प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय भूटान यात्रा पर हैं। यहां वे शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे और पुनात्सांगछू-II जलविद्युत परियोजना का संयुक्त उद्घाटन करेंगे। यात्रा का उद्देश्य ऊर्जा साझेदारी, सांस्कृतिक संबंध और आर्थिक सहयोग को और मजबूत करना है।
PM Modi Bhutan Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय भूटान यात्रा पर आज रवाना हो चुके हैं। यह यात्रा भारत और भूटान के बीच लंबे समय से चले आ रहे गहरे और मजबूत संबंधों को और प्रगाढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पीएम मोदी इस दौरान भूटान के राजा, वहां के प्रधानमंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। साथ ही, भारत और भूटान द्वारा संयुक्त रूप से विकसित एक बड़ी जलविद्युत परियोजना का उद्घाटन भी किया जाएगा। यह परियोजना दोनों देशों की ऊर्जा साझेदारी (Energy Partnership) को नई गति देने वाली है।
भूटान रवाना होने से पहले पीएम मोदी का संदेश
पीएम मोदी ने भूटान के लिए रवाना होने की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर साझा की। उन्होंने लिखा कि यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भूटान के पूर्व राजा, जिन्हें महत्त्वपूर्ण आध्यात्मिक और राष्ट्रीय व्यक्तित्व माना जाता है, का 70वां जन्म वर्ष मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा सिर्फ औपचारिक नहीं है, बल्कि भारत और भूटान के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई ऊर्जा देने वाली है। साथ ही, पीएम मोदी ने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच ऊर्जा, आर्थिक सहयोग, सांस्कृतिक संबंध और क्षेत्रीय विकास पर विस्तृत चर्चा होगी।
द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने का उद्देश्य
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह यात्रा भारत और भूटान के बीच मौजूद विशिष्ट और विश्व स्तर पर प्रशंसित साझेदारी को और मजबूत करने के लिए है। भारत और भूटान के संबंध केवल कूटनीतिक स्तर पर नहीं, बल्कि संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत, आर्थिक सहयोग, शिक्षा, स्वास्थ्य और रक्षा जैसे कई क्षेत्रों में भी गहरे हैं। दोनों देशों के बीच विश्वास (Trust), सद्भावना (Goodwill) और सम्मान (Mutual Respect) की भावना लंबे समय से कायम है।

भारत भूटान का सबसे बड़ा विकास सहयोगी (Development Partner) है। भूटान की कई ऊर्जा परियोजनाएं, स्कूल, स्वास्थ्य संस्थान, सड़कें और संपर्क नेटवर्क भारत की सहायता से विकसित हुए हैं। इसीलिए यह दौरा भविष्य को देखते हुए और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।
पुनात्सांगछू-II जलविद्युत परियोजना का उद्घाटन
इस यात्रा की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक 1020 मेगावाट की पुनात्सांगछू-II (Punatsangchhu-II Hydropower Project) जलविद्युत परियोजना का संयुक्त उद्घाटन है। यह परियोजना भारत और भूटान की ऊर्जा साझेदारी की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक है। इस परियोजना से न केवल भूटान में ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि अतिरिक्त बिजली को भारत को निर्यात किया जा सकेगा। इससे भूटान को आर्थिक लाभ और भारत की ऊर्जा ज़रूरतों को स्थायी समर्थन मिलेगा।
राजकीय कार्यक्रमों में हिस्सा
पीएम मोदी भूटान के चौथे राजा जिग्मे सिंग्ये वांगचुक के 70वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में भी शामिल होंगे। भूटान में राजा को राष्ट्रीय एकता, आध्यात्मिक पहचान और प्रगति का प्रतीक माना जाता है। भारत और भूटान के शीर्ष नेतृत्व के बीच वर्षों से विश्वास और सहज संवाद रहा है, जो इस यात्रा में और मजबूत होने वाला है।
भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों का महत्व
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब पवित्र पिपरहवा स्तूप से जुड़े भगवान बुद्ध के अवशेष भूटान में प्रदर्शित किए जा रहे हैं। यह न केवल सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक है, बल्कि भारत और भूटान की संयुक्त आध्यात्मिक विरासत का भी प्रतीक है। पीएम मोदी इन पवित्र अवशेषों के समक्ष थिम्पू में ताशिछोद्ज़ोंग मठ में प्रार्थना भी करेंगे और भूटान सरकार द्वारा आयोजित वैश्विक शांति प्रार्थना महोत्सव (Global Peace Prayer Festival) में हिस्सा लेंगे।
सीमा पार रेल संपर्क की योजना
हाल ही में भारत ने भूटान के साथ पहली बार सीमा-पार रेल मार्ग विकसित करने की बड़ी पहल की है। यह परियोजना connectivity को मजबूत करेगी और व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को आसान बनाएगी। इस प्रस्तावित रेल नेटवर्क में भूटान के गेलेफू और समत्से को असम के कोकराझार और पश्चिम बंगाल के बानरहाट से जोड़ा जाएगा। इस प्रयास से हिमालयी क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों और लोगों के आवागमन में वृद्धि होने की संभावना है।










