पुणे निकाय चुनाव 2026 से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए एक नया विवाद सामने आया है। पार्टी ने अपनी महिला उम्मीदवार पूजा मोरे जाधव का टिकट रद्द कर दिया है।
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पुणे निकाय चुनाव से अपनी महिला उम्मीदवार पूजा मोरे जाधव का टिकट वापस ले लिया है। पूजा मोरे जाधव 15 जनवरी को होने वाले BMC चुनावों में सहयोगी पार्टी आरपीआई के कोटे के तहत वार्ड नंबर 2 से चुनाव मैदान में थीं। पूजा जाधव को पहले भाजपा द्वारा AB फॉर्म (नामांकन दाखिल करने के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज) भी प्रदान किया गया था। हालांकि, उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर एक पुराना वीडियो वायरल हो गया, जिसके बाद पार्टी ने उनकी इस सीट से उम्मीदवारी वापस ले लेने का फैसला किया।
वायरल वीडियो और विवाद
पूजा मोरे जाधव का यह वीडियो मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान रिकॉर्ड किया गया था। वीडियो में उनकी बातें विवादित मानी गईं, जिसमें उन्होंने सीएम फडणवीस और उनके परिवार के खिलाफ टिप्पणी की थी। सोशल मीडिया पर इस वीडियो के वायरल होने के बाद भाजपा के सामने राजनीतिक और चुनावी दबाव बढ़ गया।
बीजेपी ने इसे गंभीरता से लिया और पार्टी ने इस विवाद से दूरी बनाते हुए पूजा मोरे जाधव का टिकट रद्द कर दिया। केंद्रीय मंत्री और पुणे से भाजपा सांसद मुरलीधर मोहोल ने मीडिया से बातचीत में इस बात की पुष्टि की।

बीजेपी ने टिकट रद्द करने का किया फैसला
पूजा मोरे जाधव ने खुद इस फैसले को सोशल मीडिया ट्रोलिंग का परिणाम बताया। उन्होंने कहा, “मेरे बारे में गलत जानकारी फैलाई गई और इसे दिखाने की कोशिश की गई कि मैं भाजपा की विचारधारा में विश्वास नहीं करती। ट्रोलिंग और गलतफहमियों को देखते हुए मैंने सोच-समझकर अपना नामांकन वापस लेने का फैसला किया।
पूजा ने यह भी दावा किया कि वीडियो में जो बातें मुख्यमंत्री फडणवीस के बारे में कही गई थीं, वह किसी और ने कही थीं, लेकिन सोशल मीडिया पर उन्हें उनके नाम से जोड़कर पेश किया गया। इस घटना ने भाजपा के लिए एक चुनौती पैदा कर दी, क्योंकि निकाय चुनाव से पहले यह विवाद पार्टी की छवि और चुनावी रणनीति पर असर डाल सकता था।
पुणे निकाय चुनाव में भाजपा की तैयारी
15 जनवरी को होने वाले पुणे निकाय चुनाव में भाजपा ने अपनी पूरी तैयारी कर रखी थी। वार्ड नंबर 2 में आरपीआई कोटे से उम्मीदवार होने के कारण पूजा मोरे जाधव की उम्मीदवारी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही थी। हालांकि, वीडियो विवाद के चलते पार्टी ने चुनावी रणनीति में बदलाव किया। बीजेपी ने महिला उम्मीदवार को हटाकर नए उम्मीदवार को मैदान में उतारने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी का मानना है कि यह कदम चुनावी छवि को सुरक्षित रखने और विवाद को बढ़ने से रोकने के लिए जरूरी था।













