अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में साउथ अफ्रीका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाफ भारत को मिली 76 रनों की करारी हार ने टीम इंडिया की चिंता बढ़ा दी है। इस हार के साथ ही टी20 विश्व कप 2026 में भारत का विजयी रथ भी टूट गया।
स्पोर्ट्स न्यूज़: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत को साउथ अफ्रीका के खिलाफ अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 76 रनों की करारी हार का सामना करना पड़ा। यह भारत की इस टूर्नामेंट में अब तक की सबसे बड़ी हार रही और इसके साथ ही टीम इंडिया की सेमीफाइनल की राह और मुश्किल हो गई है। इस हार के बाद टीम कॉम्बिनेशन में बदलाव की चर्चा तेज हो गई है।
विशेष रूप से लगातार फ्लॉप हो रहे ओपनर अभिषेक शर्मा और टॉप ऑर्डर में संघर्ष कर रहे तिलक वर्मा की जगह संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन में शामिल करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है।
अभिषेक और तिलक की फ्लॉप फॉर्म
188 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम सुपर-8 मुकाबले में सिर्फ 111 रनों पर ऑलआउट हो गई। इस मैच में भारत की सबसे बड़ी कमजोरी उसकी बल्लेबाजी रही। अभिषेक शर्मा ने पिछले 4 पारियों में 3 बार डक पर आउट होकर टीम को निराश किया। तिलक वर्मा ने भी टॉप ऑर्डर में कोई बड़ी पारी नहीं खेली।
पिछले तीन मैचों में भारत ने पहले ही ओवर में विकेट गंवा दिए, क्योंकि विपक्षी टीमें पार्ट-टाइम ऑफ़ स्पिनर्स से शुरुआत कर रही हैं। इस स्थिति ने टीम पर अतिरिक्त दबाव बना दिया है और मैनेजमेंट को बल्लेबाजी में बदलाव पर गंभीर सोचने को मजबूर कर दिया है।

असिस्टेंट कोच रायन टेन डेशकाटे का बयान
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में असिस्टेंट कोच Ryan Ten Doeschate ने कहा कि शुरुआती विकेट गिरने से टीम पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि टीम के पास संजू सैमसन को वापस लाने का ऑप्शन है। उन्होंने कहा,
'हमारे पास दो रास्ते हैं – या तो उन खिलाड़ियों पर भरोसा रखें जो पिछले 18 महीनों से अच्छा कर रहे हैं, या फिर संजू को वापस लाएं। टॉप ऑर्डर में राइट-हैंड बैट्समैन होने से हमें टैक्टिकल मदद मिल सकती है। अगले दो मैचों से पहले इस पर गंभीर चर्चा होगी।'
इस बयान ने साफ किया कि टीम मैनेजमेंट गंभीर रूप से टीम कॉम्बिनेशन बदलने पर विचार कर रही है।
क्या Sanju Samson सही विकल्प हैं?
संजू सैमसन का नाम टीम में वापसी के लिए चर्चा में है, लेकिन उनके हालिया आंकड़े बहुत प्रभावित नहीं करते। 2025 से अब तक, संजू ने ओपनर के रूप में 12 पारियों में केवल 156 रन बनाए हैं। उनका औसत महज 13 का रहा है। इन 12 मैचों में केवल 2 बार पावरप्ले के बाद टिक पाए हैं। यानी, आंकड़ों के हिसाब से उनका प्रदर्शन स्थिर नहीं रहा, लेकिन मैच विजेता क्षमता और अनुभव को देखते हुए टीम मैनेजमेंट उनके विकल्प पर विचार कर रही है।









