राजस्थान को बड़ी सौगात, जयपुर–किशनगढ़ हाईवे होगा 6 लेन, 910 करोड़ की परियोजना को केंद्र की मंजूरी

जयपुर से किशनगढ़ के बीच NH-48 के 89.7 किमी हिस्से को 6 लेन बनाने की मंजूरी मिली। करीब 910 करोड़ की इस परियोजना से यात्रा समय कम होगा, सड़क सुरक्षा बेहतर होगी।

केंद्र सरकार ने जयपुर-किशनगढ़ के बीच NH-48 के 89.7 किमी हिस्से को 6 लेन बनाने की मंजूरी दी है। करीब 910 करोड़ की परियोजना से यात्रा समय घटेगा, सड़क सुरक्षा सुधरेगी और क्षेत्र में व्यापार तथा पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

Jaipur: राजस्थान के लिए सड़क अवसंरचना के क्षेत्र में एक बड़ी खबर सामने आई है। जयपुर से किशनगढ़ के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-48 के एक महत्वपूर्ण हिस्से को अब 6 लेन में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल गई है और इसे क्षेत्र के विकास के लिए एक बड़ी सौगात माना जा रहा है। इस हाईवे के चौड़ीकरण से न केवल यात्रा आसान होगी बल्कि व्यापार, परिवहन और पर्यटन को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

जयपुर से किशनगढ़ के बीच लगभग 89.785 किलोमीटर लंबे इस खंड को 6 लेन बनाने की योजना है। इस परियोजना पर करीब 910.90 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। परियोजना के स्वीकृत होने के बाद क्षेत्र के लोगों और व्यापारियों में उत्साह देखने को मिल रहा है क्योंकि इससे यात्रा समय कम होगा और सड़क सुरक्षा में भी सुधार होने की संभावना है।

केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने दी जानकारी

इस परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री Bhagirath Choudhary ने इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जयपुर से किशनगढ़ के बीच National Highway 48 के इस हिस्से को आधुनिक सुविधाओं के साथ 6 लेन में विकसित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य केवल सड़क को चौड़ा करना नहीं है बल्कि पूरे मार्ग को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना भी है। परियोजना के तहत सड़क के दोनों ओर सर्विस रोड बनाई जाएंगी ताकि स्थानीय यातायात को मुख्य मार्ग से अलग रखा जा सके।

इसके अलावा जिन स्थानों पर यातायात अधिक है वहां फ्लाईओवर भी बनाए जाएंगे। इससे वाहनों की आवाजाही सुगम होगी और जाम की समस्या में कमी आएगी।

एक्सेस कंट्रोल्ड कॉरिडोर के रूप में होगा विकास

परियोजना के तहत इस मार्ग को आंशिक रूप से एक्सेस कंट्रोल्ड कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका मतलब यह है कि सड़क पर प्रवेश और निकास के लिए तय स्थान होंगे, जिससे अनियंत्रित वाहनों की आवाजाही को रोका जा सकेगा।

इस तरह की व्यवस्था से सड़क पर यातायात अधिक व्यवस्थित रहेगा और दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी। एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे आमतौर पर तेज और सुरक्षित यात्रा के लिए बनाए जाते हैं, जहां वाहनों की आवाजाही बेहतर तरीके से नियंत्रित रहती है।

यात्रा समय में आएगी बड़ी कमी

राजस्थान को बड़ी सौगात, जयपुर–किशनगढ़ हाईवे होगा 6 लेन, 910 करोड़ की परियोजना को केंद्र की मंजूरी

जयपुर और किशनगढ़ के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह परियोजना खास तौर पर लाभदायक साबित हो सकती है। वर्तमान में इस दूरी को तय करने में लगभग दो घंटे का समय लगता है। लेकिन जब यह सड़क 6 लेन में विकसित हो जाएगी तो यात्रा समय में काफी कमी आएगी। अनुमान है कि यह दूरी लगभग एक घंटे कम समय में तय की जा सकेगी।

तेज और सुगम यात्रा से न केवल आम यात्रियों को फायदा होगा बल्कि माल परिवहन करने वाले ट्रकों और लॉजिस्टिक्स कंपनियों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। इससे व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी आने की उम्मीद है।

सड़क सुरक्षा में होगा सुधार

नई परियोजना के तहत सड़क सुरक्षा को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। मुख्य मार्ग के दोनों ओर सर्विस रोड बनाने का उद्देश्य यह है कि स्थानीय यातायात को अलग रखा जा सके। जब स्थानीय वाहन और लंबी दूरी के वाहन अलग-अलग मार्गों से चलेंगे तो टकराव की संभावना कम होगी। इसके अलावा फ्लाईओवर बनने से चौराहों पर होने वाली भीड़ और दुर्घटनाओं में भी कमी आने की संभावना है।

विशेषज्ञों के अनुसार सड़क चौड़ी होने और यातायात के बेहतर प्रबंधन से दुर्घटनाओं में कमी आती है और यात्रा अधिक सुरक्षित हो जाती है।

व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

जयपुर और किशनगढ़ के बीच यह मार्ग राजस्थान के महत्वपूर्ण परिवहन मार्गों में से एक है। यह सड़क राज्य के कई बड़े शहरों को जोड़ती है और व्यापारिक गतिविधियों के लिए भी अहम मानी जाती है। जब यह सड़क 6 लेन में विकसित हो जाएगी तो माल परिवहन की गति बढ़ेगी। इससे व्यापारियों और उद्योगों को भी फायदा मिलेगा।

इसके अलावा राजस्थान पर्यटन के लिए भी प्रसिद्ध है और जयपुर देश-विदेश के पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र है। बेहतर सड़क संपर्क से पर्यटकों के लिए यात्रा और भी आसान हो जाएगी। इसका सीधा लाभ स्थानीय होटल, पर्यटन व्यवसाय और छोटे व्यापारियों को भी मिल सकता है।

क्षेत्रीय विकास में होगी तेजी

बड़ी सड़क परियोजनाएं अक्सर किसी क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। बेहतर सड़क संपर्क से आसपास के क्षेत्रों में निवेश बढ़ता है और नए उद्योगों के आने की संभावना भी बढ़ जाती है।

जयपुर और किशनगढ़ के बीच बनने वाला यह 6 लेन हाईवे भी क्षेत्रीय विकास को गति दे सकता है। सड़क के आसपास के इलाकों में व्यापार, रियल एस्टेट और औद्योगिक गतिविधियों में वृद्धि होने की उम्मीद है। इसके साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं। निर्माण कार्य के दौरान भी बड़ी संख्या में लोगों को काम मिलने की संभावना रहती है।

राजस्थान की सड़क परियोजनाओं में नया कदम

राजस्थान में पिछले कुछ वर्षों में सड़क अवसंरचना को मजबूत करने के लिए कई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। राज्य और केंद्र सरकार दोनों ही बेहतर हाईवे और एक्सप्रेसवे के निर्माण पर ध्यान दे रहे हैं। जयपुर-किशनगढ़ मार्ग का 6 लेन में विस्तार भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बेहतर सड़क नेटवर्क से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलती है बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है।

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