प्रयागराज: जिले के पोस्टमार्टम हाउस में बड़ी लापरवाही सामने आई है। पहचान के बाद भी शव गलत परिवार को सौंप दिया गया, जिसके बाद दोनों पक्षों के परिजनों ने हंगामा किया और पुलिस की मौजूदगी में शवों की पुनः अदला-बदली कराई गई। इस घटना से शोकग्रस्त परिजनों में आक्रोश फैल गया है।
जानकारी के अनुसार, जौनपुर निवासी किराना व्यवसायी अवधेश कुमार (57) का शव गलती से कानपुर के रेलवे कर्मचारी जितेंद्र केसरवानी के परिवार को सौंप दिया गया। जब परिवार ने अंतिम संस्कार की तैयारी के दौरान पहचान की प्रक्रिया की, तब गड़बड़ी का पता लगा। मामले की शिकायत बढ़ने पर पोस्टमार्टम हाउस प्रशासन हरकत में आया और शवों को वापस लाकर सही परिवारों को सौंपा गया।
परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक के रिश्तेदारों का कहना है कि “800 रुपये पोस्टमार्टम से पहले और 300 रुपये शव को सील करने के समय लिए गए”— कुल 1,100 रुपये की कथित वसूली पर भी सवाल उठाए गए हैं।
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग भी सक्रिय हो गया है। सीएमओ डॉ. ए.के. तिवारी ने कहा कि पहचान की पुष्टि के बावजूद शव किसी अन्य परिवार को देना गंभीर लापरवाही है और पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों और मृतक परिवारों ने मांग की है कि पोस्टमार्टम हाउस में पहचान और दस्तावेजी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सुधारात्मक कदम तुरंत उठाए जाएँ।









