डिजिटल हाउस अरेस्ट कर रिटायर्ड दारोगा से 16 लाख की ठगी, RBI अफसर बनकर दी आतंकी केस की धमकी

संभल में साइबर ठगों ने RBI अधिकारी बनकर रिटायर्ड दारोगा को डिजिटल हाउस अरेस्ट किया और 16 लाख रुपये ठगे। पुलिस ने 6 लाख रुपये वापस कराए।

संभल के चंदौसी में साइबर ठगों ने RBI अधिकारी बनकर रिटायर्ड दारोगा को डिजिटल हाउस अरेस्ट किया और ATM कार्ड से आतंकी गतिविधि का आरोप लगाया। डराकर 16 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए, जिनमें से 6 लाख वापस मिले हैं।

संभल: चंदौसी में साइबर अपराधियों ने RBI अधिकारी बनकर एक सेवानिवृत्त दारोगा को डिजिटल हाउस अरेस्ट कर 16 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने उनके ATM कार्ड का इस्तेमाल आतंकी गतिविधि में होने और उससे आतंकियों के लिए एक करोड़ रुपये के हथियार खरीदने का दावा किया। घर से बाहर निकलने पर जान से मारने की धमकी देकर उन्हें डराया गया। शिकायत के बाद साइबर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 6 लाख रुपये वापस करा दिए हैं।

RBI अधिकारी बनकर आया फोन, आतंकी गतिविधि का आरोप

चंदौसी के मोहल्ला धोबियान निवासी सेवानिवृत्त दारोगा नरेंद्र कुमार के पास 12 अगस्त को भारतीय मोबाइल नंबर से फोन आया था। कॉल करने वाले ने खुद को RBI अधिकारी बताया और दावा किया कि नरेंद्र कुमार के ATM कार्ड का इस्तेमाल आतंकी गतिविधि में किया गया है।

साइबर ठगों ने उन्हें बताया कि उनके ATM कार्ड के जरिए आतंकियों के लिए एक करोड़ रुपये के हथियार खरीदे गए हैं। इसके साथ ही उन्हें धमकाया गया कि अगर वह घर से बाहर निकले तो पुलिस उन्हें आतंकी समझकर गोली मार सकती है। धमकी से डरकर नरेंद्र कुमार घर के अंदर ही रहे।

13 अगस्त को भी उनके पास दोबारा फोन आया। इस दौरान साइबर अपराधियों ने उनसे 20 लाख रुपये की मांग की। नरेंद्र कुमार ने जब बताया कि रकम ट्रांसफर करने के लिए उन्हें बैंक जाना पड़ेगा, तो ठगों ने उन्हें घर से बाहर जाने की अनुमति दे दी।

बैंक पहुंचकर पेंशन की रकम से ट्रांसफर किए 16 लाख

14 अगस्त को नरेंद्र कुमार बैंक पहुंचे और अपनी पेंशन की जमा रकम में से 16 लाख रुपये दो अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद वह ठगों के कहने पर चार लाख रुपये और भेजने वाले थे।

इसी दौरान बैंक के कैशियर को लेनदेन पर संदेह हुआ। बैंक कर्मचारी ने नरेंद्र कुमार से सवाल किए और बताया कि जिन दो खातों में रकम भेजी गई है, वे संदिग्ध हो सकते हैं। इसके बाद नरेंद्र कुमार ने बैंक कर्मचारियों को पूरी घटना बताई और उन्हें समझ आया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।

उन्होंने मामले की शिकायत साइबर थाने में की। पुलिस ने 18 अगस्त को रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की।

एक खाते में मिले 6 लाख, पुलिस ने कराए वापस

साइबर पुलिस ने लेनदेन की जांच की तो 6 लाख रुपये ग्वालियर निवासी प्रिंस कुमार के बैंक खाते में मिले। पुलिस प्रिंस कुमार को ग्वालियर से संभल लेकर आई।

पूछताछ में प्रिंस ने बताया कि उसने नेक्स्ट जेन फाइनेंस की वेबसाइट के जरिए 50 लाख से 1 करोड़ रुपये के लोन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। उसके खाते में आए 6 लाख रुपये को उसने लोन की रकम समझ लिया था।

बाद में साइबर अपराधियों ने प्रिंस कुमार को भी 6 लाख रुपये वापस लेने के लिए धमकाया। इसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी और अपना बैंक खाता होल्ड करा दिया।

पुणे के खाते में भेजे 10 लाख की जांच जारी

एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस ने नरेंद्र कुमार को 6 लाख रुपये वापस करा दिए हैं। हालांकि, महाराष्ट्र के पुणे स्थित खाते में भेजे गए 10 लाख रुपये पहले ही निकाले जा चुके हैं। इस रकम को लेकर पुलिस की जांच जारी है।

पुलिस को साइबर ठगों के मोबाइल नंबर भी मिले हैं और उनके आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। नरेंद्र कुमार अपनी पत्नी के साथ चंदौसी स्थित मकान में रहते हैं, जबकि उनका बेटा नोएडा में रहकर एक निजी कंपनी में नौकरी करता है।

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