलकर काम करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
नेतन्याहू ने कहा कि यह साझेदारी भविष्य की तकनीक और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करेगी। उन्होंने भारत को एक उभरती वैश्विक शक्ति बताया और कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग वैश्विक स्थिरता में योगदान देगा।
व्यक्तिगत दोस्ती का भी जिक्र
नेतन्याहू ने अपने संदेश में पीएम मोदी के साथ अपनी व्यक्तिगत दोस्ती का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच आपसी भरोसा और समझ इस रिश्ते की ताकत है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह दोस्ती केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि वैचारिक और रणनीतिक साझेदारी पर आधारित है। दोनों नेता आतंकवाद के खिलाफ कड़े रुख और वैश्विक शांति के समर्थन में एक समान सोच रखते हैं।
आतंकवाद के खिलाफ साझा मोर्चा
भारत और इजरायल दोनों लंबे समय से आतंकवाद का सामना करते आए हैं। इसी वजह से सुरक्षा और काउंटर-टेररिज्म के मुद्दे पर दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ा है।
नेतन्याहू ने संकेत दिया कि यह साझेदारी कट्टरपंथी ताकतों के खिलाफ एक बड़े गठबंधन का हिस्सा बन सकती है। उनका मानना है कि मध्य पूर्व, यूरोप, अफ्रीका और एशिया के कई देश इस साझा दृष्टिकोण में शामिल हो सकते हैं।
इनोवेशन में नई दिशा
भारत और इजरायल के बीच टेक्नोलॉजी सहयोग तेजी से आगे बढ़ रहा है। स्टार्टअप इकोसिस्टम, एग्री-टेक, वाटर मैनेजमेंट और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में पहले से कई संयुक्त परियोजनाएं चल रही हैं।
नेतन्याहू ने कहा कि AI जैसे उभरते क्षेत्रों में मिलकर काम करना दोनों देशों के लिए फायदेमंद होगा। भारत की विशाल बाजार क्षमता और इजरायल की इनोवेशन ताकत मिलकर नए अवसर पैदा कर सकती है।









