आदित्य बिड़ला ग्रुप की कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट ने सीमेंट के बाद अब वायर और केबल कारोबार में भी कदम रख दिया है। कंपनी ने ‘अल्ट्रावोल्ट’ ब्रांड नाम से वायर और केबल का बिजनेस शुरू किया है।
Polycab Share Price: वायर और केबल सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच Polycab India के शेयरों को लेकर दिग्गज ग्लोबल ब्रोकरेज Jefferies India ने सकारात्मक रुख अपनाया है। कंपनी के शेयर में हाल के दिनों में करीब 10 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। यह गिरावट मुख्य रूप से Aditya Birla Group की UltraTech Cement द्वारा वायर और केबल कारोबार में प्रवेश की घोषणा के बाद आई है। हालांकि, Jefferies का मानना है कि Polycab की मजबूत बाजार स्थिति और व्यापक उत्पाद पोर्टफोलियो कंपनी को नई प्रतिस्पर्धा से निपटने में मदद कर सकता है।
ब्रोकरेज ने Polycab के शेयरों पर BUY रेटिंग बरकरार रखते हुए करीब 34 फीसदी तक की संभावित तेजी का अनुमान लगाया है। Jefferies के मुताबिक, हालिया गिरावट को कंपनी के शेयर में दोबारा निवेश करने के अवसर के तौर पर देखा जा सकता है।
भारत का वायर और केबल बाजार कितना बड़ा है?
Jefferies India के अनुसार, भारत का वायर और केबल उद्योग वित्त वर्ष 2026 में करीब 1 लाख करोड़ रुपये का हो चुका है। इस पूरे बाजार में लगभग 25 फीसदी हिस्सेदारी अभी भी असंगठित क्षेत्र के पास है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि भारतीय वायर और केबल इंडस्ट्री आने वाले समय में सालाना करीब 11-12 फीसदी की दर से बढ़ सकती है। बढ़ती बिजली की मांग, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स और निर्माण गतिविधियों से इस सेक्टर को लगातार सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।
बाजार का आकार बड़ा होने के कारण Jefferies का मानना है कि UltraTech जैसी नई कंपनियों के प्रवेश के बावजूद मौजूदा प्रमुख कंपनियों के लिए विकास की पर्याप्त गुंजाइश बनी रहेगी।
Polycab क्यों है बाजार की मजबूत कंपनी?
Polycab India वायर और केबल सेगमेंट में देश की प्रमुख कंपनियों में शामिल है। कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी बाजार हिस्सेदारी में लगातार वृद्धि की है। Jefferies के आंकड़ों के मुताबिक, Polycab की बाजार हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2020 के करीब 18 फीसदी से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में लगभग 30-31 फीसदी हो गई है।
कंपनी की एक बड़ी ताकत उसका देशव्यापी डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क है। इसके अलावा Polycab के पास 15,000 से ज्यादा उत्पादों की विस्तृत रेंज है, जिससे कंपनी अलग-अलग ग्राहक वर्गों और बाजारों की जरूरतों को पूरा करती है। कंपनी के कुल कारोबार में केबल कारोबार की हिस्सेदारी करीब 70-75 फीसदी है। इसके मुकाबले UltraTech के नए कारोबार की शुरुआती रणनीति मुख्य रूप से वायर और LT यानी Low Tension Cables पर केंद्रित बताई जा रही है।
नई प्रतिस्पर्धा से कितना खतरा?
![]()
UltraTech Cement के वायर और केबल कारोबार में आने के बाद Polycab सहित इस क्षेत्र की दूसरी कंपनियों के शेयरों पर दबाव देखने को मिला। लेकिन Jefferies का मानना है कि नई कंपनी के लिए हाई-वैल्यू सेगमेंट में तुरंत मजबूत स्थिति बनाना आसान नहीं होगा। ब्रोकरेज के मुताबिक, पावर ट्रांसमिशन और इंडस्ट्रियल केबल जैसे क्षेत्रों में प्रवेश करने के लिए नई कंपनियों को उत्पादों की स्वीकृति और ग्राहक संबंध स्थापित करने में करीब 2 से 4 साल लग सकते हैं। इससे मौजूदा स्थापित कंपनियों को कुछ समय तक प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिल सकती है।
Jefferies के अनुसार, Havells और Finolex जैसी कंपनियों की तुलना में Polycab पर नई प्रतिस्पर्धा का जोखिम अपेक्षाकृत कम हो सकता है, क्योंकि Polycab के कारोबार में केबल सेगमेंट का योगदान काफी बड़ा है।
Polycab Share Price Target: 34% तक तेजी का अनुमान
Jefferies India ने Polycab के शेयर के लिए करीब 11,100 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। दिए गए मौजूदा स्तर 8,261 रुपये के मुकाबले यह लगभग 34 फीसदी की संभावित तेजी को दर्शाता है। ब्रोकरेज के बुल केस में शेयर के 12,000 रुपये तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। यह मौजूदा स्तर से 45 फीसदी से ज्यादा संभावित बढ़त होगी। वहीं, कमजोर परिस्थितियों में Jefferies ने शेयर के करीब 6,600 रुपये तक फिसलने का जोखिम भी बताया है।
कंपनी के शेयर का 52-week high 10,126 रुपये और 52-week low 6,663 रुपये बताया गया है। ऐसे में निवेशकों के लिए आगे कंपनी की बिक्री वृद्धि, मार्जिन, प्रतिस्पर्धा और नए कारोबारियों के बाजार में प्रभाव पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।










