WEF दावोस में भारत की ग्रोथ स्टोरी, कली पुरी करेंगी अहम सत्र को संबोधित

WEF दावोस में भारत की ग्रोथ स्टोरी, कली पुरी करेंगी अहम सत्र को संबोधित

WEF दावोस 2026 में भारत की अर्थव्यवस्था पर विशेष सत्र आयोजित होगा। कली पुरी सहित वैश्विक दिग्गज चर्चा करेंगे कि आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच क्या भारत आने वाले वर्षों में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है।

WEF Davos 2026: स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में आज भारत की अर्थव्यवस्था पर एक बेहद अहम सत्र आयोजित किया जा रहा है। यह चर्चा ऐसे समय हो रही है जब पूरी दुनिया आर्थिक अनिश्चितता, जियोपॉलिटिकल तनाव और व्यापारिक दबावों से गुजर रही है। इसी मंच से यह सवाल उठाया जाएगा कि क्या भारत आने वाले वर्षों में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता रखता है।

कली पुरी का वैश्विक मंच से संबोधन

इंडिया टुडे ग्रुप की वाइस चेयरपर्सन और Executive Editor-in-Chief कली पुरी इस महत्वपूर्ण सत्र में अपना संबोधन देंगी। यह सत्र सेंटर फॉर रीजन्स, ट्रेड एंड जियोपॉलिटिक्स के तहत आयोजित किया जा रहा है। चर्चा का विषय रखा गया है “क्या भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है?”। इस सत्र का लाइव प्रसारण भी किया जाएगा। कार्यक्रम भारतीय समयानुसार दोपहर 2.45 बजे से 3.30 बजे तक चलेगा।

वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत की स्थिति

यह चर्चा ऐसे दौर में हो रही है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था कई स्तरों पर दबाव महसूस कर रही है। अमेरिका और चीन के बीच व्यापार तनाव, टैरिफ पॉलिसी, सप्लाई चेन बाधाएं और जियोपॉलिटिकल रिस्क ने दुनिया के बड़े बाजारों को प्रभावित किया है। इसके बावजूद भारत लगातार मजबूत आर्थिक प्रदर्शन कर रहा है और 6.5 प्रतिशत की विकास दर के साथ दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है।

तेज ग्रोथ के पीछे प्रमुख कारण

भारत की आर्थिक रफ्तार के पीछे कई ठोस कारण माने जा रहे हैं। बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश, हाईवे और रेलवे नेटवर्क का विस्तार, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और UPI जैसे पेमेंट सिस्टम ने अर्थव्यवस्था को नई गति दी है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में विस्तार और घरेलू खपत की मजबूती भी भारत की ग्रोथ को सहारा दे रही है। यही वजह है कि वैश्विक मंचों पर भारत को एक मजबूत ग्रोथ स्टोरी के रूप में देखा जा रहा है।

मौजूद चुनौतियों पर खुली चर्चा

तेज आर्थिक विकास के बावजूद भारत के सामने चुनौतियां भी कम नहीं हैं। अमेरिका की टैरिफ नीति जैसे फैसले भारतीय निर्यात और व्यापार के लिए दबाव पैदा कर सकते हैं। वैश्विक व्यापार तनाव और फाइनेंशियल मार्केट में अस्थिरता भारत की ग्रोथ पर असर डाल सकती है। इसी सत्र में यह भी चर्चा होगी कि भारत इन जोखिमों के बीच अपनी आर्थिक गति को कैसे बनाए रख सकता है।

सत्र में शामिल दिग्गज वक्ता

इस अहम चर्चा में कई बड़े वैश्विक और भारतीय नाम शामिल होंगे। कली पुरी के साथ IKEA के CEO जुवेंसियो माएज्तु हेरेरा, भारती एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की प्रसिद्ध अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव भी अपनी राय रखेंगे। ये सभी वक्ता निवेश, टेक्नोलॉजी, पॉलिसी और ग्लोबल रिस्क जैसे अहम मुद्दों पर अपने विचार साझा करेंगे।

कली पुरी की भूमिका

कली पुरी अपनी सधी हुई और बेबाक पत्रकारिता के लिए जानी जाती हैं। वैश्विक मंच पर उनका संबोधन भारत की ग्रोथ स्टोरी को एक संतुलित नजरिए से पेश करेगा। मीडिया, नीति और वैश्विक रुझानों की गहरी समझ के चलते उनका दृष्टिकोण इस चर्चा को और प्रभावशाली बना सकता है।

क्या कहता है IMF का अनुमान

इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड के अनुसार अगर भारत में आर्थिक सुधारों की रफ्तार बनी रहती है तो 2027 से 2030 के बीच भारत जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। 2026 तक भारत की विकास दर 6.6 से 7.3 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान जताया गया है। हालांकि अमेरिकी टैरिफ पॉलिसी और वैश्विक व्यापार तनाव अभी भी जोखिम बने हुए हैं।

WEF 2026 की थीम

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 की वार्षिक बैठक “A Spirit of Dialogue” थीम के तहत आयोजित की जा रही है। यह बैठक फोरम के इतिहास की सबसे उच्चस्तरीय बैठकों में से एक मानी जा रही है। दावोस में यह मंच दुनिया भर के नेताओं को संवाद और सहयोग का अवसर देता है।

वैश्विक नेताओं की मौजूदगी

दावोस 2026 में करीब 65 राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख हिस्सा ले रहे हैं। इसमें G7, G20 और BRICS देशों के कई शीर्ष नेता शामिल हैं। यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पिछले कई दशकों के सबसे कठिन दौर से गुजर रही है। अब तक फ्रांस और कनाडा जैसे देशों के नेताओं ने यहां संबोधन दिया है।

ट्रंप का आज का भाषण

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज शाम 7 बजे WEF के मंच से संबोधन देंगे। उनके भाषण पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं क्योंकि अमेरिकी नीतियों का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ता है।

इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी WEF दावोस में शामिल नहीं हो रहे हैं। उनकी गैरमौजूदगी के बावजूद भारत की आर्थिक कहानी इस मंच पर केंद्र में बनी हुई है। कली पुरी का संबोधन इसी संदर्भ में खास माना जा रहा है।

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