Narendra Modi ने सोमवार को प्रोफेसर Gobardhan Das से मुलाकात की और उनकी विद्वत्ता एवं कार्यों की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रोफेसर दास का व्यक्तिगत जीवन और उनका अकादमिक योगदान बेहद प्रेरणादायक है।
PM Modi: नई दिल्ली में सोमवार को प्रधानमंत्री Narendra Modi ने नीति आयोग के नवनियुक्त सदस्य प्रोफेसर Gobardhan Das से मुलाकात की। यह मुलाकात उस समय हुई जब प्रो. दास ने हाल ही में भारत की प्रमुख नीति निर्माण संस्था NITI Aayog में सदस्य के रूप में कार्यभार संभाला है। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर उनके योगदान, विद्वत्ता और सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनका अनुभव देश की नीति निर्माण प्रक्रिया को नई दिशा देगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि प्रो. Gobardhan Das का जीवन बेहद प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने कहा कि जीवन में आए संघर्षों ने उन्हें समाज सेवा और जनकल्याण के प्रति और अधिक समर्पित बनाया है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जन स्वास्थ्य और इम्यूनोलॉजी के क्षेत्र में प्रो. दास का कार्य नीति निर्माण को मजबूत करेगा और देश के विकास लक्ष्यों को गति देगा।
प्रो. Gobardhan Das की नियुक्ति के बाद उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर एक विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया है। यह रोडमैप भारत के दीर्घकालिक विकास और क्षेत्रीय असंतुलन को कम करने पर केंद्रित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य नीति आयोग के माध्यम से देश के विकास एजेंडे को और प्रभावी बनाना है।
नियुक्ति पर प्रतिक्रिया
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अपनी नियुक्ति के बाद एक इंटरव्यू में प्रो. दास ने कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए व्यक्तिगत सम्मान के साथ-साथ पूरे बंगाली समुदाय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi का आभार व्यक्त किया। उन्होंने यह भी कहा कि वह देश के हर क्षेत्र में संतुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए पूरी निष्ठा से काम करेंगे।
प्रो. Gobardhan Das ने अपने गृह राज्य West Bengal के विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने राज्य को ऐतिहासिक रूप से “सोनार बांग्ला” कहा जाता है, उसकी पुरानी प्रतिष्ठा को पुनः स्थापित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के बिना राज्य का संतुलित विकास संभव नहीं है।
प्रवासन और विकास चुनौतियां
प्रोफेसर दास ने चिंता जताई कि West Bengal में रोजगार और बुनियादी सेवाओं की कमी के कारण कई लोग अन्य राज्यों में पलायन कर रहे हैं। उन्होंने इसे एक गंभीर विकासात्मक चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि नीति आयोग के माध्यम से इन समस्याओं का समाधान खोजा जाएगा और क्षेत्रीय विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।
NITI Aayog में शामिल होकर प्रो. दास ने कहा कि उनका उद्देश्य “सबका साथ, सबका विकास” के सिद्धांत को और मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि भारत को एक आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी राष्ट्र बनाने के लिए वैज्ञानिक सोच, शिक्षा और स्वास्थ्य सुधार बेहद जरूरी हैं।









