राजस्थान कांग्रेस में होगा बड़ा फेरबदल: डोटासरा और जूली की जगह नए नेतृत्व की चर्चा तेज

राजस्थान कांग्रेस में संगठन स्तर पर बड़े फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। चर्चा है कि Govind Singh Dotasra और Tikaram Jully की जगह नए नेतृत्व को जिम्मेदारी

राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर बड़े संगठनात्मक बदलाव की चर्चाएं तेज हो गई हैं। Indian National Congress के अंतर्गत राज्य स्तर पर नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति पहले ही पूरी हो चुकी है और अब उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है ताकि संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत किया जा सके।

जयपुर: राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में बदलाव की चर्चाओं ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन संगठनात्मक स्तर पर बदलाव की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं।

राजस्थान कांग्रेस पहले ही जिला और ब्लॉक स्तर पर संगठनात्मक पुनर्गठन की प्रक्रिया पूरी कर चुकी है। नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद अब उन्हें प्रशिक्षण देने का कार्यक्रम भी शुरू किया गया है। इसके साथ ही युवा कांग्रेस में भी नए पदाधिकारियों के चयन की प्रक्रिया चल रही है। इन बदलावों को पार्टी के व्यापक पुनर्गठन अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।

प्रदेश अध्यक्ष पद में बदलाव की संभावना

वर्तमान में गोविंद सिंह डोटासरा राजस्थान कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष हैं। उन्हें जुलाई 2020 में यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी, और बाद में उनका कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ाया गया था। अब विस्तारित कार्यकाल भी समाप्त होने की ओर है, जिससे संगठन में नए नेतृत्व की संभावना मजबूत हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पार्टी आलाकमान राजस्थान में आगामी चुनावी रणनीति को ध्यान में रखते हुए संगठनात्मक नेतृत्व में बदलाव पर विचार कर सकता है। ऐसे में नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर कई नाम चर्चा में हैं।

सचिन पायलट का नाम सबसे आगे

राजस्थान कांग्रेस में होगा बड़ा फेरबदल: डोटासरा और जूली की जगह नए नेतृत्व की चर्चा तेज

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए सबसे प्रमुख नाम पूर्व उपमुख्यमंत्री Sachin Pilot का माना जा रहा है। पायलट पहले भी लगभग सात वर्षों तक राजस्थान कांग्रेस संगठन का नेतृत्व कर चुके हैं और राज्य में उनकी मजबूत राजनीतिक पकड़ मानी जाती है। सूत्रों के अनुसार, संगठनात्मक अनुभव, युवाओं में लोकप्रियता और राष्ट्रीय नेतृत्व से नजदीकी के कारण उन्हें फिर से प्रदेश कांग्रेस की कमान दिए जाने की संभावना को मजबूत माना जा रहा है।

यदि किसी कारणवश सचिन पायलट को यह जिम्मेदारी नहीं मिलती है, तो अन्य वरिष्ठ नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं। इनमें पूर्व मंत्री हरीश चौधरी, वरिष्ठ नेता राजेंद्र पारीक और अनुभवी विधायक शांति धारीवाल शामिल हैं। इन सभी नेताओं की संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर मजबूत पकड़ मानी जाती है। इसके अलावा कुछ राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह को भी राजस्थान कांग्रेस का नेतृत्व सौंपे जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

नेता प्रतिपक्ष पद में भी बदलाव की चर्चा

राजस्थान विधानसभा में वर्तमान में टीकाराम जूली नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं। उन्हें एक आक्रामक और सक्रिय विपक्षी नेता के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने सरकार के खिलाफ कई मुद्दों पर मजबूत रुख अपनाया है। हालांकि पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, यदि नेतृत्व में बदलाव होता है तो नेता प्रतिपक्ष पद पर भी पुनर्विचार किया जा सकता है।

यदि बदलाव किया जाता है, तो संभावित नामों में गोविंद सिंह डोटासरा को नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा भी शामिल है। इसके अलावा शांति धारीवाल और राजेंद्र पारीक जैसे वरिष्ठ नेताओं को भी इस पद के लिए संभावित उम्मीदवार माना जा रहा है। डोटासरा को संगठनात्मक अनुभव और आक्रामक राजनीतिक शैली के लिए जाना जाता है, जिससे उन्हें विपक्ष की भूमिका में उपयुक्त माना जा सकता है।

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