जयपुर में 6 लाख रुपए में एसयूवी देने का झांसा देकर 20 करोड़ की ठगी करने वाले गिरोह का तकनीकी सहयोगी रजनीश कुमार एसओजी ने गिरफ्तार किया। डिजिटल माध्यम से हुई ठगी का खुलासा हुआ, सरगना पहले ही पकड़ा जा चुका है।
Jaipur: जयपुर पुलिस की एसओजी टीम ने हाईटेक ठगी के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। यह गिरोह लोगों को सिर्फ 6 लाख रुपए में एसयूवी देने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी कर रहा था। पहले ही गिरोह के सरगना बंशीलाल उर्फ प्रिंस सैनी, ममता भाटी और दिनेश बागड़ी को गिरफ्तार किया जा चुका है। 18 दिसंबर को इन्हें न्यायालय में चालान पेश किया गया था।
एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल के अनुसार, रजनीश कुमार गिरोह को तकनीकी सहायता प्रदान करता था। उसने फर्जी वेबसाइट, मोबाइल ऐप और डिजिटल करेंसी तैयार करके ठगी के नेटवर्क को बड़े स्तर पर फैलाया।
कैसे चलता था ठगी का खेल
गिरोह ने एक फर्जी वेबसाइट बनाई और महज 250 रुपए में आईडी बनाने का लालच देकर करीब 82 हजार लोगों को जोड़ लिया। इसके बाद छह लाख रुपए में एसयूवी देने का झांसा देकर करीब 2 करोड़ रुपए जमा कर लिए।
ठगी से जुटाई गई रकम से "हार्वेस्ट एआइ टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड" नाम की कंपनी बनाई गई। बंशीलाल इस कंपनी के निदेशक और ममता सैनी सह-निदेशक बनी। सोशल मीडिया के जरिए कंपनी में निवेश करने और 12 लाख रुपए में लग्जरी एसयूवी देने का भ्रामक प्रचार किया गया। इस झांसे में आए लोगों से कुल 20 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी की गई।
ऑनलाइन माध्यम से करता था ठगी
एसओजी की जांच में पता चला कि डिजिटल पेमेंट गेटवे और विभिन्न बैंक खातों के जरिए करीब 4.92 करोड़ रुपए की ऑनलाइन ठगी की गई। इसके अलावा, भोपालगढ़ में आयोजित रिवार्ड सेरेमनी के नाम पर 15 करोड़ रुपए जुटाए गए, जिन्हें आरोपी अपनी व्यक्तिगत विलासिता और अन्य खर्चों में इस्तेमाल कर रहे थे।
पुलिस का कहना है कि गिरोह का तकनीकी नेटवर्क बहुत मजबूत था और यह झांसा देने के लिए नए-नए डिजिटल तरीके इस्तेमाल करता था। रजनीश कुमार की गिरफ्तारी से अब जांच को और विस्तार देने में मदद मिलेगी और अन्य सहयोगियों की पहचान भी आसान होगी।











