PM मोदी के भाषण में विकसित भारत, AI, परमाणु ऊर्जा और रक्षा पर बड़ा फोकस

PM मोदी ने स्वतंत्रता दिवस 2026 पर विकसित भारत 2047 का रोडमैप बताया। AI, परमाणु ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, रक्षा, खेल और शिक्षा पर जोर दिया।

15 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से विकसित भारत 2047 का रोडमैप सामने रखा। भाषण में AI प्रशिक्षण, परमाणु ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, रक्षा, खेल, शिक्षा और आधुनिक कनेक्टिविटी जैसे मुद्दों पर जोर दिया गया।

UPSC Current Affairs: स्वतंत्रता दिवस 2026 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से देश के आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक विकास की दिशा पर विस्तार से बात की। उन्होंने युवाओं को AI प्रशिक्षण देने, परमाणु ऊर्जा क्षमता बढ़ाने, सेमीकंडक्टर निर्माण को गति देने, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने जैसे कई महत्वपूर्ण लक्ष्य सामने रखे।

विकसित भारत 2047 के लिए सात प्रमुख क्षेत्रों पर जोर

प्रधानमंत्री के संबोधन में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित, आत्मनिर्भर और समावेशी राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को प्रमुखता दी गई। इसके लिए सात महत्वपूर्ण क्षेत्रों को विकास की आधारशिला के रूप में सामने रखा गया। इनमें विनिर्माण, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, तकनीक एवं नवाचार, गति शक्ति, रक्षा, हरित एवं नीली अर्थव्यवस्था तथा भारत की सॉफ्ट पावर शामिल हैं।

राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने का भी उल्लेख किया गया। इसके ऐतिहासिक महत्व और स्वतंत्रता संग्राम में इसकी भूमिका को रेखांकित करते हुए भारतीय सांस्कृतिक चेतना से इसके संबंध पर जोर दिया गया।

AI, परमाणु ऊर्जा और सेमीकंडक्टर पर बड़ा लक्ष्य

तकनीक के क्षेत्र में युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जोड़ने की योजना महत्वपूर्ण रही। अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को AI प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। इसका उद्देश्य भारत में नई तकनीकी क्षमताओं को विकसित करना और देश को वैश्विक नवाचार केंद्र के रूप में मजबूत करना है।

ऊर्जा क्षेत्र में 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य सामने रखा गया। इसके लिए स्वदेशी परमाणु रिएक्टरों और आधुनिक तकनीकों के विकास पर भी जोर दिया गया। परमाणु ऊर्जा को ऊर्जा सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों से जोड़कर देखा गया।

सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम जारी रखने की बात कही गई। नए संयंत्रों के विकास से भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप आपूर्ति श्रृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका दिलाने का लक्ष्य है।

रक्षा, खेल और कनेक्टिविटी पर भी फोकस

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए ड्रोन, हाइपरसोनिक तकनीक और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों में स्वदेशी क्षमता विकसित करने पर जोर दिया गया। महत्वपूर्ण खनिजों की खोज और समुद्र के भीतर खनन को भी रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया गया।

खेल के क्षेत्र में बच्चों की प्रतिभा को शुरुआती स्तर पर पहचानने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने पर ध्यान दिया गया। भारत की 2036 ओलंपिक मेजबानी की दावेदारी और भारतीय खिलाड़ियों की वैश्विक स्तर पर बेहतर भागीदारी का लक्ष्य भी सामने रखा गया।

इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में गति शक्ति को विकास की महत्वपूर्ण ताकत बताया गया। शहरों को हाई-स्पीड रेल से जोड़ने और बंदरगाहों को केवल माल ढुलाई के केंद्र के बजाय आर्थिक विकास के इंजन के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया।

इसके अलावा हील इन इंडिया, हस्तशिल्प, संस्कृति, फिल्म, वीएफएक्स, एनीमेशन, गेमिंग और डिजिटल सामग्री जैसे क्षेत्रों में भारत की वैश्विक क्षमता बढ़ाने की बात कही गई। विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए भारत के प्राकृतिक और सांस्कृतिक संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया गया।

शिक्षा के क्षेत्र में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले गरीब परिवारों के छात्रों के लिए डिजिटल माध्यम से मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की बात कही गई। महिला सशक्तिकरण, नागरिक सुरक्षा और वैश्विक स्तर पर भारतीय कंपनियों की मजबूत मौजूदगी जैसे विषय भी भाषण के महत्वपूर्ण हिस्से रहे।

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