पुखराया में भक्ति की धूम: गणगौर यात्रा निकली, गौरी-शिव प्रतिमाओं का श्रद्धापूर्वक विसर्जन

गणगौर पर्व पर भव्य यात्रा निकाली गई। श्रद्धालुओं ने माता गौरी और भगवान शिव की प्रतिमाओं का श्रद्धा के साथ विसर्जन किया, पूरे शहर में दिखा भक्तिमय माहौल।
पुखराया में भक्ति की धूम: गणगौर यात्रा निकली, गौरी-शिव प्रतिमाओं का श्रद्धापूर्वक विसर्जन
Photo Credit / Attribution: google

पुखराया नगर में गणगौर पर्व के अवसर पर भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब माता गौरी और भगवान शिव की प्रतिमाओं के साथ भव्य गणगौर यात्रा निकाली गई। इस दौरान पूरे शहर का वातावरण धार्मिक रंग में रंगा नजर आया और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ यात्रा में शामिल हुई।

सुबह से ही श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में तैयार होकर यात्रा में शामिल होने के लिए जुटने लगे थे। महिलाओं ने विशेष रूप से गणगौर पर्व के पारंपरिक गीत गाते हुए माता गौरी की पूजा की और सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद विधि-विधान के साथ यात्रा का शुभारंभ हुआ, जिसमें सजी-धजी प्रतिमाएं आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।

यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जहां जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों की धुन और भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालु नाचते-गाते आगे बढ़ते रहे। कई स्थानों पर भंडारे और जलपान की व्यवस्था भी की गई, जिससे यात्रा में शामिल लोगों को सुविधा मिली।

गणगौर पर्व विशेष रूप से महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए पूजा करती हैं, जबकि अविवाहित युवतियां अच्छे वर की कामना करती हैं। इसी आस्था के चलते इस यात्रा में महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से अधिक देखने को मिली।

यात्रा के समापन पर श्रद्धालुओं ने माता गौरी और भगवान शिव की प्रतिमाओं का श्रद्धापूर्वक विसर्जन किया। विसर्जन के समय भावुक माहौल भी देखने को मिला, जहां भक्तों ने अगले वर्ष फिर से गणगौर पर्व मनाने की कामना के साथ माता को विदाई दी।

प्रशासन की ओर से भी यात्रा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल तैनात रहा और यातायात को सुचारु रखने के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी।

इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत किया, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को भी जीवंत बनाए रखा। पुखराया में निकली यह गणगौर यात्रा श्रद्धालुओं के लिए एक यादगार अनुभव बन गई, जिसने पूरे नगर को भक्ति और उल्लास के रंग में रंग दिया

Leave a comment