Rahul Gandhi on CEC: ‘ज्ञानेश कुमार जाएंगे, यह सरकार जाएगी’, राहुल गांधी ने लोकतंत्र की मरम्मत का किया दावा

Rahul Gandhi News: राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, ‘ज्ञानेश कुमार जाएंगे, यह सरकार

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘ज्ञानेश कुमार जाएंगे।

Rahul Gandhi: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर एक बार फिर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “ज्ञानेश कुमार जाएंगे। यह सरकार जाएगी। फिर शुरू होगी लोकतंत्र की मरम्मत।” उनका यह बयान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच आया है। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाते हुए सरकार और निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा है।

राहुल गांधी ने एक्स पर क्या कहा?

राहुल गांधी ने अपने संक्षिप्त सोशल मीडिया संदेश के जरिए केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त पर सीधा राजनीतिक हमला किया। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव के बाद लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने और व्यवस्था में सुधार की प्रक्रिया शुरू होगी। यह बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस समेत विपक्षी गठबंधन के कई दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी नागरिकों के मतदान के अधिकार को प्रभावित कर सकती है।

हालांकि, राहुल गांधी के बयान को विपक्ष के राजनीतिक रुख और आरोपों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर उठाए गए सवालों पर संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया और उपलब्ध साक्ष्य महत्वपूर्ण हैं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से विपक्षी नेताओं की मुलाकात

इस राजनीतिक विवाद के बीच शुक्रवार को विपक्षी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी सहित विपक्ष के अन्य नेता शामिल थे। विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर अपनी चिंताएं रखीं। उनका उद्देश्य इस मामले को देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचाना और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर ध्यान आकर्षित करना था।

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में वोट चोरी हो रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधा। ये राहुल गांधी और विपक्ष की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। इन दावों की पुष्टि के लिए संबंधित तथ्यों और आधिकारिक जांच की स्थिति को देखना आवश्यक है।

CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष की अगली रणनीति

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को आगे उठाता रहेगा। उनके अनुसार, 12 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत को ज्ञापन सौंपने की योजना है। इस कदम के जरिए विपक्ष ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी आपत्तियों को औपचारिक रूप से उठाने का संकेत दिया है।

विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए और जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उनके मामलों की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए। विपक्षी दलों ने एसआईआर प्रक्रिया पर रोक लगाने और मतदाता सूची से हटाए गए नामों को बहाल करने जैसी मांगें भी उठाई हैं।

‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च के बाद बढ़ा विवाद

इससे पहले विपक्षी सांसदों ने संसद भवन से विजय चौक तक ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च निकाला था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग कर सांसदों को आगे बढ़ने से रोक दिया। विपक्षी दलों ने इस मार्च के जरिए मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। कुछ विपक्षी दलों ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी दोहराई है। वहीं, चुनाव प्रक्रिया में सुधार और मतदाता सूची की विश्वसनीयता को लेकर जारी बहस ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।

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