प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने वाले किसानों को हर किस्त के समय जिन परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है उनकी असली वजहें अब धीरे-धीरे सामने आ रही हैं। दरभंगा जिले में बड़ी संख्या में ऐसे किसान हैं, जिनका नाम सूची में होने के बावजूद खाते में पैसा नहीं पहुंच पा रहा है। इससे किसानों में नाराजगी बढ़ रही है और वे बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
तकनीकी और दस्तावेज़ी खामियां बनीं बड़ी बाधा
सबसे बड़ी समस्या e-KYC से जुड़ी है। कई किसानों ने अब तक ई-केवाईसी पूरी नहीं कराई है, जबकि बिना इसके अगली किस्त जारी नहीं होती। मोबाइल नंबर अपडेट न होना, बायोमेट्रिक फेल होना या जानकारी अधूरी रह जाना भी परेशानी की वजह बन रहा है।
इसके अलावा आधार और बैंक खाते की लिंकिंग भी एक गंभीर समस्या है। जिन किसानों का आधार बैंक खाते से सही तरीके से जुड़ा नहीं है, उनके भुगतान फेल हो रहे हैं। कई मामलों में किसान मानते हैं कि लिंकिंग हो चुकी है, लेकिन सिस्टम में अपडेट न होने के कारण राशि अटक जाती है।
जमीन के कागजात और बैंक खाते भी बन रहे रोड़ा
कई किसानों के भूमि रिकॉर्ड में नाम, खाता संख्या या रकबे से जुड़ी त्रुटियां हैं। खसरा-खतौनी में थोड़ी सी गलती भी किसान को योजना के लाभ से वंचित कर सकती है। वहीं, लंबे समय से उपयोग में न रहे बैंक खाते निष्क्रिय हो जाने पर भी सरकारी सहायता ट्रांसफर नहीं हो पाती।
कुछ मामलों में आवेदन के दौरान गलत जानकारी भर दी जाती है, जैसे नाम की स्पेलिंग, पिता का नाम, IFSC कोड या खाता संख्या। इससे सिस्टम में डुप्लीकेट या गलत एंट्री बन जाती है और किस्त रोक दी जाती है।
सत्यापन में देरी से बढ़ रही किसानों की परेशानी
स्थानीय स्तर पर कृषि विभाग और राजस्व कार्यालय से होने वाला सत्यापन समय पर पूरा नहीं होने से भी भुगतान लटक जाता है। किसान आवेदन करने के बाद महीनों तक इंतजार करते रहते हैं, लेकिन स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाती।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
- नजदीकी CSC सेंटर या कृषि कार्यालय में जाकर e-KYC अवश्य पूरा कराएं।
- बैंक जाकर खाते की स्थिति और आधार लिंकिंग की पुष्टि करें।
- भूमि रिकॉर्ड की जांच कर आवश्यक सुधार कराएं।
- आवेदन में दी गई सभी जानकारियों को दोबारा मिलान करें और गलती मिलने पर तुरंत सुधार कराएं।
निष्कर्ष
दरभंगा जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से जुड़ी समस्याएं किसी एक कारण से नहीं, बल्कि कई तकनीकी और प्रशासनिक खामियों के कारण सामने आ रही हैं। अगर किसान समय रहते अपने दस्तावेज और जानकारी सही कर लें, तो योजना का लाभ बिना किसी रुकावट के मिल सकता है।













