पंजाब में गौरव यादव बने रेगुलर DGP, UPSC पैनल के आधार पर मिली दो साल की नियुक्ति

पंजाब सरकार ने गौरव यादव को नियमित DGP नियुक्त किया है। UPSC पैनल के आधार पर हुए चयन के बाद उनका कार्यकाल दो साल का होगा।

पंजाब सरकार ने गौरव यादव को नियमित पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया है। करीब चार साल बाद राज्य को रेगुलर DGP मिला है। शुक्रवार को जारी आदेश के मुताबिक, नियुक्ति UPSC के पैनल पर विचार के बाद की गई और उनका कार्यकाल दो साल का होगा।

पंजाब: राज्य सरकार ने गौरव यादव को पंजाब का नियमित पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया है। शुक्रवार को जारी आदेश के साथ करीब चार साल से चली आ रही नियमित नियुक्ति की प्रतीक्षा समाप्त हुई। यह फैसला संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की ओर से भेजे गए अधिकारियों के पैनल पर विचार करने के बाद लिया गया। गौरव यादव का कार्यकाल दो साल का बताया गया है। पैनल में शरद सत्य चौहान और हरप्रीत सिद्धू के नाम भी शामिल थे।

चार साल बाद पंजाब को मिला नियमित पुलिस प्रमुख

पंजाब में पुलिस महानिदेशक के पद पर गौरव यादव की नियमित नियुक्ति का आदेश शुक्रवार को जारी किया गया। राज्य सरकार ने UPSC की ओर से भेजे गए पैनल पर विचार करने के बाद उनके नाम पर फैसला लिया। इस नियुक्ति के साथ राज्य को करीब चार साल बाद नियमित DGP मिला है।

गौरव यादव पहले से ही पंजाब पुलिस के प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब सरकार ने उन्हें नियमित DGP नियुक्त कर दिया है। नियमित नियुक्ति के बाद उनके पद और कार्यकाल को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनका कार्यकाल दो साल का निर्धारित किया गया है।

पुलिस महानिदेशक राज्य पुलिस बल का शीर्ष अधिकारी होता है। पुलिस प्रशासन के संचालन, कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों और विभागीय कामकाज में इस पद की अहम भूमिका होती है। ऐसे में नियमित DGP की नियुक्ति को पंजाब पुलिस के प्रशासनिक ढांचे के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

UPSC के पैनल में दो अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के नाम

नियमित DGP की नियुक्ति की प्रक्रिया में संघ लोक सेवा आयोग की ओर से भेजे गए पैनल पर विचार किया गया। इस पैनल में गौरव यादव के अलावा शरद सत्य चौहान और हरप्रीत सिद्धू के नाम भी शामिल थे। राज्य सरकार ने पैनल पर विचार करने के बाद गौरव यादव को नियमित पुलिस प्रमुख नियुक्त करने का आदेश जारी किया।

DGP की नियुक्ति में निर्धारित प्रक्रिया और अधिकारियों के पैनल की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। पंजाब में इस बार भी UPSC की ओर से भेजे गए पैनल के आधार पर फैसला लिया गया। हालांकि, उपलब्ध समाचार में पैनल में शामिल अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड, चयन के विस्तृत मानदंड या सरकार के निर्णय के पीछे दिए गए अलग-अलग कारणों का विवरण नहीं है।

इसलिए नियुक्ति से जुड़ी जानकारी फिलहाल जारी आदेश और उपलब्ध समाचार विवरण तक सीमित है। शरद सत्य चौहान और हरप्रीत सिद्धू के नाम पैनल में शामिल होने की जानकारी सामने आई है, लेकिन इससे उनके चयन को लेकर किसी अतिरिक्त निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

दो साल के कार्यकाल में संभालेंगे पुलिस विभाग की जिम्मेदारी

गौरव यादव का नियमित DGP के रूप में कार्यकाल दो साल का बताया गया है। इस अवधि में वह पंजाब पुलिस के नेतृत्व और विभागीय प्रशासन की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनकी नियुक्ति के बाद राज्य पुलिस के शीर्ष पद पर नियमित नेतृत्व की व्यवस्था औपचारिक रूप से स्थापित हो गई है।

राज्य में पुलिस प्रमुख की भूमिका कानून-व्यवस्था बनाए रखने, पुलिस बल के कामकाज की निगरानी और प्रशासनिक प्राथमिकताओं को लागू करने से जुड़ी होती है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में गौरव यादव के नए कार्यकाल के लिए किसी विशेष योजना या प्राथमिकता की घोषणा का उल्लेख नहीं है।

शुक्रवार को जारी नियुक्ति आदेश के बाद अब गौरव यादव नियमित DGP के रूप में दो साल तक पद संभालेंगे। करीब चार साल बाद हुई इस नियुक्ति ने पंजाब पुलिस के नेतृत्व से जुड़ी प्रक्रिया को नया औपचारिक आधार दिया है।

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