AAP विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को 7 महीने फरार रहने के बाद गिरफ्तार किया गया। उन पर रेप, धोखाधड़ी और धमकी के आरोप हैं। गिरफ्तारी के बाद पंजाब की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
चंडीगढ़: पंजाब की राजनीति में लंबे समय से चर्चा में रहे Harmeet Singh Pathanmajra को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सनौर से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक पठानमाजरा पिछले सात महीनों से फरार चल रहे थे। उन पर रेप, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। पटियाला पुलिस को लंबे समय से उनकी तलाश थी और अब आखिरकार उन्हें पकड़ने में सफलता मिल गई है।
सितंबर 2025 से थे फरार
पठानमाजरा के खिलाफ 2 सितंबर 2025 को FIR दर्ज हुई थी, जिसके बाद से ही वे फरार हो गए थे। पुलिस ने उनकी तलाश में कई जगहों पर छापेमारी की, लेकिन हर बार वे गिरफ्त से बचते रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने उन्हें ‘भगोड़ा’ घोषित कर दिया था और उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया था।
सात महीने तक पुलिस और एजेंसियां उनकी तलाश में लगी रहीं। इस दौरान विपक्षी दलों ने भी सरकार और पुलिस पर लगातार सवाल उठाए और गिरफ्तारी में देरी को लेकर आलोचना की।
महिला की शिकायत में गंभीर आरोप
पूरा मामला तब सामने आया जब सितंबर 2025 में जीरकपुर की रहने वाली एक महिला ने सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज कराई। महिला ने आरोप लगाया कि विधायक ने खुद को तलाकशुदा बताया और उससे संबंध बनाए। बाद में साल 2021 में उससे शादी की, जबकि वह पहले से शादीशुदा थे।

महिला ने यह भी दावा किया कि विधायक ने उसके साथ धोखाधड़ी की, उसे अश्लील सामग्री भेजी और कई बार धमकियां दीं। शिकायत में यह भी कहा गया कि उसके साथ मानसिक और शारीरिक शोषण किया गया। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने रेप, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी की धाराओं में केस दर्ज किया था।
विधायक की सफाई और विवाद
मामले के सामने आने के बाद Harmeet Singh Pathanmajra ने एक वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी थी। उन्होंने कहा था कि वे फरार नहीं हैं, बल्कि अपनी जान बचाने के लिए छिपे हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने उनकी कार पर फायरिंग की थी और यह एक ‘फर्जी मुठभेड़’ (fake encounter) की कोशिश थी।
यह वीडियो नवंबर 2025 में सामने आया था, जिसके बाद मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया। हालांकि, पुलिस ने इन आरोपों को गंभीरता से नहीं लिया और अपनी जांच जारी रखी।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
पटियाला पुलिस ने इस दौरान कई बार विधायक के घर और अन्य संभावित ठिकानों पर छापेमारी की। लेकिन हर बार उन्हें पकड़ना मुश्किल साबित हुआ। आखिरकार सात महीने बाद पुलिस को उनकी लोकेशन का पता चला और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब आगे की जांच के लिए विधायक से पूछताछ की जाएगी और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। गिरफ्तारी के बाद इस केस में कानूनी प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।
राजनीति में बढ़ा दबाव
इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) पर भी राजनीतिक दबाव बना रहा। विपक्षी दल लगातार सरकार पर आरोप लगा रहे थे कि वह अपने विधायक को बचाने की कोशिश कर रही है। गिरफ्तारी में देरी को लेकर कई सवाल उठाए गए थे।
अब गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक माहौल फिर से गरमा गया है। विपक्ष इसे कानून-व्यवस्था का मुद्दा बता रहा है, जबकि सत्ताधारी पक्ष का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।









