पत्नी-प्यारिका की साजिश, खुरपी से वार कर प्रधान आरक्षक पति की हत्या

प्रधान आरक्षक की हत्या का सनसनीखेज मामला: पत्नी और प्रेमी ने मिलकर खुरपी से हमला किया, शव नदी किनारे दबाया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेजा।

बलरामपुर में दो बच्चों की मां ने शादीशुदा प्रेमी के साथ मिलकर प्रधान आरक्षक पति की हत्या कर दी। प्रेमी ने नदी किनारे खुरपी से वार कर हत्या की और शव रेत में दबाया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

Chhattisgarh: यह पूरा मामला बलरामपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सतिसेमर का है। 29 जनवरी 2026 की शाम कुछ ग्रामीण सेंदुर नदी की ओर गए थे। वहां उन्हें नदी के किनारे रेत में दबा हुआ एक सड़ा-गला शव दिखाई दिया। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने शव को बाहर निकलवाया। हालत काफी खराब होने के कारण पहचान संभव नहीं थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोटों के निशान मिले, जिससे यह साफ हो गया कि मामला हत्या का है। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की।

प्रधान आरक्षक की पहचान होने के बाद खुला राज

लगातार जांच के बाद 31 जनवरी 2026 को शव की पहचान विश्वनाथ केरकेट्टा (51) के रूप में हुई। वह रायगढ़ जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम सालियापारा का रहने वाला था और छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) में प्रधान आरक्षक के पद पर दंतेवाड़ा में तैनात था।

शव की पहचान होते ही पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम बनाई। एडिशनल एसपी विश्वदीपक त्रिपाठी के नेतृत्व में तकनीकी साक्ष्य, कॉल डिटेल और परिजनों से पूछताछ शुरू की गई। जांच में जल्द ही यह सामने आया कि मामला प्रेम संबंध और पारिवारिक विवाद से जुड़ा हुआ है।

पत्नी ने दूसरी शादी की

जांच में सामने आया कि करीब 10–12 साल पहले विश्वनाथ की पोस्टिंग बलरामपुर में थी। उसी दौरान उसने क्लॉस्टिका केरकेट्टा (31) से दूसरी शादी की थी। दोनों के दो बच्चे भी हैं। वर्ष 2024 में बच्चों की पढ़ाई के लिए विश्वनाथ ने क्लॉस्टिका को रायपुर भेज दिया था।

पत्नी-प्यारिका की साजिश, खुरपी से वार कर प्रधान आरक्षक पति की हत्या

इसी बीच वर्ष 2023 में क्लॉस्टिका की फेसबुक के जरिए विवेक टोप्पो (31) से पहचान हुई। विवेक पहले से शादीशुदा था, लेकिन दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। कुछ समय बाद दोनों ने तातापानी मंदिर में छिपकर शादी भी कर ली। जब इस बात की जानकारी विश्वनाथ को हुई तो घर में झगड़े बढ़ने लगे। क्लॉस्टिका अपने प्रेमी विवेक के साथ रहना चाहती थी। इसी वजह से दोनों ने मिलकर विश्वनाथ को रास्ते से हटाने का फैसला किया।

बलरामपुर बुलाकर खुरपी से की हत्या

योजना के तहत विवेक ने विश्वनाथ को बलरामपुर बुलाया। विवेक के कहने पर विश्वनाथ 12 जनवरी को छुट्टी लेकर दंतेवाड़ा से सतिसेमर स्थित घर पहुंचा। 14 जनवरी 2026 को विवेक ने विश्वनाथ को सेंदुर नदी के किनारे मिलने के लिए बुलाया। जैसे ही विश्वनाथ वहां पहुंचा, विवेक ने धोखे से लोहे की खुरपी से उसके सिर पर जोरदार वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से विश्वनाथ की मौके पर ही मौत हो गई।

हत्या के बाद विवेक ने शव को नदी के दूसरे किनारे ले जाकर रेत में दबा दिया। पहचान छुपाने के लिए उसने विश्वनाथ का मोबाइल, आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज भी छिपा दिए। वारदात के बाद वह सामान्य जीवन जीता रहा ताकि किसी को शक न हो।

पुलिस ने आरोपी प्रेमी-प्रेमिका को भेजा जेल

इस दौरान क्लॉस्टिका रायपुर में ही थी। 22 जनवरी को वह सतिसेमर आई और पड़ोसियों से अपने पति के बारे में झूठी जानकारी जुटाने लगी। पुलिस को उस पर शक हुआ और कड़ाई से पूछताछ में पूरा मामला सामने आ गया।

पुलिस ने क्लॉस्टिका केरकेट्टा और विवेक टोप्पो को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। एसपी वैभव बैंकर ने कहा कि यह मामला सटीक जांच और टीमवर्क का नतीजा है और ऐसे अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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