राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों को लेकर सियासत तेज हो गई है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार जानबूझकर पंचायत चुनावों में देरी कर रही है।
Rajasthan Panchayat Election: कांग्रेस की राजस्थान इकाई ने मंगलवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ‘एक राज्य, एक चुनाव’ के नाम पर जानबूझकर पंचायती राज और नगरीय निकाय चुनावों में देरी कर रही है। पार्टी का कहना है कि इस देरी के कारण जमीनी स्तर पर विकास कार्य ठप पड़ गए हैं और लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं कमजोर हुई हैं।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने जयपुर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि कई पंचायत समितियों और जिला परिषदों में चुनाव नहीं हो सके हैं, क्योंकि उनका कार्यकाल दिसंबर 2026 तक वैध है। ऐसे में एक साथ चुनाव कराने की अवधारणा अव्यावहारिक साबित होती है।
कांग्रेस का आरोप: चुनाव टालने की मंशा साफ
कांग्रेस की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने जयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों को लेकर सरकार की नीयत स्पष्ट नहीं है और यह देरी सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। डोटासरा के अनुसार, राज्य की कई पंचायत समितियों और जिला परिषदों का कार्यकाल दिसंबर 2026 तक वैध है, ऐसे में सभी स्थानीय निकायों के चुनाव एक साथ कराना व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति “एक राज्य, एक चुनाव” की अवधारणा को ही सवालों के घेरे में खड़ा करती है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़ा सबसे अहम चरण—वार्ड परिसीमन—अब तक पूरा नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि तय समय सीमा बीतने के बावजूद किसी भी जिले में परिसीमन सूची का अंतिम प्रकाशन नहीं हुआ है। इसके चलते मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया भी रुकी हुई है।डोटासरा ने कहा, “यह साफ तौर पर दर्शाता है कि राज्य सरकार पंचायत चुनाव कराने को लेकर गंभीर नहीं है।” उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत बताया।

फंड रोके जाने का दावा
कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि पंचायत चुनाव न होने के कारण केंद्र सरकार ने राजस्थान को लगभग 3,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता रोक दी है। डोटासरा का आरोप है कि इसका सीधा असर ग्रामीण विकास योजनाओं और स्थानीय स्तर पर चल रहे कार्यों पर पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि अब सरकार जल्दबाजी में नियमों की अनदेखी करते हुए प्रक्रिया पूरी करने की कोशिश कर रही है, ताकि राजनीतिक दबाव से बचा जा सके।
BJP का पलटवार: राजनीति से प्रेरित बयान
कांग्रेस के आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा जवाब दिया है। BJP की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि परिसीमन प्रक्रिया पूरी तरह राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकार क्षेत्र में आती है और इसमें किसी भी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होता। राठौड़ ने डोटासरा के बयानों को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि कांग्रेस नेता बिना तथ्यों के आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की भाषा और बयान उसकी राजनीतिक हताशा को दर्शाते हैं।
BJP अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषदों का परिसीमन एक संवैधानिक प्रक्रिया है, जिसे निष्पक्ष तरीके से निर्वाचन आयोग द्वारा पूरा किया जाता है। उन्होंने कहा कि इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं होती और कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं।











