फरवरी के पहले हफ्ते होगा ‘परीक्षा पे चर्चा’, पीएम मोदी छात्रों से करेंगे संवाद

परीक्षा पे चर्चा 2026 का 9वां संस्करण फरवरी के पहले सप्ताह में होगा। पीएम मोदी छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से संवाद करेंगे। 4 करोड़ से अधिक रजिस्ट्रेशन हुए

इस साल ‘परीक्षा पे चर्चा’ के लिए 4 करोड़ से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हुए हैं। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण टीवी, रेडियो और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा। यह आयोजन गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हो चुका है।

परीक्षा पे चर्चा का 9वां संस्करण

केंद्र सरकार द्वारा आयोजित परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का 9वां संस्करण फरवरी महीने के पहले सप्ताह में होने जा रहा है। यह कार्यक्रम उन छात्रों के लिए आयोजित किया जाता है जो बोर्ड और अन्य महत्वपूर्ण परीक्षाओं की तैयारी कर रहे होते हैं।

इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों से सीधा संवाद करते हैं और उन्हें परीक्षा के दौरान तनाव से बचने, समय का सही उपयोग करने और आत्मविश्वास बनाए रखने के सुझाव देते हैं। खास बात यह है कि इस मंच पर केवल छात्र ही नहीं, बल्कि शिक्षक और अभिभावक भी अपने सवाल प्रधानमंत्री के सामने रख सकते हैं।

रिकॉर्ड संख्या में रजिस्ट्रेशन 

फरवरी के पहले हफ्ते होगा ‘परीक्षा पे चर्चा’, पीएम मोदी छात्रों से करेंगे संवाद

परीक्षा पे चर्चा के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार, इस वर्ष 4 करोड़ से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा 2.26 करोड़ से ज्यादा लोग अलग-अलग गतिविधियों में भाग ले रहे हैं। अनुमान है कि कुल मिलाकर 6 करोड़ से अधिक लोग इस कार्यक्रम से जुड़ सकते हैं।

कार्यक्रम में कक्षा 6 से 12 तक के छात्र, उनके अभिभावक और शिक्षक शामिल होंगे। इसका सीधा प्रसारण डीडी नेशनल, डीडी न्यूज, डीडी इंडिया, निजी टीवी चैनलों और ऑल इंडिया रेडियो पर किया जाएगा। इसके अलावा पीएमओ, शिक्षा मंत्रालय, दूरदर्शन और माईगव जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी इसे देखा जा सकेगा।

इस बार का कार्यक्रम क्यों है खास

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार इस बार परीक्षा पे चर्चा पहले से ज्यादा खास होने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देश और विदेश के कई स्थानों से छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से बातचीत करेंगे।

इस संस्करण ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया है, जिसमें 245 देशों के छात्र, 153 देशों के शिक्षक और 149 देशों के अभिभावक शामिल हुए हैं। यह उपलब्धि भारत के शिक्षा संवाद को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाती है।

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