पीएम मोदी के मलेशिया दौरे के दूसरे दिन कुआलालंपुर में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर के साथ औपचारिक स्वागत मिला। इस दौरान भारत–मलेशिया रणनीतिक साझेदारी, रक्षा सहयोग और ASEAN भूमिका को लेकर डेलीगेशन स्तर की अहम बातचीत हुई।
PM Modi Malaysia Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मलेशिया दौरे का दूसरा दिन भारत–मलेशिया संबंधों के लिहाज से खास रहा। कुआलालंपुर में स्थित परदाना पुत्रा बिल्डिंग में पीएम मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसके साथ उनका औपचारिक स्वागत किया गया। इस दौरान मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम भी मौजूद रहे। यह कार्यक्रम न केवल कूटनीतिक प्रोटोकॉल का हिस्सा था, बल्कि दोनों देशों के बीच मजबूत होते भरोसे और साझेदारी का प्रतीक भी माना जा रहा है।
यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत और मलेशिया अपने रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं। पीएम मोदी का यह दो दिवसीय दौरा दक्षिण–पूर्व एशिया में भारत की रणनीतिक भूमिका को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
कुआलालंपुर में औपचारिक कार्यक्रम की अहमियत
परदाना पुत्रा बिल्डिंग में आयोजित औपचारिक स्वागत समारोह में दोनों देशों के राष्ट्रीय सम्मान और परंपराओं की झलक देखने को मिली। गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान पीएम मोदी ने सलामी ली, जिसके बाद दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच आत्मीय मुलाकात हुई।
शनिवार को पीएम मोदी के कुआलालंपुर पहुंचने पर एयरपोर्ट पर खुद प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने उनका स्वागत किया था। यह कदम मलेशियाई नेतृत्व की ओर से भारत को दिए जा रहे महत्व को साफ तौर पर दिखाता है। दूसरे दिन का औपचारिक कार्यक्रम इस बात का संकेत है कि दोनों देश इस दौरे को केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि ठोस नतीजों तक पहुंचाना चाहते हैं।
डेलीगेशन लेवल बातचीत का फोकस

गार्ड ऑफ ऑनर के बाद पीएम मोदी और प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के बीच डेलीगेशन लेवल की बातचीत हुई। इस बैठक में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी और मंत्री शामिल रहे। बातचीत का मुख्य उद्देश्य भारत–मलेशिया की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना रहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक के बाद कहा कि खेती, मैन्युफैक्चरिंग, क्लीन एनर्जी और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों का सहयोग लगातार गहरा हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि स्किल डेवलपमेंट और कैपेसिटी बिल्डिंग में भारत और मलेशिया एक–दूसरे के अहम पार्टनर बन चुके हैं।
पीएम मोदी के मुताबिक डिफेंस और सिक्योरिटी के क्षेत्र में भी सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है, जो इंडो–पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
ASEAN में मलेशिया की भूमिका पर भारत का भरोसा
डेलीगेशन लेवल बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने ASEAN में मलेशिया की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को ASEAN की सफल चेयरमैनशिप के लिए बधाई दी। पीएम मोदी ने कहा कि मलेशिया के सहयोग से ASEAN के साथ भारत के रिश्ते आने वाले समय में और गहरे होंगे।
भारत की Act East Policy में ASEAN देशों की अहम भूमिका मानी जाती है। ऐसे में मलेशिया जैसे प्रभावशाली देश के साथ मजबूत संबंध भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हैं। पीएम मोदी ने यह भरोसा जताया कि क्षेत्रीय सहयोग के जरिए आर्थिक विकास और सुरक्षा दोनों को नई दिशा मिलेगी।
लोगों के बीच रिश्ते बनी असली ताकत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने बयान में यह भी कहा कि भारत–मलेशिया संबंधों की असली ताकत दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी जुड़ाव में है। उन्होंने बताया कि भारतीय मूल के लगभग 30 लाख मलेशियाई नागरिक दोनों देशों के बीच एक मजबूत पुल की तरह काम कर रहे हैं।
यह समुदाय न केवल सांस्कृतिक स्तर पर, बल्कि व्यापार, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में भी दोनों देशों को जोड़ने में अहम भूमिका निभा रहा है। पीएम मोदी के अनुसार, यही लोग भारत–मलेशिया रिश्तों को जमीन से जोड़ते हैं और उन्हें लंबे समय तक टिकाऊ बनाते हैं।
एक्स पोस्ट में पीएम मोदी का संदेश

मलेशिया पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा किया था। उन्होंने लिखा कि वह कुआलालंपुर पहुंचकर बेहद खुश हैं और एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम द्वारा किए गए गर्मजोशी भरे स्वागत से अभिभूत हैं।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि उन्हें दोनों देशों के बीच बातचीत का इंतजार है और वह भारत–मलेशिया की दोस्ती को और मजबूत करने की उम्मीद रखते हैं। इस पोस्ट से साफ है कि यह दौरा केवल औपचारिक नहीं, बल्कि आपसी विश्वास और सम्मान पर आधारित है।
कई अहम समझौतों की संभावना
पीएम मोदी के इस दौरे के दौरान भारत और मलेशिया के बीच कई अहम समझौतों पर सहमति बनने की उम्मीद जताई जा रही है। रविवार को होने वाली व्यापक वार्ता में व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा और टेक्नोलॉजी से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हो सकती है।
मलेशिया रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा था कि भारत मलेशिया के साथ रक्षा और सुरक्षा संबंधों को और मजबूत करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। इसके साथ ही आर्थिक सहयोग और इनोवेशन के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
व्यापक रणनीतिक साझेदारी की पृष्ठभूमि
भारत और मलेशिया ने अगस्त 2024 में अपने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया था। इसके बाद से दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय संपर्क और सहयोग में तेजी आई है।
पीएम मोदी ने पहले ही यह साफ कर दिया था कि उनका लक्ष्य रक्षा और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना, आर्थिक और नवाचार साझेदारी को बढ़ाना और नए क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करना है। मौजूदा दौरा उसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।









