चेक बाउंस मामले में अभिनेता राजपाल यादव मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। इस दौरान अदालत ने उनकी ओर से जमा किए गए 1 करोड़ 15 लाख रुपये के डिमांड ड्राफ्ट को स्वीकार किया और बाकी रकम के भुगतान की समयसीमा बताने को कहा।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव से जुड़े करीब 16 साल पुराने चेक बाउंस मामले में सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। अभिनेता व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश हुए और उन्होंने कोर्ट के समक्ष 1.15 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जमा किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने भुगतान की स्थिति पर जानकारी ली और बाकी रकम जमा करने की समयसीमा बताने को कहा।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने राजपाल यादव से बातचीत के दौरान उन्हें आगे अच्छी फिल्में बनाने और दर्शकों का मनोरंजन करने की सलाह भी दी। बातचीत के एक हल्के-फुल्के पल में अभिनेता ने अपनी अगली फिल्म के संभावित नाम का जिक्र किया, जिससे अदालत का माहौल कुछ सहज हो गया।
राजपाल यादव ने जमा किया 1.15 करोड़ का ड्राफ्ट
मामले की पिछली सुनवाई में अदालत ने राजपाल यादव से अगली तारीख तक कम से कम 2 करोड़ रुपये जमा करने को कहा था। 5 अक्टूबर की सुनवाई में उनकी ओर से 50 लाख रुपये का ड्राफ्ट पेश किया गया था। इस पर अदालत ने भुगतान को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें जेल भेजे जाने की चेतावनी दी थी।
7 अक्टूबर को हुई सुनवाई में अभिनेता ने 1.15 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट अदालत में पेश किया। उनके वकील ने यह भी बताया कि अतिरिक्त 85 लाख रुपये 13 अक्टूबर को RTGS के जरिए जमा किए जाने की उम्मीद है। अदालत ने भुगतान की प्रक्रिया को गंभीरता से लेते हुए राजपाल यादव से शेष रकम को लेकर स्पष्ट समयसीमा बताने को कहा।
कोर्ट में फिल्म को लेकर हुई हल्की बातचीत

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने अभिनेता से सीधे बातचीत की। राजपाल यादव ने अदालत को बताया कि लंबे समय से चल रहे इस मामले की वजह से उनके सम्मान और आर्थिक स्थिति पर असर पड़ा है। अभिनेता ने बताया कि विवाद से जुड़ी फिल्म ‘अता पता लापता’ सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हो पाई थी और इस प्रोजेक्ट में उन्हें कथित तौर पर करीब 17 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
चीफ जस्टिस ने उनसे आगे अच्छी फिल्म बनाने और दर्शकों का मनोरंजन करने की बात कही। इस पर राजपाल यादव ने हल्के अंदाज में कहा कि उनकी अगली फिल्म का नाम ‘सोलह सावन झेल के’ रखा गया है। उनकी इस टिप्पणी के बाद कोर्ट रूम का माहौल कुछ हल्का हो गया।
पैतृक संपत्ति बेचकर रकम जुटाने की कोशिश
राजपाल यादव के वकील ने अदालत को बताया कि अभिनेता करीब 30 करोड़ रुपये की पैतृक संपत्ति बेचने की कोशिश कर रहे हैं। वकील के अनुसार, एक संभावित खरीदार से उन्हें 85 लाख रुपये एडवांस के रूप में मिलने हैं। हालांकि, धार्मिक अवधि के चलते फिलहाल यह भुगतान नहीं हो पाया है। वकील ने बताया कि नवरात्रि शुरू होने के बाद 13 अक्टूबर को खरीदार की ओर से यह रकम RTGS के माध्यम से जमा किए जाने की उम्मीद है। इसी रकम का इस्तेमाल कोर्ट के निर्देशों के तहत भुगतान में किया जाएगा।
फिल्म के लिए लिया था करीब 5 करोड़ का कर्ज
यह मामला वर्ष 2010 का है। जानकारी के मुताबिक, राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए दिल्ली की कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स से करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। कर्ज की रकम लौटाने के लिए जारी किए गए सात चेक बाउंस होने के बाद कंपनी ने कानूनी कार्रवाई शुरू की। निचली अदालत में सुनवाई के बाद मामला दिल्ली हाई कोर्ट तक पहुंचा, जहां अभिनेता को दोषी ठहराया गया। 10 जुलाई 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट ने चेक बाउंस से जुड़े प्रत्येक मामले में 1.35 करोड़ रुपये का जुर्माना और तीन महीने की जेल की सजा सुनाई थी।










